”आयुक्त” पर भारी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी

अंतर्राज्जीय बसों के संचालन व रिजर्व पार्टी परमिट मामले में टूटे कायदे

नहीं थम रहा छत्तीसगढ़ और उत्तरप्रदेश की बसों का संभाग से अवैध परिवहन

(Amit Dubey+8818814739)
शहडोल। उत्तरप्रदेश राज्य के पंजीयन अधिकारी द्वारा डीलक्स श्रेणी स्लीपर यान अनुसार 21 सीटे 15 स्लीपर में पंजीकृत किया गया है, अर्थात उक्त वाहनों का पंजीकरण पंजीयन अधिकारी द्वारा केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1989 के नियम 128 के तहत पर्यटक यान में निर्मित नहीं हुई है, जो कि उक्त नियम 128 के उपनियम 10 के अनुसार पर्यटक यान में सीटें एवं सीटों की व्यवस्था 10 (2) अनुसार सीटों का लेआउट दोनों तरफ दो और दो, एक और दो या एक और एक होना चाहिए, जबकि विषयांकित वाहनों में सीटों की व्यवस्था इस तरह की नहीं हैं। उक्त वाहनेां में सीटे न होते हुए स्लीपर लगी हुई है, जो कि उक्त नियमावली के अनुरूप नहीं है, जो कि मोटर विधान अधिनियम 1988 की धारा 88 (9) के तहत स्वीकृत किये जाने वाले अनुज्ञापत्रों के लिए आवश्यक शर्त हैं। वाहनों का निर्माण अनुज्ञापत्र हेतु आवश्यक शर्तों के अनुसार निर्मित न होना से पर्यटक अनुज्ञापत्र की शर्तों का साफ-साफ उल्लंघन है, उक्त संबंध में केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम 128 (10) में उल्लेखित पर्यटक वाहन हेतु सीटें व सीटों की व्यवस्था संबंधी प्रावधान व परमिट हेतु केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम 82 जहां पर्यटक अनुज्ञापत्र हेतु पर्यटक वाहन का होना आवश्यक है।
यह लिखा आयुक्त ने पत्र में
आयुक्त ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शहडोल के अलावा रीवा और अनूपपुर के परिवहन अधिकारियों को पत्र भेजकर उत्तरप्रदेश से इन तीनों जिलों की सीमा से होकर गुजरने वाली बसों के संदर्भ में वीरेन्द्र सिंह की शिकायत के बाद पत्र भेजा था, जिसमें स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि पर्यटकयानों को मंजिली गाड़ी हेतु निर्धारित किसी भी बस स्टैण्ड पर खड़ा नहीं किया जायेगा और न ही वे बस स्टैण्डों से रवाना होगी। परमिटधारक पर्यटकयान को मंजिली गाड़ी के रूप में संचालित नहीं करेगा। उल्लेखित वाहनों का निर्माण में पर्यटक अनुज्ञा पत्र हेतु निर्धारित शर्तों का भी उल्लंघन किया गया है। साथ ही कबीरचबूतरा (अमरकंटक), रामनगर, छिरियाटोला, खुटाटोला, वेंकटनगर, सोहागी बैरियर तथा अपने अधीनस्थ चेकपोस्टों को भी आवश्यक निर्देश प्रदाय कर उक्त बसों का अनियमित संचालन बंद करायें। इसके अलावा सतत चेकिंग करें तथा की गई कार्यवाही से अवगत भी कराया जाये।
यह कहते हैं कायदे
पर्यटकयान पर नियम 85 उपनियम 7 और 8 में निर्दिष्ट रीति से सफेद रंग और बॉडी के बाहरी भाग पर बीच में पांच सेंटीमीटर चौड़ा नीला रिबिन लगा होगा। डिजाईन उक्त नियम 128 के उपनियम 2 से लगायत 8 तक उल्लेखित है, वाहन स्वामी/परमिटधारी वाहनों का निर्माण में अनुज्ञा पत्र शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं, वाहनों के संबंध में शिकायत के बाद परिवहन आयुक्त द्वारा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रीवा-शहडोल एवं जिला परिवहन अधिकारी अनूपपुर को उक्त बसों का अनियमित संचालन बंद कराने एवं सतत चेकिंग करने के साथ ही कार्यवाही से अवगत कराने के साथ ही विभाग को अवगत कराने को कहा था, लेकिन विभाग द्वारा 11 माह बाद भी वैधानिक कार्यवाही नहीं गई और न ही अवैध संचालन बंद कराया गया।
यह कर रहे बस मालिक
विभाग में जमा होने वाले करों को भी कथित बस संचालकों द्वारा चोरी किया जा रहा है, वाहन मालिकों द्वारा वाहनों को नियमित रूप से संचालन किया जाता है, परन्तु उक्त वाहनों पर मध्यप्रदेश राज्य का कर संपूर्ण माह का न जमा करते हुए केवल माह में कुछ दिनों का ही जमा किया जाता है, साथ ही वाहनों में नियमित रूप से क्षमता से अधिक सवारियों को भरकर संचालन किया जाता है, सभी सवारियों से टिकट देकर पूरा किराया वसूला जाता है, वाहनों का संचालन की प्रक्रिया व बिना कर भुगतान संचालन करना भी पर्यटक अनुज्ञा पत्र की शर्तों का उल्लंघन है, बावजूद इसके क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।

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