चोरी के कोयले से खपाई जा रही है र्इंट भट्टे

Ajay Namdev-7610528622

कोयलांचल में सैकड़ों अवैध इंटे भे संचालित

अनूपपुर जिले के कोयलांचल नगरी जमुना कोतमा क्षेत्र में सैकड़ों स्थानों पर अवैध रूप से र्इंट बनाने का कारोबार बेरोकटोक जारी है। ईंट निर्माता खनिज विभाग के बिना अनुमति के अवैध रूप से र्इंट का निर्माण कर रहे हैं बल्कि इन ईट भों में सैकड़ों टन चोरी का कोयला भी खप रहा है। बीते तीन महीनों से पुन: लग रहे ईंट भट्टो में अभी तक सैकड़ों टन चोरी का कोयला खप चुका है और लगातार इन भट्टों का लगना जारी है।

अनूपपुर। कोयला कहां से खरीदा जा रहा है और किस तरह ईंट भट्टो तक पहुंचाया जाता है इसकी जानकारी के पुलिस, रेलवे विभाग, खनिज विभाग व राजस्व विभाग एवं कालरी प्रबंधन को पूरी तरह रहती है। बावजूद इसके अवैध कोयले की खरीद फरोख्त को लेकर कभी भी किसी विभाग ने ना तो ईट भट्टो पर दबिश दी और ना ही कोयले की आपूर्ति के संदर्भ में उनसे कोई सवाल ही पूछे गए।
क्षेत्र में नहीं है वैज्ञानिक विके्रता
जमुना कोतमा क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे जिले में पूरे संभाग में कोई ऐसा अधिकृत प्रतिष्ठान नहीं है। यहां से इन ईंट भट्टो को कोयले की आपूर्ति की जा सके ऐसी परिस्थिति में ईंट भट्टा व्यवसाय कारोबारी बाहर से भी कोयले की खरीदी नहीं कर रहे हैं। जाहिर है कि प्रतिदिन खप रहे हजारों टन कोयला अवैध रूप से उत्खनन व चोरी और उसका व्यापार करने वाले कारोबारियों से खरीदा जाता रहा है, यह सिलसिला आज से नहीं बल्कि कई वर्षों से लगातार जारी है बावजूद इसके इन पर रोक लगाने वाले सभी विभाग चुप्पी साधे हुए हैं।
कोयला चोरी को बढ़ावा
लगातार बढ़ रहे ईट के व्यवसाय के साथ ही कोयला चोरी और उस की खरीद फरोख्त का कारोबार भी बड़ी तेजी के साथ बढ़ा है। क्षेत्र के लगभग ईंट भट्टे लगे हुए हैं और लगातार लग भी रहे हैं और यहां चुनिंदा स्थानों से कोयले की आपूर्ति भी हो रही है। अचरज की बात है कि पुलिस और रेलवे विभाग कोयले की चोरी और परिवहन को नजर अंदाज कर रहा है। वहीं जमुना कोतमा क्षेत्र ही नहीं बल्कि आस-पास के हर दूसरे गांव में अवैध ईटा पकाया जा रहे है। प्रदूषण सहित अन्य नुकसान
ईंट निर्माण के कारण बड़े पैमाने पर कोयला चोरी को बढ़ावा मिल ही रहा है साथ ही प्रदूषण बाल श्रम व अन्य सरकारी कायदों की भी बलि चढ़ रही है। कोयला अंचल के गोविंदा साइडिंग से दिन रात माफिया रेलवे के वैगनों से प्रतिदिन हजारों टन कोयला निकाल कर बेचा जाता है और क्षेत्र के कोतमा केवई नदी के पास, जमुना बस्ती, बकरा मार्केट, कुशियरा, भालूमाडा, नदी टोला आदि ऐसे स्थान हैं जो र्इंट निर्माण के लिए ही जाने जाते हैं। इन सभी स्थानों पर अवैध कोयले की खपत सहित सभी सरकारी कायदों को दम तोड़ते देखा जा सकता है।
यहां से निकल रहा कोयला
जमुना कोतमा क्षेत्र से वैसे तो छुटपुट कोयला कई जगहों से निकाले जाने की सूचना है, लेकिन क्षेत्र का मुख्य केन्द्र बिंदु जमुना कोतमा क्षेत्र के उप क्षेत्रीय प्रबंधक कोतमा गोविंदा स्थित रेलवे साइडिंग जहां से बड़ी मात्रा में कोयले की चोरी बेरोकटोक हो रहा है और वहां से पिकअप तथा साइकिल के माध्यम से कोयला परिवहन कर ईंट ईट भट्टों तक पहुंचाता है। वहीं हरद रेलवे स्टेशन से आये दिन कोयले की चोरी की जा रही है, ऐसा नहीं है कि आरपीएफ को इसकी जानकारी न हो लेकिन वह भी पैसे की लेनदेन कर चुप हो जाते हैं।
कार्यवाही की मांग
जमुना कोतमा क्षेत्र की जनता ने पुलिस, रेलवे, खनिज, राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग किया है कि गोविंदा साइडिंग में खुलेआम हो रहे कोयला चोरी को रोका जाए। साथ ही क्षेत्र में अवैध तरीके से लगे ईट भट्टों की छापामार कार्यवाही कर कानूनी कार्यवाही की जाए, ताकि देश की संपदा को चोरी व दोहन होने से बचाया जा सके।

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