जमीन हथियाने के लिए कर दी मारपीट, प्रार्थी ने किया था भूमि की रक्षा के लिए दावा प्रस्तुत

पुलिस ने नही ली थी शिकायत की सुध और हो गई मारपीट, न्यायालय में स्थगन के बावजूद किया जा रहा था निर्माण कार्यमना करने पर किया हमला 

Ajay Namdev- 7610528622

अनूपपुर। भूमि में कब्जेधारियों की निगाहे हमेशा लगी रहती है। कब्जेधारियों को जिस स्तर तक जाना पडे वे जाने को तैयार रहते है। बिना भय के दबंगई दिखाते हुए सीधे-साधे व प्रतिष्ठित परिवार के पट़्टे की भूमि पर भी इनकी निगाहे पड चुकी है। पहले भी मामले की शिकायत थाने और न्यायालय तक पहुंच चुकी है, लेकिन शनिवार की शाम भूमि स्वामी के ऊपर जानलेवा हमला कर दिया गया। जब तक पुलिस पहुंचती तब तक दो युवको को घायल कर दिया गया था। कब्जेधारियों ने पुष्पेन्द्र त्रिपाठी एवं नाजिर अहमद के साथ बुरी तरह मारपीट करते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया।जांच पर अटकी थी पुलिसजिला मुख्यालय स्थित वार्ड क्रमांक 2 पूराने परिवहन कार्यालय के बगल से लगी जमीन पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत 8 जनवरी को कोतवाली अनूपपुर में फरियादी सनत कुमार त्रिपाठी द्वारा दर्ज कराई थी, शिकायत में फरियादी द्वारा अतिक्रामकों व राजस्व निरीक्षक की मिली भगत का आरोप लगाते हुए उनकी आराजी भूमि पर जबरन कब्जा करते हुए निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जबकि इस भूमि के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी के न्यायालय से स्थगन के साथ ही सिविल कोर्ट में मामला विचाराधीन है। शिकायत के बाद पुलिस द्वारा सिर्फ जांच की बात कही जा रही थी। अतिक्रमण रोकने का किया था प्रयासअतिक्रामकों द्वारा लगातार निर्माण कार्य कराया जा रहा था जिस पर 12 जनवरी की दोपहर सनत त्रिपाठी के पुत्र एवं सप्ताहिक समाचार पत्र अनूपपुर समाचार के संपादक पुष्पेन्द्र त्रिपाठी अपने साथी नजीर के साथ अतिक्रामकों को निर्माण कार्य नहीं किए जाने के लिए मौके पर पहुंचे जहां अतिक्रामकों ने उनके साथ बहस करते हुए अचानक दोनो पर जानलेवा हमला कर दिया। जिसमें गंभीर रूप से घायल हुए पुष्पेन्द्र त्रिपाठी व नजीर ने पुलिस को  रामावतार राठौर, गणपत राठौर, लक्ष्मण राठौर, ऋषिराम राठौर, रतिराम राठौर के नाम भी बतलाए। वहीं इस प्रकरण में घायल पुष्पेन्द्र त्रिपाठी ने यह भी बतलाया कि यहां आने से पूर्व उन्होने स्वयं कोतवाली थाना प्रभारी प्रफुल्ल राय को अवगत भी कराया था। वहीं मौके पर मारपीट से पहले बार-बार पुष्पेन्द्र त्रिपाठी द्वारा फोन किए जाने के बाद भी कोतवाली प्रभारी मौके पर नहीं पहुंचे। वहीं जिला मुख्यालय में कोतवाली से लगभग डेढ से 2 किमी मुख्य मार्ग के किनारे हुए इस खूनी संघर्ष की खबर मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जहां पुलिस ने लोगों के बताए अनुसार दो महिला व दो पुरूष को अभिरक्षा में ले लिया है। हमले में पुष्पेन्द्र त्रिपाठी के सर व चेहरे पर गंभीर चोटे आई हैं। पुलिस द्वारा निर्माण सामग्री को जब्त भी किया है। वहीं निर्माण में प्रयुक्त की जा रही पाइप को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का बतलाया जा रहा है। वहीं पुलिस घायल के मेडिकल के उपरांत ही आरोपियों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किए जाने की बात कही जा रही है।यह है मामलाग्राम सामतपुर के वार्ड नंबर-2 में स्थित भूमि जिसका आराजी खसरा क्रमांक-290/2, करवा 2.426 हेक्टेयर भूमि दस्तावेज में उपलब्ध है, लेकिन कुछ व्यक्तियों के द्वारा कब्जा करने की नीयत से पिल्लर गाडने का प्रयास किया जा रहा था, जिसके बाद से प्रार्थी ने न्यायालय से अपनी भूमि की रक्षा के लिए गुहार लगाई थी। न्यायालय के आदेश भी शनिवार को आ चुके थे, जिसके बाद प्राथी अपनी भूमि को देखने के लिए गया हुआ था, लेकिन उसे क्या पता था कि कब्जेधारी जान से मारने का प्लान बना रहे है।इन्होने किया था कब्जे का प्रयासमामला विचाराधीन होने के दौरान रामावतार राठौर, लक्ष्मण राठौर, ऋषि राठौर, रतीराम राठौर, गणपत राठौर, चरणदास राठौर एवं अन्य 20 से 25 लोग एक राय होकर 3 जनवरी 2019 की सुबह 9 बजे जेसीबी मशीन द्वारा कब्जा करने की नियत से गड्ढे खोदने लगे तथा पिल्लर लगा दिए। जिसके बाद प्रार्थी तथा कब्जेधारियों के बीच में बात-चीत हुई थी, लेकिन शनिवार की शाम न्यायालय के आदेश आने के बाद कब्जेधारियों ने मारपीट पर उतारू हो गये।पुलिस ने नही की मददप्रार्थी नगर का प्रतिष्ठित व्यक्ति है, वह कानून को मानने-जानने वाला व्यक्ति है, ऐसी दशा में यदि अभियुक्तगण के विरुद्ध तत्काल दंडात्मक कार्यवाही नहीं हुई तो प्रार्थी अपनी पुश्तैनी भूमि से हाथ धो बैठेगा और उसके जान माल का नुकसान होगा। इन सब के बाद प्रार्थी को अंतत: कब्जेधारियों के हमले का सामना करना पडा। पुलिस की निष्क्रियता से शनिवार को यह घटना घटित हुई अगर पुलिस प्रार्थी की बात अनसुना न की होती तो शनिवार को यह दिन नही देखना पडता और नगर में शांति बनी रहती।

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