नशीली दवाओं के सौदागरों पर पुलिस का शिकंजा

जबलपुर से घरौला मोहल्ला पहुंची थी नशे की खेप

(अनिल तिवारी+91 88274 79966)
शहडोल। पुलिस अधीक्षक सतेन्द्र कुमार शुक्ल के पदभार ग्रहण करने के बाद से लगातार विभिन्न समुदायों एवं वर्ग के लोगों ने नशे पर लगाम लगाने के लिए पुलिस की प्रतिबद्धता की अपेक्षा की जा रही थी। श्री शुक्ल अपने सभी मातहतों को नशा विरोधी अभियान चलाकर हर संभव वैधानिक एवं दण्डात्मक प्रावधानों के तहत कार्यवाही के लिए लगातार निर्देश दे रहे हैं। इसी क्रम में विगत दिनों थाना धनपुरी, बुढ़ार, सोहागपुर, कोतवाली, जैतपुर, जयसिंहनगर, गोहपारू आदि थानों में गांजा, कफ सिरप, नशीली टेबलेट एवं इंजेक्शन के खिलाफ वैधानिक कार्यवाहियां की गई हैं। स्थानीय स्तर के मादक द्रव्य विक्रेताओं के खिलाफ कार्यवाही के साथ-साथ समानांतर रूप से जिलाव्यापी गिरोहों एवं संगठित अपराधियों के संबंध में विशेष अभियान के तहत टीम लगाकर विशेष समग्र रणनीति के अनुसार व्यापक कार्यवाही की कार्ययोजना तय की गई थी। इसी मुहिम के चलते विगत 02 दिवस में जिले में बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए एवं इस विधा में लंबे समय से शातिर तरीके से संलग्न अपराधियों को पुलिस ने धर दबोचा है। लगभग 2,50,000 रूपये का मादक पदार्थ जप्त करते हुए पुलिस ने नशीले पदार्थों के विक्रय के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया है।
यह है मामला
गुरूवार को कोतवाली थाना क्षेत्रांतर्गत घरौला मोहल्ला स्थित महावीर ट्रांसपोर्ट के मालिक संदीप जैन के ट्रांसपोर्ट से बड़ी मात्रा में अवैध रूप से विक्रय हेतु पहुंची नशीली दवाई (टफरेक्स सिरप) की खेप जप्त की गई। उक्त नशीली दवाईयां विक्रय हेतु जबलपुर से शहडोल पहुंची थी। पुलिस को सूचना मिली कि घरौला मोहल्ला में स्थित महावीर ट्रांसपोर्ट के मालिक संदीप जैन के द्वारा अजय मेडिकल के नाम से बिल्टी बनवाकर नशीली दवा टफरेक्स सिरप लगभग 06 पेटी मंगाया गया है जो कि अभी दुकान में माल रखा हुआ है। इस सूचना पर पुलिस द्वारा महावीर ट्रांसपोर्ट जाकर संदीप जैन से पूछताछ की गई तो उनके द्वारा नशीले पदार्थों के ट्रांसपोर्ट में अपनी संलिप्तता स्वीकार की गई। दुकान की तलाशी में 03 कार्टून में कुल 360 नग टफरेक्स सिरप बरामद हुआ।
जबलपुर से शहडोल पहुंचा माल
पूछताछ पर संदीप जैन के द्वारा बताया गया कि जबलपुर से अंकुश यादव से माल लेकर वह अपने ट्रांसपोर्ट से ही उसे शहडोल लाया था। माल मंगाकर उसे 17 जून को अनीश, शिशिर को दिया है, जिसमें से असद खान का माल अभी नहीं ले गया था । जप्त माल के साथ आरोपी संदीप जैन के बताये अनुसार अनीश शाह निवासी पुरानी बस्ती के घर पर रेड की कार्यवाही की गई । अनीस शाह से पूछताछ करने पर संदीप जैन के ट्रांसपोर्ट के माध्यम से नशीली दवाईयां मंगाने की बताया। अनीस शाह के घर की तलाशी लेने पर दो कार्टून में कुल 240 नग टफरेक्स सिरप की बोतल बरामद हुई। आरोपी अनीस ने बताया कि वह एवं उसके अन्य साथी असद, शिशिर सिंह परिहार, महावीर ट्रांसपोर्ट (संदीप जैन) से नशीली दवाईयां मंगाया करते थे, उक्त माल अनिल मेडिकल स्टोर के नाम से फर्जी बिल्टी बनाकर संदीप जैन के ही ट्रांसपोर्ट कंपनी जय जिनेन्द्र के द्वारा जबलपुर से शहडोल लाया जाता था।
