न बोर मशीन, न पंजीकृत ठेकेदार फिर भी करोड़ों का कारोबार

Ajay Namdev-7610528622

बर्खास्त व भ्रष्ट सचिव ने लगा दिये लाखों के हैण्डपंप

जनपद अध्यक्ष को मोहरा बनाकर करवा रहे फर्जी भुगतान

जनपद की सभी पंचायतों ने एक ही फर्म को दे दिया काम

अनूपपुर जनपद के देवगवां में सचिव रहने के दौरान 36 लाख का घोटाला और आरआरसी कायम होने के बाद राज कुमार शुक्ला ठेकेदार बन गये, वे ठेकेदार हैं या नेता या फिर शासकीय कर्मचारी ये तो वही जाने, लेकिन अनूपपुर जनपद में इन दिनों उनका जादू इस कदर चल रहा है कि बिना किसी बोर मशीन के मालिक होने और न ही पंजीकृत ठेकेदार होने के बाद भी करोड़ों का व्यापार हो रहा है। आरोप है कि जनपद की डेढ़ दर्जन से अधिक पंचायतों में अकेले राज कुमार ने हैण्डपंप गाड़ कर 1 करोड़ से अधिक राशि प्राप्त कर ली।

अनूपपुर। वर्ष 2017-18 में अनूपपुर जनपद पंचायत को मिली परफारर्मेंस ग्रांट की लगभग 1 करोड़ की राशि से जनपद के डेढ़ दर्जन के आस-पास जनपद सदस्यों ने 4-4 लाख रूपये की राशि से अपने क्षेत्रों में हैण्डपंप लगवाना सुनिश्चित किया, लगभग 78 हैण्ड पंप गाड़े गये और प्रति हैण्डपंप 1 लाख 33 से 34 हजार रूपये की राशि का भुगतान पंचायत के माध्यम से किया गया। ब्लाक कांग्रेस कमेटी कोतमा के अध्यक्ष मनोज सोनी के द्वारा यह आरोप लगाये गये हैं कि भ्रष्ट व बर्खास्त सचिव राज कुमार शुक्ला जिसके ऊपर 36.94 लाख रूपये मनरेगा की राशि प्रभक्षण करने की आरआरसी कायम है, उसके द्वारा जनपद अनूपपुर में प्रभाव व जुगाड़ से उक्त सभी हैण्डपंप खुदवाये गये और लगभग 1 करोड़ की राशि अपने नाम से बिल लगाकर खाते में ली गई। आरोप है कि ठगी के इस कारोबार में देवगवां के पूर्व व भ्रष्ट सचिव ने 40 से 50 लाख का जुगाड़ बनाया। लगाये गये लगभग हैण्डपंप कुछ ही माहों में दम तोड़ गये, मामले की शिकायत कांग्रेस नेता द्वारा जिला पंचायत के सीईओ सहित कलेक्टर व संभागायुक्त को देकर जांच की मांग की गई। खबर तो यह भी है कि शिकायत देने के बाद जनपद स्तर पर जांच कमेटी भी बना दी गई है।
नेता, ठेकेदार या भ्रष्ट सचिव
राज कुमार शुक्ला कुछ वर्ष पूर्व तक जनपद पंचायत अनूपपुर के कर्मचारी थे, प्रशासन द्वारा उन्हें ग्राम पंचायत देवगवां की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, इस दौरान उन पर व्यापक पैमाने पर पंचायत की राशि खुर्द-बुर्द करने के आरोप लगे थे, बाद में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया, यह मामला अभी कहां तक पहुंचा है, यह तो वही जाने, लेकिन बीते चुनावों में वे जनपद सदस्य के पति बन गये और शासकीय कर्मचारी के बाद पंचायत के नेता के रूप में वे सामने आये। वर्तमान में राजकुमार शुक्ला पंचायत की नेतागिरी के साथ जनपद के लगभग पंचायतों में हैण्ड पंप खनन के साथ ईंट, रेता, गिट्टी, सीमेंट के साथ दर्जनों सामग्रियां बेच रहे हैं।
एक ही ठेकेदार, समझ से परे
जनपद पंचायत के 25 में से 17 से 18 सदस्यों ने एक ही ठेकेदार को पंचायत क्षेत्र में नलकूप खनन का कार्य कैसे दे दिया, यह समझ से परे हैं, शिकायत में आरोप लगाये गये हैं कि जनपद अध्यक्ष को अपने प्रभाव में लेकर कथित सचिव ने सभी जनपद सदस्यों को मिली चार-चार लाख की राशि हैण्डपंप लगाने का काम एक साथ कर लिया, जो पंचायत राज्य अधिनियमों का उल्लंघन हैं। सभी पंचायतों द्वारा एक ही ठेकेदार से काम करवाना महज संयोग नहीं, सुनियोजित भ्रष्टाचार है।

