अवैध भंडारण पर बुढ़ार तहसीलदार और पुलिस को कार्रवाई से परहेज

(शहडोल से अमित दुबे)

शहडोल। बुढ़ार तहसील अंतर्गत आधा दर्जन गांवों में रेत अवैध भंडारण है, जिन पर कार्रवाई से बुढ़ार पुलिस और तहसीलदार परहेज कर रहे है। कलेक्टर ललित दाहिमा ने दो टूक शब्दों में समस्त एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि जिले रेत के खनन, परिवहन और भंडारण कार्रवाई की जाए लेकिन बुढ़ार क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार को रोकने में पुलिस और राजस्व अधिकारी नाकाम साबित हो रहे है। ऐसी स्थिति में दर्जनों स्थान पर रेत का अवैध भंडारण है और रेत माफिया धड़ल्ले से रेत का कारोबार कर रहे है।

इन गांवों में है भंडारण

बुढ़ार थाना क्षेत्र के पकरिया, कटकोना, सरईकापा, जरवाही सहित आधा दर्जन गांव में रेत का अवैध कारोबार संचालित हो रहा है। प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के लिए रेत कारोबारी रेत का भंडारण के लिए ऐसे स्थानों का चुनाव किया है जहां पर आसानी से प्रशासन को गुमराह किया जा सके, खबर है कि उक्त गांवो में रेत माफिया रेत भंडारण के लिए मंदिर, धार्मिक स्थल, निर्माणाधीन मकान के अलावा निजी मकानों के बाड़ियों सहित मुख्य मार्ग पर खाली स्थानों को चुना है। जहां पर दबिश दी जाए तो लाखों रुपये का अवैध रेत प्रशासन को मिल सकती है। यही नही इन गांवों में पंचायत के कर्मचारियों की मिली भगत देखी जा सकती है, सरकारी भवनों के निर्माण के आड़ में मकानों के सामने रेत का भंडारण देखा जा सकता है।

बटली व कसेड़ में खनन जारी

बुढ़ार थाना क्षेत्र के कई इलाकों में रेत का अवैध उत्खनन जारी है, खबर है सोन नदी के बटली घाट और कसेड़ नाले में रेत का अवैध उत्खनन प्रतिबंध के बाद भी जारी है, ऐसा नही है इस बात की खबर बुढ़ार पुलिस को नही है, जानकारी होने के बाद भी पुलिस कार्रवाई से क्यो परहेज कर रही है इसके पीछे का कारण स्थानीय पुलिस ही बता सकती है, सूत्रों की माने तो क्षेत्र में अवैध भंडारण और रेत के उत्खनन के इस काले कारोबार के पीछे एक नवीन नामक वर्दीधारी का संरक्षण है। जिसको लेकर रेत माफियाओ के हौसले बुलंद है और रेत का अवैध भंडारण आसानी से फल फूल रहा है।

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