अवैध कब्जाधारी डेयरी संचालक पर वन अधिकारी मेहरबान

कई एकड़ वनभूमि पर डेयरी संचालक का कब्जा, वन विभाग के अधिकारियो का डेयरी संचालक को आशीर्वाद

Ajay Namdev- 7610528622

कोतमा। वन परिक्षेत्र कोतमा लतार सर्किल सकोला बीट वन भूमि पर जंगलों की अंधाधुंध कटाई और अवैध कब्जा निर्माण कार्य जोरों पर हो रहा है। जगह जगह वन भूमियों पर पेड़ों की कटाई करके आलीशान घर व डेरिया खोली गई हैं और वर्तमान समय में जंगलों की भूमि में अवैध रूप से दूध डेयरी संचालक मालिक द्वारा कई एकड़ वन भूमि पर अवैध कब्जा करके बाउंड्री व घर मकान बनाए गए है यह पूरा खेल लतार सर्किल पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों व बीट गॉर्ड की सांठगांठ के बिना करना संभव नहीं है।
वार्ड 8 ठिहाई टोला वनभूमि में कई एकड़ में संचालित डेयरी- भालूमाड़ा वार्ड क्रमांक 8 ठिहाई टोला लतार सर्किल साकोला बीट पर लगभग 4 से 5 एकड़ वनभूमि पर अवैध कब्जा करके दूध डेयरी संचालित किया गया है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ठिहाई टोला निवासी धनराज यादव मनराज यादव द्वारा कई वर्षों से धीरे-धीरे करके कई एकड़ वन भूमि पर सरई के पेड़ों की कटाई करके अपने मकान बना लिए और बाउंड्री वाल वर्तमान में बनाया गया कई सरई के पेड़ों को कटवा दिया गया व सराई के पेड़ कटवा कर उसके ठूठे मात्र छोड़ दिये गए जिसमे पशुओ को बंधा जाता है।
सैकड़ों जानवर बंध रहे वनभूमि पर- डेयरी संचालक द्वारा वन भूमि सकोला बीट पर जानवर बांधे जाते है जिससे जानवरों के मल-मूत्र से वन वृक्ष नष्ट हो रहे है साथ ही साथ वनभूमि में खोदाई करके सैकड़ों गाय भैसों के गोबर को फेका जा रहा है ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी वनपरिक्षेत्र कोतमा रेंजर लतार चौकी के डिप्टी रेंजर साकोला बीट व फारेस्ट गार्ड को नहीं है वन विभाग के सभी अधिकारी कर्मचारी अवैध कब्जाधारी डेयरी संचालक से अच्छी खासी मोटी रकम ले कर मामले में पर्दा डाला जाता है और उच्च अधिकारियों को उक्त वनभूमि में अवैध कब्जे की जानकारी तक नहीं दी जाती।
कैसे होता है मामला रफादफा- वन परिक्षेत्र  साकोला बीट लतार सर्किल के अधिकारी व कर्मचारी इतने चतुर चालाक बन बैठे हैं कि वन भूमियों में अवैध कब्जाधारी डेयरी संचालक के विरुद्ध अपनी कलम बचाने के लिए छोटी मोटी कार्यवाही करके मामला दर्ज कर दिया जाता है और लतार सर्किल साकोला बीट वार्ड क्र.8 ठिहाई टोला में कई एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा व मकान बाउंड्री बनाने के उपरांत आज तक वनभूमि में अवैध कब्जा बने मकान बाउंड्री को गिराने का कोई सार्थक प्रयास नहीं किया गया जिससे वन विभाग के अधिकारियों की मनसा साफ साफ नजर आती है यदि कोई गरीब वनभूमि में छोटी सी झोपड़ी व मकान बना लेते हैं तो यही वन विभाग के अधिकारी इतने नियम व मापदंड कड़े कानून का हवाला देकर अनान फांनन में उनकी झोपड़ी व मकान को धराशाई कर देते है लेकिन डेयरी संचालक धनराज मनराज पर इतने दिनों से अधिकारी मेहरबान क्यो है ये समझ से परे है।
इनका कहना है-

मीडिया द्वारा मुझे जानकारी मिली है कि वन भूमि सर्किल बीट लतार पर डेयरी संचालक द्वारा कई एकड़ वनभूमि पर अवैध कब्जा किया गया है मेरे द्वारा स्वयं निरीक्षण किया जाएगा यदि वनभूमि में पेड़ो की कटाई व अवैध कब्जा किया गया है तो कार्यवाही की जाएगी।
सिद्धार्थ दीपांकर

कोतमा,रेंजर प्राभारी

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