अवैध बोरिंग करते वाहन धराया

वाहन मालिकों पर कब होगी कार्यवाही

तहसीलदार की पहल के बाद, गेंद एसडीएम के पाले में

(रामनारायण पाण्डेय+91 99938 11045)
जयसिंहनगर। नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिबंध के बाद भी बिना रोकटोक बोर खनन का सिलसिला जारी है। जहां कुछ लोगों द्वारा शासन से अनुमति लेकर खनन करवाया जा रहा है। वहीं कुछ लोगों द्वारा बिना अनुमति के ही खनन करके आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है। दलालों द्वारा शासन प्रशासन से नजर बचाकर इस काम को अंजाम दिया जा रहा है। ताजा मामला जयसिंहनगर के कौआसरई का है, जहां तहसीलदार ने अवैध रुप से चल रही बोरवेल मशीन को जप्त कर प्रकरण दर्ज किया है।
यहां हुई कार्यवाही
मौसम में गर्मी और जल संकट से सभी आम-जन जूझ रहें हैं, जल का स्तर दिनों-दिन घटता जा रहा है, ऐसे में कुछ बोरवेल वाहन मषीनों के माध्यम से अपनी आय वृद्धि के लिये बिना शासकीय परमीषन जगह-जगह बोरवेल जल-स्त्रोत अवैध उत्खनन कार्य कराया जा रहा है, जबकि नियमानुसार जल संकट के मद्देनजर बिना कलेक्टर के आदेष के बोरवेल नहीं कर सकते। जिस पर जयसिंहनगर तहसीलदार द्वारा मुख्यालय के समीपवर्ती गांव कौआसरई में बोरवेल वाहन क्रमांक टीएन 34 बी 0159 को बोरवेल उत्खनन करते पकड़ा गया, जिस पर तहसीलदार जी द्वारा दण्डात्मक कार्यवाही की गयी। जानकारी के अनुसार उक्त वाहन पर मध्यप्रदेश पेय जल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत कार्रवाई की गई है।
कार्यवाही का पता नहीं
उक्त प्रकरण में से बोर खनन करने वाले गाड़ी पर अधिकारियों द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है, इसका जवाब देने में वह असमर्थ नजर आ रहे हैं, पूर्व में जिले में कहीं भी अवैध बोर करते खनन पकड़े जाने पर बोर में लगी गाडिय़ों को 10 दिन से 15 दिन तक
थाने में खड़ा किया जाता था, उसके बाद उक्त वाहनों पर सख्त कार्यवाही की जाती थी, लेकिन इस बार यह कार्यवाही किस करवट बैठेगी यह भी एक मुख्य बिन्दु है।
गाइडलाईन का नहीं हुआ पालन
विभागीय सूत्रों की माने तो सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथॉरिटी की गाइडलाइन के बाद जिले में अंधाधुंध तरीके से खुदने वाले बोरवेल पर प्रतिबंध लगाया है। इसके लिए धारा144 भी लागू की गई है। प्रतिबंध और गाइडलाइन का पालन कराने के लिए एक कमेटी है। इसमें एसडीएम, टीआई, नगर परिषद के अधिकारी भी शामिल हैं। ऐसा नहीं है कि इस अवैध बोर उत्खन को रोकने के लिए पुलिस को पहल नहीं करनी चाहिए, लेकिन जिम्मेदारों ने खुले रूप से इसे संरक्षण दिया हुआ है।
पूरी हो चुकी थी बोरिंग
कौआंसरई में हुई बोरिंग के मामले में मजे की बात तो यह है कि बोरिंग पूरी हो जाने के बाद स्थानीय अमला वहां पहुंचा और बोरिंग मषीन जब्त कर ली, जहां स्थानीय तहसीलदार द्वारा कार्यवाही में देरी न करते हुए उक्त वाहन को जब्त कर खड़ा कराया गया, तहसीलदार ने बताया कि अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रतिवेदन एसडीएम कार्यालय भेजा जा रहा है, जहां से उक्त वाहन पर आगे की कार्यवाही की जायेगी।
क्या इन पर भी होगी कार्यवाही
स्थानीय लोगों का कहना है कि चंद पैसों की लालच में विभागीय नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले बोर मषीन के मालिकों पर आखिर प्रषासन कब कार्यवाही करेगा, क्योंकि उनके पर कार्यवाही होने से ही आने वाले दिनों में अवैध बोरिंग पर अंकुष लग सकता है, साथ ही अगर उनके द्वारा चोरी छूपे बोरिंग की जाती है और वाहन पकड़ा जाता है तो किये गये बोर को भी बंद करवा देना चाहिए, जिससे विभागीय नियमों का अक्षरष: पालन हो सके, साथ ही जिसके यहां बोर हुआ है, उस पर कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए।

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