पुलिस की संरक्षण में चल रहा एक लगाओं अस्सी पाओ का खेल

Ajay Namdev-7610528622

अनूपपुर। भालूमाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत जमुना, भालूमाड़ा में 1 का 80 का सट्टा का खेल स्थानीय पुलिस के मिलीभगत से चल रहा है, जमुना में कई पान ठेला व किराने की दुकान के आड़ पर हाइटेक तरीके से मोबाइल से खेल को खिलाया जा रहा है पर्ची न दे कर मोबाईल में व्हाट्सएप व मैसेंजर के जरिये मोबाईल से सट्टे का खेल बेखौफ होकर खिला रहे हैं। खेल को खिलाने वाले लोग सटोरिया 1 का 80 का लालच देकर लोगो से लाखों रुपए का खेल प्रतिदिन खिला रहे हैं।
भालूमाडा में जगह जगह सट्टोरीयो के अड्डे
ऐसा ही हाल भालूमाड़ा 3 न. का है जहाँ हर एक मोहल्ले में सट्टे का खेल खिलाने वाला एक व्यक्ति मौजूद हैं कल्लू, श्याम, मोती, ननकी, अनिल, प्रेम जैसे व्यक्ति 1 का 80 का खेल खुलेआम नगर के गली चौराहो में खिला रहे हैं ऐसा नहीं है कि सट्टे का खेल खिलाने वाले इन व्यक्तिओ को स्थानीय पुलिस नही जानती। थाने में पदस्थ कुछ पुलिसकर्मी इन सटोरियों से हर हफ्ते कमीशन लेकर वसूली का काम करते हैं। जब कभी पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों का क्षेत्र में हो रहे सट्टे के रोकथाम व कार्यवाही करने का आदेश दिया जाता है तो खानापूर्ति करने के लिए 2 या 4 सटोरियों पर खानापूर्ति की कार्यवाही कर दी जाती है ।
सट्टोरीयो पर पुलिस का नहीं चलता कानून का डंडा
जबकि कई वर्षों से सट्टा खिलाने वाले बड़े मगरमच्छ पर कभी कार्यवाही नहीं होती है कारण मात्र स्थानीय पुलिस व सटोरियों की साँठ गाँठ है। प्रतिदिन लाखो रुपये का खेल खिलाने वाले तक पुलिस के हाथ तो पहुंच जाते है लेकिन पुलिस कार्यवाही उन पर करने से कतराती है मात्र कुछ राजनीतिक संरक्षण भी सटोरियों को प्राप्त होता है कुछ बड़े मगरमच्छो सटोरियों पर कार्यवाही करने की हिम्मत जुटाती भी है तो नेताओं के फोन की घंटी बजने लगती है सटोरियों को छोडाने के लिए।
बदरा, कोतमा से संचालित सट्टे का अवैध कारोबार
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सट्टे का यह बड़ा कारोबार कई वर्षों से बदरा, कोतमा निवासी द्वारा किया जा रहा है हर जगह अपने एजेंट रखकर सट्टे के इस कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं। सट्टे को खेलने वाले लोग यह आस में बैठे रहते हैं कि आज उनका लगाये हुए नम्बर में सट्टे की लाटरी लग जायेगी लेकिन सट्टे की यह लाटरी लगती ही नहीं और सट्टे का खेलने वाले लोग 1 का 80 कामाने की लालच में युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है जब सट्टे को खेलने के लिए इनके पास पैसे न होंगे तो कही न कही युवा पीढ़ी चोरी जैसे अपराध करने में भी नहीं चूकती।मात्र कारण की सट्टे की लत इतनी लग गई हैं कि वह धीरे धीरे आपराधिक गतिविधियों में भी लिप्त हो जाते हैं पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों को को सट्टे के इस अवैध कारोबार पर पूर्ण विराम लगाने की जरूरत है।

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