धरती के भगवानों ने दिया प्रसूता व नवजात को नवजीवन

भारी बारिश के बीच 108 में कराया सुरक्षित प्रसव
पिता पानी में फंसा रहा, आशा ने निभाया फर्ज

(Amit Dubey-8818814739)
शहडोल। बुधवार का दिन पार्वती व सुखदेव के परिवार के लिए खुशियां तो लेकर आया, उनके आंगन में एक और लाडली की किलकारियां गूंजने लगी, लेकिन इससे पहले के घटनाक्रम में जहां सुखदेव की सांसे रोक दी थी, वहीं उसकी पत्नी की भी सांसे रूकते-रूकते फिर चल पड़ी। केशवाही पीएससी अंतर्गत संचालित 108 एम्बुलेंस में पदस्थ डॉ. अजय मिश्रा और राघवेन्द्र पाण्डेय ने सूझबूझ दिखाते हुए अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन करते हुए, प्रसूता और नवजात की जान बचा ली।
भारी वर्षा और नदी थी उफान पर
बुधवार की दोपहर लगभग 1.20 पर जैतपुर विकास खण्ड के ग्राम भूमिकार स्थित स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसव के लिए भर्ती हुई ग्राम कछार की 28 वर्षीय पार्वती सिंह पति सुखदेव सिंह को केशवाही पीएससी ले जाने के लिए 108 को कॉल आया, समय पर 108 प्रसूता, आशा कार्यकर्ता व दो अन्य महिलाओं को लेकर पीएससी केशवाही के लिए निकली, लेकिन रास्ते में भारी वर्षा के कारण पुल से छ: से आठ फिर ऊपर से जाने के कारण लगे जाम में फंस गये, एम्बुलेंस आगे बढ़ती तो पानी में बहने का खतरा था और प्रसूता को पीएससी पहुंचाना भी आवश्यक था, लगभग एक से डेढ़ घंटे तक भारी वर्षा और उफानाई हुई नदी के बीच 108 खड़ी रही।
जंगल के रास्ते में फिर मिली नदी
दोपहर करीब 3 बजे के आस-पास डेढ़ घंटे इंतजार करने के बाद जब प्रसूता की पीड़ा बढऩे लगी तो 108 में तैनात डॉ. अजय मिश्रा व राघवेन्द्र पाण्डेय ने ग्रामीणों से पूछकर पास के जंगल से पूछकर पीएससी पहुंचने का दूसरा रास्ता चुना, लेकिन आगे जाकर फिर दूसरे उफनाये हुए नाले का सामना करना पड़ा। लगभग 4.30 तक इंतजार होता रहा, लेकिन जब पीड़ा असहनीय हो गई तो आशा कार्यकर्ता व 2 अन्य रिश्तेदार महिलाओं की मदद से डॉ. अजय मिश्रा ने 108 में ही प्रसव कराने का फैसला लिया।
गले में फंसी थी नाड
करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद एम्बुलेंस में ही प्रसव तो हुआ, लेकिन नवजात के गले में फंसी नाड और उसकी अचेत अवस्था ने सभी को सकते में डाल दिया, लेकिन धरती के भगवानों ने बाहर हो रही मूसलाधार वर्षा के बीच एम्बुलेंस के अंदर हिम्मत नहीं हारी, इधर नाले का पानी भी 6-7 फिट से 3 फिट तक उतर चुका था, पार्वती ने लगभग 5 बजकर 10 मिनट पर अपनी दूसरी बच्ची को जन्म दिया, तत्काल उसे पीएससी केशवाही में पहुंचाया गया, इस दौरान बच्ची के मुंह में गंदा पानी जा चुका था, जिसे चिकित्सक ने अपनी सूझबूझ से बाहर निकाला।
भारी बारिश के बीच, अटकी थी पिता की सांसे
भूमिकार स्थित स्वास्थ्य केन्द्र से जब प्रसूता व अन्य को 108 में ले जाया गया तो दो पहिया वाहन पर बच्ची का पिता सुखदेव भी पीछे-पीछे निकला था, लेकिन रास्ते में ही मूसलाधार बारिश ने सुखदेव को रोक लिया, इधर उसकी अर्धाग्नि और नवजात बच्ची जिंदगी और मौत से लड़ रही थी, उधर बारिश ने सुखदेव के कदम रोक दिये थे, पानी कम होने के बाद भीगता हुआ सुखदेव जब पीएससी केशवाही पहुंचा तो उसकी आंखों में खुशी के आँसू थे।

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