आईजीएनटीयू : बेटी की मौत का रहस्य जानने भटक रही बेबस माँ, अमरकंटक विवि के प्रोफेसर के घर करती थी काम

(Ajay Namdev- 7610528622)

अनूपपुर। अमरकंटक जनजातीय विवि के एक प्रोफेसर के घर काम रही एक आदिवासी युवती की संदिग्ध परिस्तिथियों में मौत हो गई थी। मामले की शिकायत मृत युवती की बेसहारा मां ने अमरकंटक थाना और अनूपपुर पुलिस से की, लेकिन प्रोफेसर की रसूख के चलते पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जबकि पीडि़त आदिवासी मां पुलिस और विवि के चक्कर काट रही है उसके बाद भी कोई उसे न्याय नहीं मिल रहा है। एक ओर जहां विवि के कुलपति ने भी प्रोफेसर राकेश सिंह पर कोई कार्रवाई अब तक नहीं की वहीं पुलिस भी मामले को रफादफा करके आदिवासी युवती की संदिग्ध मौत को दबाने के प्रयास में जुटी है। इस मामले की शिकायत पीडि़त मां ने मुख्यमंत्री, गृहमंत्री के अलावा पुलिस मुख्यालय में भी की है।
क्या है मामला
अमरकंटक थाना के भेजरी गांव में रहने वाली बृहस्पतिया बाई पति भंवरलाल पनिका ने पुलिस से शिकायत की है कि उसकी बेटी सुनीता देवी अमरकंटक विवि के प्रोफेसर राकेश सिंह के घर नौकरानी का काम करती थी। राकेश सिंह के घर काम करते करते जब मेरी बेटी परेशान रहने लगी तब मैं उससे पूछी इसके बाद बेटी ने उसे बताया कि प्रोफेसर राकेश सिंह उसके ऊपर गलत नीयत रखता है और उसके साथ छेड़छाड़ भी करता है। इसके बाद उसने बलात्कार भी किया और किसी को बता देने पर जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। बेटी ने यह भी बताया कि प्रोफेसर राकेश सिंह ने उसके साथ बलात्कार के दौरान मोबाइल से वीडियो भी बना लिया था और मेरे पति को दिखा देने की धमकी देना लगा।
रानी बनाकर रखने का दिखाया सपना
मृतक की मां ने अपनी शिकायत में बताया कि इस घटना के बाद जब मैं राकेश सिंह से बात करने गई तो उसने कहा कि वह बेटी को रानी बनाकर रखेगा। मैं अपना परिवार यहां नहीं लाता हूं और आगे भी नहीं लाऊंगा। लेकिन तुम लोग यदि ज्यादा नाटक करोग तो मैं मोबाइल की रिकार्डिंग तुम्हारी बेटी के पति को दिखा दूंगा। बेटी की इज्जत को देखते हुए मैं शांत हो गई, लेकिन इसके बाद भी राकेश सिंह ने मेरी बेटी का बलात्कार करना नहीं छोड़ा।
खुद को कर लिया आग के हवाले
मृतक की मां ने अपनी शिकायत में बताया कि प्रो राकेश सिंह से तंग आकर एक दिन उनकी बेटी ने आग लगाकर अपनी जीवनलीला ही समाप्त कर ली। बेटी ने मां को बताया कि राकेश सिंह अपने अलावा किसी अन्य व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। यह बात की मेरी बेटी ने मुझसे बताई थी। इसके कुछ दिन बाद ही हर दिन की तरह वह राकेश सिंह के घर से काम करके घर वापस आई और खुद को आग लगाकर अपने जीवन को समाप्त कर लिया।
पुलिस नहीं करती कोई कार्रवाई
मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को की शिकायत में आदिवासी महिला ने बताया कि राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस राकेश सिंह के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। राकेश सिंह पुलिस अधिकारियों के साथ मिली भगत करके उनको गुमराह कर देता है जिस कारण पुलिस उसके बयान तक नहीं लेती। वहीं बार-बार शिकायत करने से मेरी जान को भी खतरा बना रहता है। राकेश सिंह कई लोगों को भेजकर मुझे धमकाता है। पीडि़ता ने मुख्यमंत्री कमलनाथ और गृहमंत्री बाला बच्चन से कार्रवाई की मांग की है।

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