कमल नाथ द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रीमती गाँधी का पुण्य-स्मरण

शहडोल: कमल नाथ ने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री और विश्व की नेता स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गाँधी की जयंती पर उनका पुण्य-स्मरण किया। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखण्डता के लिए बलिदान देने और भारत को विश्व शक्ति बनाने में श्रीमती गाँधी का योगदान इतिहास के पन्नों में हमेशा स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा।
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि श्रीमती गाँधी के नेतृत्व में देश ने चहुँमुखी विकास किया। उन्होंने बीस सूत्रीय कार्यक्रम के जरिए ग्रामीण विकास को नया आयाम दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुट निरपेक्ष आंदोलन को मजबूत बनाने में श्रीमती इंदिरा गाँधी का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि श्रीमती गाँधी ने भारतीय सीमाओं की रक्षा करते हुए वर्ष 1971 में पाकिस्तान से हुए युद्ध में उसे करारी शिकस्त देते हुए इतिहास में पहली बार एक लाख से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों को आत्म-समर्पण के लिए मजबूर किया। उन्होंने बांग्लादेश को आजादी दिलाकर वहाँ लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कमल नाथ ने कहा कि आज जब देश में विघटनकारी शक्तियाँ देश की एकता और अखण्डता को चुनौती दे रही हैं, ऐसे समय में हमें श्रीमती गाँधी के सशक्त नेतृत्व की याद आती है।
कमल नाथ ने कहा कि सर्वधर्म-समभाव के साथ हमारे देश की अनेकता में एकता अक्षुण्ण रहे, इसके लिए श्रीमती गाँधी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

कमल नाथ द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रीमती गाँधी का पुण्य-स्मरण

शहडोल: कमल नाथ ने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री और विश्व की नेता स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गाँधी की जयंती पर उनका पुण्य-स्मरण किया। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखण्डता के लिए बलिदान देने और भारत को विश्व शक्ति बनाने में श्रीमती गाँधी का योगदान इतिहास के पन्नों में हमेशा स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा।
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि श्रीमती गाँधी के नेतृत्व में देश ने चहुँमुखी विकास किया। उन्होंने बीस सूत्रीय कार्यक्रम के जरिए ग्रामीण विकास को नया आयाम दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुट निरपेक्ष आंदोलन को मजबूत बनाने में श्रीमती इंदिरा गाँधी का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि श्रीमती गाँधी ने भारतीय सीमाओं की रक्षा करते हुए वर्ष 1971 में पाकिस्तान से हुए युद्ध में उसे करारी शिकस्त देते हुए इतिहास में पहली बार एक लाख से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों को आत्म-समर्पण के लिए मजबूर किया। उन्होंने बांग्लादेश को आजादी दिलाकर वहाँ लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कमल नाथ ने कहा कि आज जब देश में विघटनकारी शक्तियाँ देश की एकता और अखण्डता को चुनौती दे रही हैं, ऐसे समय में हमें श्रीमती गाँधी के सशक्त नेतृत्व की याद आती है।
कमल नाथ ने कहा कि सर्वधर्म-समभाव के साथ हमारे देश की अनेकता में एकता अक्षुण्ण रहे, इसके लिए श्रीमती गाँधी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।