एनडीसी में दमतोड़ रहा सूचना का अधिकार अधिनियम

निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी सूचना तक नहीं भेजते
महाविद्यालय के बजट व कर्मचारियों की नियुक्ति में गड़बड़झाला

(Amit Dubey-8818814739)
शहडोल । शासकीय नेहरू डिग्री कालेज बुढ़ार में सूचना का अधिकार अधिनियम का खुलकर माखौल उड़ाया जा रहा है, निर्धारित शुल्क जमा करने व निर्धारित अवधि पूर्ण होने के बाद भी महाविद्यालय प्रबंधन उक्त अधिनियम के तहत आवेदकों को जानकारी मुहैया नहीं कराया जा रहा है, इसके पीछे बीते तीन से चार वर्षाे के दौरान यहां शासन द्वारा आवंटित बजट का दुरूपयोग करने व अतिथि विद्वानों के साथ अन्य कर्मचारियों की भर्ती और उनसे मनमानी पूर्वक कराया जा रहा कार्य प्रमुख है। इस संबंध में यदि महाविद्यालय प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी अगर बीते 3 से 4 वर्षाे के दौरान यहां किये गये खर्चाे की जानकारी लें तो व्यापक पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है।
यहां-यहां की मनमानी
महाविद्यालय में बीते 5 वर्षाे के दौरान अस्थाई रूप से रखे गये कर्मचारियों और समय-समय पर नियुक्त किये गये अतिथि विद्वानों को नियमों को ताक पर रखकर नियुक्त किया गया और उन्हें मनमाने ढंग से भुगतान किये गये, सूचना के अधिकार के तहत वर्ष 2013 से 2018 तक पदस्थ अस्थाई कर्मचारी के साथ एस.पी. साहू, अजय जैन, साधो राम की नियुक्ति किस व्यवस्था के तहत की गई, उसकी जानकारी मांगी गई, लेकिन प्रबंधन ने जानकारी देने की जगह चुप्पी साध ली।
ऑडिटोरियम रख-रखाव में भर्रेशाही
महाविद्यालय में बने इंडोर ऑडिटोरियम के रख-रखाव हेतु जो राशि खर्च की जाती है, उसमें व्यापक पैमाने पर भर्रेशाही की खबरें हैं, इसके अलावा महाविद्यालय में संदीप गुप्ता नामक अतिथि विद्वान के कार्य के संदर्भ तथा उन्हें प्रतिमाह दिये जाने वाले पारिश्रमिक के संदर्भ में जानकारी चाही गई थी, साथ ही बीते 5 वर्षाे के दौरान बीकॉम, सीए, सीएस, एम.कॉम., बी.एस.सी.सी.एस. की कक्षाओं को पढ़ाने वाले अतिथि विद्वानों की जानकारी चाही गई थी, लेकिन महाविद्यालय प्रबंधन ने जानकारी देना तो दूर पत्र प्राप्ति की सूचना और आगे की कार्यवाही के संदर्भ में भी जानकारी देना मुनासिब नहीं समझा।

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