उमरार की अधूरी सफाई कर गायब हुए दिखावे के भागीरथी…!

उमरार नदी सहित अन्य जल स्रोतों का बुरा हाल

(दीपू त्रिपाठी-9926871070)

उमरिया जिले मे मानसून के पहले बरसात के पानी को एकत्र करने की जिला प्रशासन की पहल गायब सी हो गई है यहां तक की कुछ ग्राम पंचायतो मे तालाबों और नदियों की साफ सफाई कर उसमे पानी रोकने की पहल की गई थी लेकिन समय के साथ यह पहल अब दिखावा साबित होने लगा है लोगो के जुबान पर बस एक ही कहानी सुनने को मिल रही है कि इसी पानी को आकाश से उतारने के लिए हजारों वर्ष पहले भागीरथी नामक ऋषि ने तप कर धरती मे पानी लाया था, ठीक उसी प्रकार से उमरिया की उमरार को जीवित करने के लिए पहल की गई लेकिन सफाई का काम आधे मे ही छोड़कर दिखावे के भागीरथी गायब से हो गये है। यह तो जग जाहिर है कि हर अधिकारी केवल फोटो खिचंवाने तक ही सफाई अभियान मे हिस्सेदारी निभाई। मुख्यालय की जीवन दायिनी उमरार भी हर साल की तरह इस साल भी लापरवाही का शिकार होकर रह गई।

जमकर लूटी वाहावाही
एक तरफ था चुनाव और दूसरी तरफ थी उमरार की सफाई, जहां कलेक्टर के आदेश की नाफरमानी करने किसी मे साहष न था सब अपने हिसाब से सफाई करने पहुंचे लेकिन खलेसर घाट के अलावा पूरी की पूरी नदी अपने पुरानी तस्वीर मे ही नजर आ रही है। जल स्त्रोतों को जीवित करने का यह बुखार ऐसा चढ़ा कि अखबारों की सुर्खियां बटोरने के लिए जिला प्रशासन स्वयं आगे आया और पंचायतो के तालाबों का यह कार्य ग्राम पंचायतों को सौंपा गया जो कि अन्य कामों की तरह यह भी लापरवाही की भेंट चढ़ गई लेकिन किसी भी जिम्मेदार ने इनके लिए जहमत नही उठाई।

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