घर-घर पूजे गए बलदाऊ, मना हलछठ पर्व

अनूपपुर। जिले भर में हलछठ का पर्व धूमधाम से मनाया गया, महिलाओं ने पुत्र के दीर्घायु व परिवार की समृद्धि के लिए व्रत रखा, दिन भर धार्मिक स्थलों पर पूजा व अनुष्ठान का दौर चलता रहा, महिलाओं ने बिना जोती-बोई भूमि से उपजे अन्न का सेवन किया और विविध अनुष्ठान पूरे किए, सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार जन्माष्टमी पर्व के तीन दिन पूर्व भगवान श्रीकृष्ण के अग्रज बलराम का जन्मोत्सव रविवार को मनाया गया। पुत्रवती महिलाएं इस दिन व्रत रखकर परंपरा के अनुसार पूजन-अनुष्ठान करती हैं।
की पूजन अर्चन

महिलाओं ने हाथों से प्रतीकात्मक तालाब निर्मित कर कुश व ढाक की स्थापना करके परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना की। दही से अभिषेक किया गया। बिना जोती गई भूमि में उपजे हुए अनाज से पकवान निर्मित किए गए। उन्हें प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। महिलायें एकत्रित होकर पूजा की, पूजन के लिए 6 महुआ के पत्ते रखती रखी, जिसपर महुआ, भैंस के दूध का दही, तीनि का चावल, तीनि के चावल से बने आटे से भैंस के घी में छना पूडी चढ़ााई फिर कुस को जमीन में लगाकर एक उंगली से छह गांठ लगाई और नये वस्त्र चढ़ाई। इसके बाद सभी महिलाएं 6 कहानी और 6 गीत गाई, पूजा की समाप्ति पर सभी एक दूसरे को प्रसाद दी, पूजा के स्थान से चलने से पहले अपने से बडे का पैर छकर आशीर्वाद ली, अंत में सभी महिलाएं गीत गाते हुए अपने घर की ओर प्रस्थान की।

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