नाचने-गाने वाले क्या जाने तकनीकी और पंचायत अधिनियम
राज कुमार शुक्ला के ऊपर लगाये गये आरोपों के संबंध में जब चर्चा की गई तो श्री शुक्ला ने कहा कि पूरा कार्य नियमों के तहत हुआ है, मनोज सोनी तो सुनील सराफ की कृपा पर कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष बने हैं, आर्केस्ट्रा करने व नाचने, गाने वाले पंचायत अधिनियम व तकनीकी के संदर्भ में क्या जाने, बकौल राज कुमार शुक्ला, 25 की जगह 17 जनपद सदस्यों ने स्वयं के विवेक से नलकूप उत्खनन का कार्य लिया, मैं अकेला नहीं, जिसने यह कार्य किया। 4 से 5 व्यापारियों ने बोर किये, टीएस पीएचई से लिया, पीएचई ने ही मूल्याकंन किया, कोई कार्य नियम से परे नहीं किया गया।

प्रमाणित भ्रष्टाचारी को कार्य आवंटन गलत
कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष मनोज सोनी ने राजकुमार शुक्ला द्वारा दिये गये बयान के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि क्षेत्र की जनता ने जो आरोप लगाये हैं, उस पर जांच की मांग मेरे द्वारा की गई है, शिकायत के बाद ब्लाक में जांच की कमेटी गठित कर दी गई है, इस मामले की भी जांच होनी चाहिए कि राज कुमार शुक्ला के खाते में पंचायतों से कितनी राशि, किस-किस मद की गई है, करोड़ों रूपये जनपद अध्यक्ष व सदस्यों को प्रभाव में लेकर राज कुमार के खाते में गये, जिसके ऊपर पहले ही लाखों की रिकवरी है, उसके खाते में इतनी बड़ी राशि पुन: पंचायतों से जा रही है, जिसकी वसूली होनी चाहिए।

इनका कहना है
मामला मेरे कार्यकाल का नही है, पीएचई विभाग इसका वास्तविक अवलोकन करता है, अब उन्होने किस तरह किया है यह तो वही पता पायेंगे।
अरूण कुमार भरद्वाज
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत अनूपपुर


आपने मामले को संज्ञान में लाया है इसकी जल्द जांच करवायेंगे और दोषी पाये जाने पर कठोर कार्यवाही भी की जायेगी।
सरोधन सिंह
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत अनूपपुर


मामले की जांच विधिवित कराई जायेगी, अधिनियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्यवाही भी प्रस्तावित की जायेगी।
आर.बी. प्रजापति
संभागायुक्त, शहडोल संभाग


अभी विधानसभा सत्र चल रहा है, सत्र के बाद इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवायेंगे, तांकि भ्रष्टाचारियों को सजा मिल सके और आगामी समय में इस तरह के लोगों को किसी प्रकार के कार्य न प्रदान हो।
बिसाहूलाल ङ्क्षसह
विधाायक, अनूपपुर विधानसभा

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