क्रेसर की संचालिका पर आपराधिक प्रकरण दर्ज

पीसीबी ने न्यायालय में पेश किया परिवाद

(Amit Dubey-8818814739)

शहडोल। गोहपारू तहसील के ग्राम असवारी में स्थित मेसर्स आदित्य स्टोन क्रेसर के द्वारा बीते दो सालों से अधिक समय से विभागों के नियमों की अनदेखी कर क्रेसर का संचालन किया जा रहा था। कई बार विभागीय अधिकारियों ने नोटिस भी भेजे, लेकिन कोई सार्थक कदम संचालिका की ओर से पर्यावरण संरक्षरण अधिनियम के तहत् नही अपनाए गये। क्षेत्रीय अधिकारी संजीव कुमार मेहरा ने वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1981 की धारा 21 एवं 31 क का उल्लंघन करने पर परिवाद धारा 37 के अंतर्गत मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में विभाग की ओर से कार्यपालन यंत्री एसपी झा ने दायर किया है। मामले की अगली सुनवाई 24 अपै्रल को निहित की गई है।
दर्ज हुआ प्रकरण
पर्यावरण संरक्षरण अधिनियम की धाराओं के तहत् क्रेसर संचालिका श्रीमती माया सिंह के विरूद्व न्यायालय में पीसीबी ने आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया है, जिसमें जुर्माने के साथ ही सजा की कठोर प्रावधान है। 31 दिसम्बर 2017 को विभागीय अधिकारियों ने क्रेसर संचालिका को नोटिस भेजते हुए पर्यावरणीय नियमों के तहत् प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था बनाते हुए उद्योग के संचालन करने के लिए नोटिस भेजा था, लेकिन उसके बाद से किसी भी प्रकार का कोई पत्राचार न करते हुए बिना अनुमति के क्रेसर से गिट्टी का निर्माण किया जा रहा था। दिलीप बिल्डीकान प्राइवेट लिमिटेड के मालिक दिलीप सूर्यवंशी के खिलाफ भी आर.ओ. संजीव कुमार मेहरा ने न्यायालय आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाया था, जिसके बाद यह दूसरा प्रकरण पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन करने का अदालत तक पहुुंचा है।
इन पर भी गिर सकती है गाज
पीसीबी ने शहडोल, अनूपपुर, उमरिया और डिंडौरी जिले के कई क्रेसर संचालकों को जल एवं वायु अधिनियम, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत् प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश जारी किये है, लेकिन उसके बाद भी संचालकों के द्वारा बोर्ड के आदेशों का पालन नही किया जा रहा है। पीसीबी के द्वारा जल्द ही ऐसे लापरवाह क्रेसर संचालकों के विरूद्व कडी कार्यवाही करने के लिए सूची तैयार की जा रही है। नियमों के उल्लंघन पाये जाने पर सभी के विरूद्व अदालत में प्रकरण दर्ज किया जायेगा।

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