नेतागिरी चमकाने के फेर में , चेले ने गुरु को ही कर दिया कटघरे में खड़ा

पार्षदी के ख्वाब में, तीन वार्डाे तक सिमटे मीडिया प्रभारी
मॉडल रोड पर पैंच वर्क दिखा, पर भूल गये हाई मॉस्क घोटाला
(अमित दुबे-8818814739)
धनपुरी। भारतीय जनता पार्टी में बीते 2 वर्षाे से मीडिया का कार्य देख रहे जिलाध्यक्ष के नजदीकी शैलेन्द्र श्रीवास्तव बीते कुछ माहों से सुर्खियां बटोरने के लिए दिन-रात एक किये हुए हैं, हालाकि मीडिया प्रभारी केसरिया रंग का चश्मा लगाकर समस्याओं को देख और उन्हें दुरूस्त करने के लिए लगातार प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करा रहे हैं, आम आदमी से युवा मोर्चा में आकर अब भाजपा की राजनीति करने वाले कथित नेता के ज्ञापन और आवेदन सिर्फ नपा के पुराने वार्ड नंबर 1 के इर्द-गिर्द ही घूमते नजर आ रहे हैं।
पैच के साथ सड़क की जांच जरूरी
बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के कथित मीडिया प्रभारी ने मॉडल रोड पर हुए गड्ढो में लग रहे पैच की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किये और कलेक्टर को तहसीलदार के मार्फत ज्ञापन भी सौंपा। भाजपा के मीडिया प्रभारी ने हो रहे पैच वर्क के जांच के साथ ही मॉडल रोड की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाये हैं, नवोदित नेता की इस पहल की सर्वत्र सराहना हो रही है, चूंकि उक्त सड़क का निर्माण भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह छाबड़ा की पत्नी रविन्दर कौर छाबड़ा के धनपुरी नपाध्यक्ष रहने के दौरान हुआ था। जिसमें सड़क की गुणवक्ता के साथ खेला गया खेल और किया गया भ्रष्टाचार ही सड़क को पैच वर्क की स्थिति में लेकर आया, ऐसी स्थिति में नेहरू चौक से सरईकांपा की ओर कुछ मीटर से लेकर वापस जनपद पंचायत बुढ़ार और नगर पालिका धनपुरी की निर्मित सड़क की जांच आवश्यक हो चली है।
पूर्व परिषद ने दिया था ठेका
इन्द्रजीत सिंह छाबड़ा के खास माने जाने वाले शैलेन्द्र श्रीवास्तव के द्वारा नेहरू चौक से सरईकांपा जाने वाले जिस मार्ग पर गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किये हैं, संभवत: उस कार्य का आवंटन पूर्व परिषद के समय ही तय कर दिया गया था, यही नहीं सरई कांपा से आगे की सीसी सड़क (मॉडल रोड ) निर्माण कार्य भी भारतीय जनता पार्टी के आजीवन सदस्य पी.के. भगत के द्वारा कराया जा रहा था। श्री भगत कोयलांचल में भाजपा के कद्दावर नेता और धनपुरी नपा में अध्यक्ष की टिकट की दौड़ में भी रहे हैं, जिस तरह शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने पार्टी के अध्यक्ष की पत्नी और भाजपा नेता के कार्याे को कटघरे में खड़ा किया है, वह अपने आप में विचारणीय है।
…तो क्या हाई मॉस्क घोटाले भी होंगे उजागर
भारतीय जनता पार्टी से कोयलांचल में जुड़े लोगों की माने तो नगर पालिका के आगामी चुनावों में मीडिया प्रभारी अविभाजित वार्ड नंबर 1 से अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं, जिसके लिए उन्होंने विपक्षी दलों के अलावा अपने ही पार्टी के लोगों को भी आमजनों से सहानभूति बटोरने के लिए निशाना बनाया है, स्थानीय लोगों ने नवोदित नेता से अपेक्षा की है कि पूर्व नपाध्यक्ष रविन्दर कौर छाबड़ा के कार्यकाल में हुए हाई मास्क घोटाले के साथ ही भाजपा महामंत्री राकेश पाण्डेय के अग्रज की शिक्षा विभाग में की गई अवैध पदोन्नति और भाजपा जिलाध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह छाबड़ा के 5 सालों के नपा के कार्यकाल में बटोरी गई करोड़ों की संपत्ति की जांच की मांग भी ईओडब्लयू से भी भविष्य में अवश्य करेंगे।

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पोल के फेर में कांग्रेस-भाजपा कटघरे में
ज्ञापन सौंपने की पूरी कवायत के पीछे चर्चा यह भी है कि भारतीय जनता पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी अपने घर के पास सरकारी पोल लगवाना चाहते थे, हालाकि कार्य का ठेका पूर्व में ही हो चुका था, लेकिन तकनीकि त्रुटि के कारण, वह अभी लंबित था। जिससे नेताजी नाराज हो गये, चर्चा के दौरान नवोदित नेता ने बड़ी बेबाकी से कहा कि ” मैं भाजपा कांग्रेस नहीं जानता ÓÓ सिर्फ इतना जानता हूं कि उक्त मॉडल रोड में बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी हुई है और गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य किया गया है।

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हवा में लठ चला रहे नवोदित नेता
जब सड़क निर्माण और सड़क में किये जा रहे पैच वर्क के कार्याे को टटोला तो, यह बात सामने आई कि नेहरू चौक से सरईकांपा, जनपद और धनपुरी की ओर जिन मार्गाे पर पैंच लगाये जा रहे हैं, वह कार्य पूर्व परिषद में श्रीमती रविन्दर कौर छाबड़ा के कार्यकाल के दौरान स्वीकृत हुआ था, लगभग कार्य पहले पूरे हो गये थे, जिसे ऑन लाईन ठेका पद्धति से रीवा की फर्म को कार्य मिला था, निर्माण की कुल स्वीकृत राशि का 5 प्रतिशत भविष्य के लिए पूर्व निर्धारित शर्तों के तहत नपा के पास रहता है, जिससे सड़क की मरम्मत की जाती है, वर्तमान परिषद ने पूर्व में हुए निर्माण में बरती गई लापरवाही के कारण ठेकेदार की 10 प्रतिशत अन्य राशि भी भुगतान होने से पहले रोक दी गई,जो आज भी नहीं जारी हुई, पूर्व में जब गड्ढे हुए और राशि रोकी गई थी, तभी बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के पहले डामर की सड़क पर, डामर के पैच वर्क लगे, जब पानी व भारी परिवहन के कारण कुछ माह में उखड़ गये तो, बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के नपा के जिम्मेदारों ने दोबारा पैच वर्क के आदेश दिये।

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