टेंडर के विपरीत लगाया गया वाहन

टेंडर के विपरीत लगाया गया वाहन
मामला जमुना-कोतमा क्षेत्र का


अनूपपुर। एसईसीएल जमुना-कोतमा क्षेत्र में भर्रेषाही का आलम हर विभाग में देखा जा सकता है। यहां की अधिकारी अपनी मनमर्जी के मुताबिक अपने चहेतो को लाभ पहुॅचाने की नियत से नियमों बलाये ताक पर रखकर काम कर रहे है। ऐसे ही एक मामला प्रकाष में आया है जहां पर विद्युत यांत्रिकीय विभाग के महाप्रबंधक ने अपने चहेते को लाभ पहुॅचाने के लिए टेंडर नोटिस को भी दरकिनार करते हुए मनमर्जी के मुताबिक वाहन को लगा लिया है। ऐसा नहीं है कि यह कोई पहला मामला है इसके पहले भी कई मामलो में उक्त अधिकारी बड़े पैमाने पर गोलमाल किया है लोकल परचेज के नाम पर जहां कम्पनी को चूना लगाया जा रहा है तो वहीं वाहनो के टेंडर में भी धांधली की जा रही है यदि इसकी सूक्ष्म जांच कराई जाये तो कई चैकाने वाले तथ्य खुलकर सामने आ सकते है।
क्या है मामला
एसईसीएल जमुना-कोतमा क्षेत्र के अधिकारियों को सफर कराने के लिए वाहनों का टेंडर समय-समय पर होते रहता है और इस टेंडर में भी अधिकारी पुराने वाहनों को लगाकर चहेतो को लाभ पहुॅचाते हुए उसके बदले मोटी रकम वसूल कर रहे है। विद्युत यांत्रिकीय विभाग के महाप्रबंधक श्री पांडेय के द्वारा टेंडर नंबर 18-19/06 दिनांक-12.07.2018 टेंडर आईडी नं. 2018एसईसीएल107824 के माध्यम से 3 वर्ष के लिए एक वाहन लगाने का टेंडर निकाला गया। जिसमें 14 जुलाई 2017 से पहले का वाहन लगाये जाने की मांग की गई थी,लेकिन इस टेंडर के विपरीत जाकर वाहन लगाया गया।
लगा दी पुरानी गाड़ी
उक्त टेंडर में 24 जुलाई 2017 के पहले की गाड़ी लगाई जानी थी,लेकिन वाहन क्रमांक एनपी 65 टी1092 को लगा दिया गया। जबकि यह गाड़ी की उत्पादन तिथि 01.01.2017 की है, दस्तावेजो के जांच उपरांत यह बात सामने आयीं कि जो उत्पादन तिथि वाहन की होती है वहीं वाहन का माॅडल भी कहलाता है,लेकिन अधिकारी अपना तर्क देते हुए चहेतो को फायदा पहुॅचाने की नीयत से उक्त वाहन को लगा दिया।
टेंडर में भी नियमों को दरकिनार
सबसे मजा की बात यह है कि विद्युत यांत्रिकीय विभाग के महाप्रबंधक एक ओर एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर की हवाला देकर टेंडर निकालने की बात कहते है लेकिन वहीं दूसरी तरफ इनके द्वारा निकाले जा रहे टेंडरो में नियमों को दरकिनार किया जाना है आम बात हो गई है अलग‘-अलग टेंडर में सुविधा अनुसार नियमों को बदलकर टेंडर निकाला जाता है जिसके कारण लोगों को परेषानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उम्र और उत्पादन में फर्क
एसईसीएल जमुना-कोतमा क्षेत्र के विद्युत यांत्रिकीय विभाग के अधिकारी जो टेंडर वाहनो के अधिग्रहण के लिए निकालते है उसमें वाहन के निर्माण और वाहन की उम्र को आधार बताया जाता है न कि रजिस्टेªषन की तिथि को आधार मानकर वाहन लगाया जाने का प्रावधान नहीं है। इसके बाद भी अधिकारी वाहन क्रमांक एमपी 65 टी 1092 को कैसे वर्क आर्डर दे दिया यह बात समझ से परे है। जबकि यह वाहन 7 महीने से अधिक पुरानी हो चुकी है इसके बाद भी कैसे लगा दिया गया।
जांच की मांग
इस तरह के मामले में इसके पहले यहीं अधिकारी कई वाहनों का टेंडर निरस्त कर चुके है जबकि यहां पर चहेतो को लाभ पहुॅचाने के नीयत से सारे नियमों को षिथिल करते हुए कैसे टेंडर दे दिया गया है यह अपने आप में जांच का विषय है। यदि इनके काले कारनामों की जांच कराई जाये तो प्याज की छिलके की तरह दर परत दर सारी हकीकत खुलकर सामने आ जायेगी।
इनका कहना है
आप हमारे पास सारे दस्तावेज लेकर आइये, फिर हम इस मामले में बात करेगें।
एस.आर.पांडेय
महाप्रबंधक, विद्युत यांत्रिकीय विभाग जमुना-कोतमा क्षेत्र
किसी भी वाहन का निर्माण तिथि ही उसका माॅडल कहलाता है ना कि रजिस्टेªषन तिथि माॅडल के दायरे में आता है।
लालताराम सोनवानी
जिला परिवहन अधिकारी, जिला-अनूपपुर

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