……तो मानसिक दबाव में रुकी फलेश्वर की हृदय गति

Ajay Namdev-7610528622

परिजनों ने मीडिया के सामने खुलकर लगाए आरोप

मंगलवार की सुबह तकरीबन 9 बजे जनपद पंचायत जैतहरी की ग्राम पंचायत कदमसरा के खैरीटोला निवासी सेल्समैन की हृदयगति रुकने से हुई मौत के मामले में तरह-तरह के सवाल सामने आ रहे हैं। परिजनों ने खुलकर अधिकारियों के दबाव में हृदय गति रुकने की बात कही है। तो उधर क्षेत्रवासियों का मानना है कि नवीन वितरण प्रणाली व्यवस्था से सेल्समैन मानसिक तनाव में था। पूरे मामले की जब तक जांच नहीं हो जाती, कुछ नहीं कहा जा सकता।

अनूपपुर। जिले में यूं तो बीते साल से ही लागू पीओएस वितरण प्रणाली व्यवस्था के बाद से ही खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था संभालने वाले सेल्समैन आमजनता के आक्रोश का सामना करने को विवश थे, वहीं व्यवस्था में देर होने पर अधिकारियों की डांट फटकार उन्हें दिन-ब-दिन मानसिक रूप से परेशान करती रही है। इस बीच प्रदेश के तीन महा नगरों के साथ अनूपपुर में जुलाई माह से लागू हुई नवीन आधारित वितरण प्रणाली के आधार पर खाद्यान्न वितरण ने तो सेल्समैनों को मानो मानसिक प्रताडऩा का शिकार बना दिया था। इसके अलावा खाद्य विभाग के आला अफसरों के पास आम जनता का फोन जाते ही वह सेल्समैन को कुछ इस कदर फटकारते जैसे कोई मालिक अपने नौकर को। यह सब सहन न कर पाने वाले सेल्समैन तो बहुत होगे, लेकिन जिनकी सहन शक्ति कमजोर वह असमय ही दुनिया छोड रहे हैं। प्रदेश में अब तक सूत्रों की माने तो अनूपपुर के वेंकटनगर के सेल्समैन की हृदय गति रुकने से मौत की चौंथी घटना है। इस पर शासन प्रशासन को गंभीरता से विचार करना होगा।
क्या है नवीन व्यवस्था
प्रदेश शासन द्वारा जुलाई माह से लागू की गई नवीन आधार आधारित वितरण प्रणाली व्यवस्था के तहत जिले का कोई भी व्यक्ति किसी भी दुकान से खाद्यान्न अपने आधार के आधार पर प्राप्त कर सकता है। यह बात तो ठीक है, लेकिन यह उन महा नगरों के लिए सही है जहां नेटवर्क पूर्णत: है। परन्तु शहडोल संभाग के पिछडे व आदिवासी बाहुल्य अनूपपुर जिले में बहुतायत स्थानों में नेटवर्क ही नहीं है। इसके अलावा जहां है भी तो वहां वह संचार कंपनियों के ऊपर निर्भर करता है। या हम कहे जिले में बहुत कम नेटवर्क है। इस व्यवस्था ने सीधे सेल्समैनों को तनाव में डाल दिया है। क्योंकि बगैर सर्वर के नवीन वितरण प्रणाली लागू नहीं हो सकती।
विधायक ने लिखा है पत्र
अनूपपुर विधानसभा के विधायक बिसाहूलाल सिंह ने इस संबंध में प्रदेश शासन के खाद्य मंत्री प्रद्यूूमन सिंह तोमर को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री जयंत राव ने यह बात सामने लाई है कि जिले में नवीन आधार आधारित वितरण प्रणाली व्यवस्था के तहत खाद्यान्न वितरण में परेशानियों का सामना करना पडेगा, क्योंकि अनूपपुर आदिवासी बाहुल्य जिला है, अनेक ग्रामीण क्षेत्र में नेटवर्क संपर्क या तो है ही नहीं यदि है तो संपर्क कम स्थापित हो पाता है। ऐसी स्थिति में जिले के अधिकांश भागों में यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकती। विधायक ने खाद्य मंत्री से जिले में यह व्यवस्था लागू न किए जाने का आदेश देने का अनुरोध किया है।
परिजनों का यह है आरोप
जनपद पंचायत जैतहरी की कदमसरा के खैरीटोला में रहने वाले फलेश्वर यादव चोरभठीए लहसुना व उमरिया का सेल्समैन था। लगातार खाद्यान्न वितरित करने को लेकर अधिकारी दबाव बनाए हुए थे और खाद्यान्न का उठाव नहीं हो रहा था। वहीं ग्रामीणजन हर दिन खाद्यान्न दिए जाने को लेकर फोन करते थे। ग्रामीणों द्वारा जैसे अधिकारियों को फोन किया जाताए वैसे अधिकारियों के फोन की घंटियां सेल्समैन के फोन में आती और वह मानसिक तनाव से घिर जाता। कई दिनों से यह बात वह अपने परिजनों से बोल रहे थेए परिजनों ने कहा सब ठीक हो जाएगाए लेकिन वह अत्यधिक मानसिक दबाव सहन नहीं कर सके और मंगलवार को उनकी एकाएक हृदय गति रुकी और वह मौत के आगोश में समा गए। परिजनों ने इस पूरे घटना की जांच करते हुए लगातार दबाव बनाने वाले अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की मांग की है।
बीते साल भी हुई थी मौत
उधर जानकार सूत्रों की माने तो छिल्पा लैंस के अंतर्गत खाद्यान्न का वितरण करने वाले सेल्समैन ने फांसी के फंदे पर झूलकर कुछ ऐसे ही दबाव के कारण मौत को गले लगाया था। उसकी मौत को लेकर सहकारिता संघ ने ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थीए लेकिन अधिकारी के आगे क्या जांच क्या मांग। कुछ नहीं चलता। मामला ठंडे बस्ते में चला गया। हो सकता है कि फलेश्वर की मौत का मामला भी कुछ दिनो बाद ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

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