यह किया पुलिस ने
आरोपी के बताये अनुसार शिशिर सिंह निवासी ईरानी बाग के घर पर रेड कार्यवाही की गई संदेही शिशिर सिंह के घर तलाशी लेने पर एक सफेद रंग की बोरी में कुल 120 नग टफसरेक्स सिरप बरामद किया गया। इतनी बड़ी मात्रा में अवैध रूप से नशीली दवाईयों का संधारण एवं अवैध विक्रय करने के आरोप में आरोपीगण संदीप जैन पिता प्रेमचंद्र जैन उम्र 48 वर्ष निवासी घरौला मोहल्ला, अनीस शाह पिता मो. वकील शाह उम्र 30 वर्ष निवासी पुरानी बस्ती शहडोल, शिशिर सिंह परिहार पिता हेमन्त सिंह परिहार उम्र 25 वर्ष निवासी ईरानी बाग शहडोल, असद खान पिता आसिफ खान निवासी मोदी नगर उम्र 49 वर्ष एवं अंकुश यादव निवासी जबलपुर के विरूद्ध म.प्र. औपधि नियंत्रण अधिनियम 1949 की धारा 5/13 व एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8, 21, 22 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
ट्रांसपोर्ट शुल्क हुई दुगनी
संदीप जैन से पूछताछ में जबलपुर के अंकुश यादव द्वारा नशीली दवायें भेजने की जानकारी प्रकाश में आई है। अंकुश यादव की सघनता से खोजबीन की जा रही है। इस प्रकार इस पूरे अभियान में न केवल नशीले पदार्थो का विक्रय करने वाले अपराधियों बल्कि ट्रांसपोर्टर एवं जबलपुर के दवा व्यवसाय से जुड़े माफिया के खिलाफ भी कार्यवाही की गई है। ट्रांसपोर्टर संदीप जैन द्वारा बिल्टी में दर्शाये गए ट्रांसपोर्ट शुल्क की बजाय दोगुनी राशि इन अपराधियों से वसूली जाती थी।
लॉक डाउन में हुआ अवैध कारोबार
लॉकडाउन के चलते ट्रांसपोर्टर और इन अपराधियों ने इस पूरे धंधे में दोगुनी-चौगुनी राशि वसूल की है। 50-60 रूपये प्रति बोतल के हिसाब से थोक में मिलने वाली कफ सिरप की बोतल को ये अपराधी 150 से 200 रूपये में अमूमन बेचते हैं। लॉकडाउन के समय एक दवा की बोतल 400 रूपये में भी बेची गई है। इसी बीच कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि मोदी नगर निवासी असद खान पुत्र आसिफ खान के घर पर भारी मात्रा में मादक पदार्थ गांजा एवं नशीली दवाईयों का जखीरा छिपाकर रखा गया है। कोतवाली पुलिस की दूसरी टीम ने इस सूचना पर ऑपरेशन प्रारंभ किया।
22 किलो गांजा हुआ बरामद
असद खान के घर पर पहुंचकर पुलिस द्वारा सूचना की तस्दीक की गई, पहले तो असद खान और उसकी पत्नी ज्योति शुक्ला उर्फ अफसरी बेगम ने किसी प्रकार के नशीले पदार्थों के व्यवसाय में अपनी संलिप्तता से इंकार किया, किन्तु पुलिस द्वारा परिप्रेक्ष्य में जब पूछताछ की गई एवं घर की तलाशी ली गई तो दोनों पति-पत्नी ने स्वीकार किया कि वे लोग गांजे और नशीले दवाईयों का विक्रय करते हैं। पुलिस द्वारा उनके घर की सघन तलाशी की गई। तलाशी में पुलिस को लगभग 22 किलोग्राम गांजा कीमती 1,10,000 रूपये मिला जिसे जप्त किया गया है। असद खान ने अपने कब्जे में छिपाकर रखे गए तीन कार्टून (360 बोतल) कफ सिरफ के बारे में भी बताया। पुलिस द्वारा इतनी बड़ी मात्रा में कफ सिरप अपने घर में छिपाकर रखने का कारण पूछा गया तो, वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
