दलालों ने बेची व्यवस्थापन की भूमि

पान ठेला वाले से की धोखाधड़ी, एसडीएम ने रोका नामांतरण
मौके पर नकली पटवारी ने किया था तस्दीक,थाना पहुंचा मामला

(अनिल तिवारी-7000362359)
शहडोल। सरकारी जमीन के खरीद-फरोख्त का मामला शहरी ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में अनवरत जारी है, जिसकी जानकारी राजस्व विभाग को होते हुए भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिसके चलते भू-माफिया के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं और वह जगह-जगह छल-कपट कर सरकारी जमीन को बेच रहा है, जिसमें अधिकांश गरीब फंसकर कोर्ट-कचहरी का चक्कर लगा रहे हैं। नवलपुर में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसकी शिकायत पीडि़त पक्ष ने कोतवाली में दर्ज कराया है, यहां पट्टे की जमीन बताकर एक पान ठेला चलाने वाले गरीब को बेच दी गई है, लेकिन अब वह नामांतरण के लिए दर-दर भटक रहा है।
यह है मामला
संभागीय मुख्यालय किरण टाकीज रोड निवासी मुकेश कुमार सोनी पिता स्व. विश्वनाथ सोनी को अभिषेक सोनी, आकाश पाण्डेय दलाली कर गोविंद साहू के नाम से छल-कपट कर सरकारी जमीन बेच दी गई है, जिसका खामियाजा मुकेश सोनी को भुगतना पड़ रहा है, मुकेश सोनी न्यू बस स्टैण्ड के पास पान ठेला लगाकर व्यवसाय करता है, उसे आकाश पाण्डेय ने बताया कि अभिषेक सोनी जमीन बेच रहा हैं और वह अभिषेक के पास ले गया, मुलाकात में अभिषेक ने बताया कि 2-3 प्लाट बचे हैं, अगर खरीदना है तो जल्द से जल्द खरीद लो, नहीं तो प्लाट बिक जायेंगे। इस तरह मुकेश सोनी ने कर्ज लेकर अंतत: जमीन को खरीद लिया।
नकली पटवारी ने किया था तस्दीक
पीडि़त ने बताया कि जब वह पहली बार नवलपुर में प्लाट देखने पहुंचा, वहां पहले से ही तीन-चार आदमी मौजूद रहे, उन्होंने बताया कि वह यहां हलका पटवारी है, जमीन सही है, आप ज्यादा देर न करें, नहीं तो प्लाट बिक जायेंगे। फरियादी उनकी बातों में आकर आकाश पाण्डेय और अभिषेक सोनी के घर ले गया और यहां 30 बाई 60 फिट प्लाट नंबर 4 का सौदा कर लिया। जिसकी कीमत 1 लाख 80 हजार रूपये बताई गई। जिसे फरियादी ने 80 हजार रूपये बतौर एडवांस दे दिया। शेष राशि 22 फरवरी की सुबह 1 लाख अभिषेक सोनी को दिये, उस समय आकाश पाण्डेय भी मौजूद रहा। बाद में तहसील कार्यालय बुलवाकर रजिस्ट्री करवा दी गई।
रजिस्ट्री में बदल गया विक्रेता का नाम
रजिस्ट्री के बाद विक्रेता का नाम अभिषेक सोनी, आकाश पाण्डेय की जगह गोविंद साहू हो जाने से फरियादी ने आपत्ति उठाया, तो दलालों ने उसे यह कहकर समझा दिया कि तुम्हे प्लाट की जरूरत थी, प्लाट मिल गया है, विक्रेता कौन है, इससे तुमको को कोई लेना देना नहीं है। जमीन की रजिस्ट्री अब तुम्हारी पत्नी कविता सोनी के नाम हो गई है।
नामांतरण में हुआ खुलासा
जमीन क्रेता ने जब विक्रेताओं से नामांतरण की बात की, उन्होंने उससे 14 हजार रूपये की मांग की, लेकिन मुकेश सोनी ने 14 हजार रूपये दलालों को न देकर लोकसेवा केन्द्र में आवेदन दे दिया, यह आवेदन एसडीएम के पास पहुंचने पर जमीन व्यवस्थापन की निकली, जिसकी खरीद-फरोख्त हो ही नहीं सकती। इसी आधार पर एसडीएम ने नामांतरण पर रोक लगा दिया है। जिससे फरियादी ने मामले की शिकायत दर्ज कराई है। नवलपुर में इसी तरह की जमीन को आधा दर्जन लोग खरीदकर पछता रहे हैं, उनका भी नामांतरण नहीं हो रहा है।
पैसा वापस करने की मांग
जमीन खरीदने के बाद सच्चाई पता लगने पर क्रेता विक्रेताओं व दलालों से पैसा वापस करने की मांग कर रहा है, लेकिन बदले में उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है, क्रेता ने बताया कि वह गरीबी गुजारा कर रहा है, उनका पान ठेले का व्यवसाय है, उसी से उसकी रोजी रोटी चल रही है, वह सारी जमा पूंजी जमीन में खर्च कर दिया है। जिसमें दलाल और विक्रेताओं से उसे धोखा दिया है। अब वह दलाल और विक्रेता के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग कर रहा है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed