गरीब अनुसूचित जनजाति के किसान की जमीन को नहर बनाकर किया जा रहा बरबाद

Ajay Namdev- 7610528622

जल संसाधन विभाग ने बनाया कंक्रीट पोल, शिकायत के बाद भी नहीं सुन रहा कोई, पीड़ित किसान ने परेशान होकर भेजा कानूनी नोटिस

अनूपपुर। जिले के अंतर्गत ग्राम अमलई के गरीब किसान संत लाल पनिका को उसकी निजी भूमि पर जल संसाधन विभाग द्वारा नहर बनाने के नाम पर टीला नुमा मिट्टी का भराव करके बंजर बनाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर उपजाऊ जमीन पर कंक्रीट पोल बना दिया गया है जिसकी शिकायत किसान द्वारा करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है जिससे परेशान होकर पीड़ित ने अब कानून का सहारा लिया है*यह है मामला*पीड़ित किसान संत लाल पनिका उम्र 40 वर्ष पिता सेवक दास पनिका निवासी अमलई जो कि अनुसूचित जनजाति का है ने अपने वकील अरुण कुमार सोनी के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन विभाग उप संभाग कोतमा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर जिला अध्यक्ष अनूपपुर जिला अनूपपुर व प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन भोपाल को कानूनी नोटिस देते हुए बताया कि वह ग्राम अमलई का पुश्तैनी निवासी है अपने निजी भूमि पर कृषि कार्य करके अपना जीवन यापन करते आ रहा है अमलाई ग्राम पटवारी हल्का अमलाई राजस्व निरीक्षक मंडल फुनगा तहसील एवं जिला अनूपपुर मध्य प्रदेश के अंतर्गत स्थित कास्त की आराजी खसरा नंबर 537 रखवा 0, 308 हेक्टेयर भूमि जिस पर प्रतिवर्ष वह धान गेहूं चना की पैदावार कर रहा था।

कुछ जमीन को एसडीएम ने किया अधिग्रहित- संत लाल पनिका ने नोटिस के माध्यम से बताया कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर द्वारा ग्राम अमलाई स्थित आराजी खसरा नंबर 537 का अंश भाग 0, 0 64 हेक्टेयर भूमि को नोटिस देकर न्यायालय से निराकृत राजस्व प्रकरण क्रमांक 16 29/अ- 82 /2016- 17 द्वारा गांव की अन्य भूमियों के साथ ही गोहरारी डायवर्सन योजना के अंतर्गत अधिग्रहित किया जा कर चेक के माध्यम से 30 जनवरी 2018 को मुआवजे की राशि का भी भुगतान किया जा चुका है फलस्वरूप अधिग्रहण उपरांत ग्राम अमलई स्थित आराजी खसरा नंबर 537 का अंश भाग 0, 244 उसके कब्जे में बचा है*जल संसाधन विभाग ने मिट्टी का किया भराव कंक्रीट का बनाया पाया*जल संसाधन विभाग द्वारा  ग्राम अमलई स्थित भूमियों से नहर का निर्माण कराया जा रहा है वर्तमान में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है नहर के निर्माण हेतु भूमि पर मिट्टी भराई कर उस पर ही नहर निर्माण कराया जा रहा है जिस कारण  संतलाल पनिका की भूमि पर पानी भरा रहेगा और वह भूमि कृषि योग्य नहीं रह जाएगी जिससे खेती वहां पर नहीं होगी भूमि के मेड के उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर बहने वाला चिलहा नाला पूर्व से मौजूद है जहां पर विभाग द्वारा निजी भूमि पर मेड में कंक्रीट का 1 पाया निर्मित कराया गया है जिससे निचले सतह में ढलान के कारण जिसमें पश्चिम दिशा में अन्य काश्तकारों की भूमियों से होकर वर्षा का पानी उक्त भूमि पर से आपके निर्माण के कारण आएगा जिससे उक्त भूमि क्षतिग्रस्त हो जाएगी।

प्रमुख सचिव भोपाल व सी एम हेल्पलाइन में शिकायत पर नहीं हुई कार्यवाही- उक्त पूरे मामले की शिकायत पूर्व में किसान संत लाल पनिका द्वारा प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन भोपाल को दिनांक 5 फरवरी 2019 को लिखित शिकायत किया गया था इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन में शिकायत क्रमांक 7766695 दिनांक 8 फरवरी 2019 को किया था जिस पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं किया गया जबकि जिला अध्यक्ष महोदय एवं मध्य प्रदेश शासन के सभी लोग प्रशासनिक नियंत्रण में है।

न्याय की मांग- संतलाल पनिका ने नोटिस के माध्यम से बताया कि नोटिस प्राप्ति के 60 दिवस के दरमियान विभागीय अधिकारी जल संसाधन विभाग से मांग किया है उसकी भूमिका निरीक्षण करा कर बरसा जल की निकासी हेतु उचित व्यवस्था कराया जाए ताकि उसके निजी भूमि की कृषि भूमि पर बरसा जल एकत्र न हो और वह कृषि कार्य से वंचित ना हो अन्यथा भविष्य में वर्षा जल का पानी एकत्र होगा तो उससे होने वाली आर्थिक व मानसिक क्षति के लिए वह मध्य प्रदेश शासन के विरुद्ध सक्षम न्यायालय मैं कार्रवाई के लिए बाध्य होंगा जिसकी समस्त हरजे खर्चे के लिए शासन उत्तरदाई होवेगा।

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