आरोपियों पर दर्ज हुआ मामला
असद खान द्वारा भी महावीर ट्रांसपोर्ट के माध्यम से कफ सिरप मंगाने
की बात बताई गई। पुलिस द्वारा आरोपी असद खान एवं उसकी पत्नी ज्योति शुक्ला उर्फ अफसरी बेगम को गिरफ्तार किया गया है एवं इस पूरे नेटवर्क के बारे में गहराई से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों के
विरूद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 20 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
खैरहावाली निकली नशे की सौदागर
थाना धनपुरी क्षेत्रांतर्गत सूचना मिली कि कच्छी मोहल्ला धनपुरी में रहने वाली मखतून बी उर्फ खैरहा वाली एक बोरी में नशीली दवाई तथा कफ सीरप कहीं से लेकर आई है तथा उसको वह बेचने के लिए ले जाने वाली है। राहगीर साक्षियों एवं महिला पुलिसकर्मी के शाम संदेहिया के घर पर दबिश देकर उसके घर की तलाशी ली गई, जहां उसके पलंग के नीचे से हरे रंग की बंधी बोरी में 80 शीशी टफरेक्स सीरप एवं दो पैकेट अल्प्राजोलम टेबलेट आई.पी. कुल 1600 टेबलेट जप्त की गई। आरोपिया मखतून बी उर्फ खैरहा वाली से पूछताछ करने पर उसने उक्त नशीली दवाई असद अली निवासी शहडोल से लेना बताई। आरोपिया के विस्ुद्ध एनडीपीएस एक्ट की यारा 8बी, 21,22 एवं में प्र. डरंग केट्रोल एक्ट की धारा 5/13 के तहत अपराध पंजीवद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
आगे भी जारी रहेगी कार्यवाही
पुलिस की उक्त कार्यवाहियों से निश्चित रूप से जिले में चल रहे नशीली दवाईयां के अवैध कारोबार पर काफी हद तक नकेल कसने में मदद मिलेगी। भविष्य में भी जिले में अवैध रूप से चल रहे नशे के व्यापार पर पुलिस की कार्यवाहियां जारी रहेंगी, पुलिस अपने विश्वसनीय मुखबिर तंत्र और आमजन के सहयोग से नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों पर लगाम कसने को तत्पर है। नशे पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए जनसहयोग सबसे जरूरी है। आमजन से यही अपेक्षा है कि स्वयं नशे से दूर रहकर पुलिस प्रशासन को सहयोग प्रदान करें।
ये रहे कार्यवाही में शामिल
इस कार्यवाही में थाना कोतवाली, सोहागपुर एवं धनपुरी, अमलाई की टीम उपनिरीक्षक विकास सिंह, सुभाष दुबे की भूमिका उल्लेखनीय रही। सामूहिक कार्ययोजना एवं समन्वय बैठाकर कार्यवाही की गई, पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरूस्कृत करने की घोषणा की है।

2 thoughts on “नशीली दवाओं के सौदागरों पर पुलिस का शिकंजा

  1. Sir sorry to say Bina administrative support ke ye saari madicated drug nai Sakta.
    You can understand Very well.

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