जिला अस्पताल में सोनोग्राफी के लिए भटक रहे मरीज

Ajay Namdev- 7610528622

अनूपपुर। जिला अस्पताल में लगातार बढ़ रही अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों को उचित इलाज के दर-दर भटकना पड रहा है और सही ईलाज न मिलने से परेशानी का सामना करना पड रहा है। बीते कुछ माहों से यहां के ट्रामा यूनिट में बने सोनोग्राफी की हो या फिर एक्स-रे की। आये दिन यहां डॉक्टरो व मरीजों का कहा सुनी तक हो जाती है, लेकिन गरीब तबके लोग की कौन सुनने वाला है। जिला चिकित्सालय में सोनोग्राफी मशीन सिर्फ दिखाने के लगा दी गई है यहां न तो किसी प्रकार के डॉक्टर है और न ही जानकार नर्स। डॉक्टरों की कमी के चलते मरीज जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला यहां कोई नहीं है।


यह है मामला
जिला अस्पताल में सोनोग्राफी विभाग में स्थाई डॉक्टर के पदस्थ न होने से मरीजों को बडी तकलीफों का सामना करना पड रहा है। ट्रामा यूनिट में बने सोनोग्राफी कमरे में बडे ही निर्देशानुसार एक पोस्टर चस्पा तो कर दिया गया जो डॉक्टर सुबह 10 बजे से 3 बजे तक होने का दावा कर रहा है, लेकिन यहां तो 10 बजे से 3 बजे तक किसी भी डॉक्टर की उपस्थिति नहीं होती और न ही कोई यहां देखने आता है। शनिवार को तत्काल सोनोग्राफी कराने आये गोविन्द्र सिंह एडवोकेट के द्वारा अपनी गर्भवती बहन जो की कुए में गिरने के कारण गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज के लिये लाया गया था। जिसे डॉक्टरों ने सोनोग्राफी के लिये ट्रामा यूनिट में सुबह 12बजे से लाया गया था। लेकिन 12 बजे से 3 बजे तक किसी भी डॉक्टर की मौजूदगी न होने से मरीज व परिजन को काफी परेशानी का सामना करना पडा। बडी देर बाद डॉ. कुश्वाहा के द्वारा गंभीर गर्भवती महिला का सोनोग्राफी किया गया।
यह कहा डॉक्टर ने
ट्रामा यूनिट में बने सोनोग्राफी विभाग के तात्कालीन पदस्थ डां. दिपेश कुमार कुश्वाहा के द्वारा बताया गया कि मैं कार्य के लिये बाध्य नहीं हूं। मंै जब मेरे पास समय होता है तब मै यहां आकर कार्य करता हुं। जिला अस्पताल के द्वारा कोई समय का निर्धारण नहीं है। मैं सिर्फ रूटीन के मरीजों को देखता हुं। आपातकाल के मरीजों की जिम्मेदारी मेरी नहीं है।
मरीज कर रहे घंटो इंतजार
जिला अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन में एक डॉक्टर पदस्थ थे जो कुछ माह पहले रिटायर हो गये हैं तब से अब तक यहां सोनोग्राफी मशीन सिर्फ दिखावा ही बन गई है। यहां सोनोग्राफी कराने आये गर्भवती महिला को परेशानी का सामना करना पड रहा है। प्राप्त जानकारी अनुसार सोनोग्राफी करने का जिम्मा एक प्राईवेट डॉक्टर को दिया गया जो अपने कार्य से समय निकालकर सोनोग्राफी करते हैं, जिससे लोगों को घंटो इंतजार करना पडता है।
कब होगी पदस्थापना
मरीजों ने बताया कि जिला अस्पताल में ईलाज के समय डॉक्टर न मिलने व डॉक्टरों की कमी के कारण ईलाज न हो पा रहे हैं। मरीजों ने कलेक्टर अनूपपुर से मांग की है कि जिला चिकित्सालय में डॉक्टर के खाली पदों में पदस्थापना की जाये जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना न करना पड रहा है।

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