पंचायत के आपरेटर ने दो जॉब कार्ड बना ले ली मजदूरी

जनपद पाली के ग्राम ममान के सरपंच-सचिव का कारनामा
दर्जन भर बिन्दुओं के साथ दस्तावेज देकर ग्रामीणों ने मांगा न्याय

(AMIT DUBEY-8818814739)
शहडोल। उमरिया जिले की पाली जनपद अंतर्गत ग्राम ममान के सरपंच व सचिव द्वारा शासकीय राशि के गबन का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने संभागायुक्त को शिकायत दी है, ग्रामीणों ने शिकायत पत्र के साथ संभागायुक्त को कथित जोड़ी द्वारा किये गये भ्रष्टाचार के साक्ष्य भी दिय हैं, ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच, सचिव व पंचायत का आपरेटर मिलकर शासकीय राशि की होली खेल रहे हैं, शिकायतकर्ताओं ने बताया कि गुलजार प्रसाद बैगा नामक आपरेटर ने बीते 2 से 3 वर्षाे में शासकीय राशि का इतने बड़े पैमाने पर गबन किया है कि कभी दो कमरों के कच्चे मकान में रहने वाले गुलजार का महज 4 से 5 हजार रूपये के वेतन में 10 कमरों का पक्का मकान, कार, महंगा सेल फोन एवं ऐसे ही आधुनिक संसाधनों से परिपूर्ण हो गया है, जिसकी जांच की जाये तो कथित ऑपरेटर सीखचों के पीछे नजर आये।
जॉब कार्डाे में गुलजार ही गुलजार
पंचायत में ऑपरेटर के पद पर काम कर रहे गुलजार पिता भदईया बैगा ने अपने पद व जानकारी का गलत फायदा उठाते हुए महज जॉब कार्ड से फर्जी मजदूरी की राशि का आहरण करने के उद्देश्य से अपने 2 जॉब कार्ड बनाये हैं और मजे की बात तो यह है कि गुलजार ने एक ही समय में एक ही निर्माण कार्य में अलग-अलग फैमली आईडी दर्ज कर दोनों के नाम पर मजदूरी भुगतान उठा लिया, जबकि हकीकत यह है कि गुलजार ने दोनों जगह काम ही नहीं किया, बल्कि वह कार्यालय में आपरेटर का कार्य कर रहा था और उस कार्य का भी उसने पंचायत से भुगतान उठाया। गुलजार की पहली समग्र आईडी का रजिस्ट्रेशन 22 दिसम्बर 2016 को हुआ था, जिसमें उसकी फैमली आईडी 388-ए थी, वहीं गुलजार ने 20 अगस्त 2018 को अपनी एक और आईडी बनाई, जिसमें उसकी फैमली आईडी 561 दर्ज है।
सरपंच पर भी लगे आरोप
ग्राम की महिला सरपंच श्रीमती भागवती बैगा के ऊपर भी फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया है, ग्रामीणों द्वारा दिये गये शिकायत पत्र में यह उल्लेख किया गया कि फर्जी जॉब कार्ड बनाकर शासकीय राशि आहरण कर निकाल लिया गया है, शांतिधाम कार्य अभी अधूरा है, लेकिन फर्जी बिल लगाकर, उसकी पूरी राशि निकाल ली गई है, आरोप यह भी लगे कि ग्राम पंचायत में अपने सगे संबंधियों को वेण्डर बनाकर उनके बिल लगवाकर राशि निकाली जा रही है, सीसी रोड, नाली निर्माण, पुलिया निर्माण, किचन शेड का कार्य सारे कार्य अधूरे हैं, लेकिन सरपंच-सचिव के द्वारा राशि हड़प ली गई है।
आपरेटर चला रहा पंचायत
सरपंच द्वारा अपने ही रिश्तेदारों को पंचायत के पोर्टल का पासवर्ड दे दिया गया है, जिससे वह कार्य बनाकर राशि निकाल लेते हैं, सरपंच ने अपने ही जाति के लोगों को जॉब कार्ड के द्वारा शासकीय राशि निकलवाई जाती है, जो अन्याय है। सरपंच के द्वारा अपने जाति के लोगों का एक व्यक्ति के कम से कम दो से तीन कार्ड बनवाया गया है, जो कि नियम विरूद्ध है, सरपंच ने जिस ऑपरेटर की नियुक्ति पंचायत में करवाई है, वह ऑपरेटर अपने अनुसार पंचायत का कार्य चलाता है और जो उसे कमीशन नहीं देता, उसे लाभ से वंचित कर दिया जाता है। गांव में जितनी भी पाईप पुलिया बनाई गई है, वह अधूरी पड़ी है और राशि पूरी आहरण कर ली गई है, ग्रामीणों ने कमिश्नर से अपील की है कि दोषी सरपंच-सचिव के खिलाफ जांच कर कार्यवाही करें।

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