पुलिया बना दो, सांसद बनते ही पास हो जायेगा बिल!

शिकायत के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने बंद कराया पुलिया का काम

अनूपपुर । आगामी 29 अप्रैल को मतदान होना है, लेकिन मतदान से पूर्व ही भाजपा प्रत्याशी के पति नरेन्द्र मरावी जीत के प्रति इतने आश्वस्त है कि उन्होंने अभी से ही ठेके बांटना शुरू कर दिया है। निर्माण कार्य खुद की कमीशन के लिए और रसूख का जलजला दिखाने के लिए कराया गया, या फिर ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए उन्हें लुभाने के लिए, वोट पाने के लिए नोट फॉर वोट की तरह पुलिया फॉर वोट के लिए फेंका गया पैंतरा है। जिले के अनूपपुर जनपद अंतर्गत पयारी क्रमांक-2 से भाद जाने वाले मार्ग पर बन रही पुलिया की स्वीकृति न तो स्थानीय पंचायत ने दी और न ही अन्य किसी विभाग ने, बावजूद इसके लाखों की लागत की पुलिया का निर्माण मतदाताओं को रिझाने के लिए राजनैतिक आका के आदेश पर शुरू कर दिया गया!
15 को शुरू हुआ पुलिया निर्माण
स्थानीय ग्रामीणों की माने तो 15 अप्रैल को जब आदर्श आचार संहिता लग चुकी थी, उसके बाद दारसागर जो भाजपा प्रत्याशी हिमाद्री के पति नरेन्द्र मरावी का गृह ग्राम है, वहां के मनोज शर्मा नामक ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य शुरू कराया गया, उसके साथ स्थानीय महिला सरपंच बत्तू बाई के पुत्र सतमन पनिका भी साथ थे, इस संदर्भ में सतमन पनिका ने दूरभाष पर बताया कि पंचायत ने किसी भी प्रकार के कार्य की स्वीकृति, प्रस्ताव, इजाजत या टीएस नहीं करवाया। सतमन पनिका ने कहा कि जब मनोज यहां काम करने लगा तो उससे पूछा गया कि काम कहां से स्वीकृत हुआ है, इस पर मनोज ने कहा कि मैं नरेन्द्र मरावी का आदमी हंू, उन्होंने कहा है कि स्वीकृति और भुगतान बाद में हो जायेगा, सांसद बनना तय है, इसी कारण मैंने निर्माण कार्य शुरू करा दिया है!
मौखिक शिकायत पर कार्यवाही
अनूपपुर जनपद के पूर्व अध्यक्ष गोङ्क्षवद पाण्डेय ने उक्त मामले की शिकायत विभागीय अधिकारियों को दी, जिसके बाद 20 अप्रैल को जनपद से टीम कार्य स्थल पर पहुंची और मौके पर गिट्टी, रेत व अन्य निर्माण सामग्री से कार्य होना पाया गया, लेकिन जब इसकी जांच की गई तो किसी भी विभाग से कार्य की स्वीकृत न होना पाया गया, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी गई और निर्माण कार्य बंद करने को कहा गया, लेकिन उसके बाद भी निर्माण कार्य बंद नहीं किया गया!
आदर्श आचार संहिता का मजाक
लोकसभा चुनाव के निर्वाचन की आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद मतदाताओं को लुभाने के लिए उक्त कार्य बिना किसी विभागीय या प्रशासनिक अनुमति के मनोज शर्मा नामक ठेकेदार द्वारा कराया जाना बड़ा मामला है। इस मामले में सरपंच के पुत्र की सहभागिता भी कटघरे में है, सवाल यह उठता है कि मतदाताओं को लुभाने और भाजपा प्रत्याशी के समर्थकों को काम के नाम पर आर्थिक लाभ पहुंचाने के दृष्टि से ही उक्त कार्य कराया जा रहा था। निर्वाचन आयोग द्वारा अनूपपुर को ही लोकसभा क्षेत्र का केन्द्र बिन्दु बनाया गया है और अनूपपुर कलेक्टर को निर्वाचन अधिकारी के साथ ही यहां माईक्रो आबर्जवर तक की नियुक्तियां की गई हैं। मामले में कितनी सच्चाई है, यह तो जांच का विषय है, मनोज शर्मा और सरपंच पुत्र द्वारा दिये गये बयान और उनकी भाजपा प्रत्याशी के पति से कितनी नजदीकियां हैं, यह तो वहीं जाने, लेकिन यह कोरा सच है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद दारसागर के कथित ठेकेदार और सरपंच पुत्र ने उसका खुलकर उल्लंघन किया।
इनका कहना है…
प्रशासकीय कार्याे की व्यस्तता के कारण मामले की जानकारी नहीं है, संबंधित अधिकारियों से चर्चा करने के बाद ही मैं कुछ कह पाऊंगा।
मिलिंद नागदेव
एसडीएम, कोतमा

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