पोल की जगह पेड़ से बांधा तार, लाखों पौधे सूखकर हुये बर्बाद

डिप्टी रेंजर और वनरक्षक का जंगलराज

रूधान के लिये आई तार और पोल बेचकर किया भ्रष्टाचार

पोल की जगह पेड़ से बांधा तार, लाखों पौधे रूखकर हुये बर्बाद

 

 वन संपदा की रक्षा व सुरक्षा के लिये जिन जिम्मेदारों को कमान दिया गया है, वही जिम्मेदार आर्थिक विलासिता में खोकर वनों को नष्ट करने में जुटे हुये हैं। लाखों पौधों की रखवाली के लिये सीमेंट के पोल व तार लगाकर कई किमी की रूधाईं किया जाना था, लेकिन डिप्टी रेंजर और वनरक्षक ने अधूरा कार्य कर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया।

अनूपपुर। वनमण्डल अनूपपुर अंतर्गत बीट खम्हरिया के कक्ष क्रमांक आरएफ 395, द्वित्तीय वनखण्ड लखनपुर (निदावन), भंगहा ग्राम से सटे जंगलो में लगभग 50 हजार पौधे वर्ष 2019-20 में रोपित किये गये थे, और इन रोपण की सुरक्षा के लिये लाखो की लागत से पोल व तार के माध्यम से रूधान किया जाना था, लेकिन जिम्मेदारों ने जंगल की सुरक्षा को छोड़ अपनी सुरक्षा करने के लिये अधूरा कार्य कर राशि का पूर्ण आहरण कर लिया। कई किमी का यह फेंसिंग बीच-बीच में कई मीटर तक लगाया ही नहीं गया।

ऐसे किया भ्रष्टाचार

 

विभाग द्वारा वनो की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुये पोल व तारों के माध्यम से रूधान करने के आदेश और राशि दी गई थी, ताकि नये रोपित पौधे व कीमती वृक्षो की सुरक्षा हो सके। लेकिन इन भ्रष्टाचारियों ने कई जगहों में पोल और तार न लगाते हुये जगह ही खाली छोड़ दिया व कागजों में कार्य पूर्ण दिखाकर राशि आहरित कर ली। इतना ही नहीं जितने भी पोल जमीन पर लगाये गये हैं वह सभी हिलते हैं तथा सैकड़ों पोल टूट चुके हैं और एक दूसरे के सहारे टिकाकर खड़ा कर दिया गया है।

नष्ट हो गये हजारों पौधे

 

बीट खम्हरिया अंतर्गत वर्ष 2019-20 में प्रजातिवार पौधों का रोपण किया गया था, जिसमें शिशू के 6000, कोशम 7500, शीशम 1927, बहेड़ा 8947, कैथा 1015, सिदुरी 1170, महुआ 900, आवंला 14759, कालासिरस 3000, साल 1000, सबबूल 900, लंभार 1305, इमली 1977 कुल 50,400 लगभग 13 प्रकार के पौधों का रोपण दीवार पर लिखकर पूर्ण कर दिया, लेकिन हकीकत में 25000 पौधे भी जंगल में देखने को नहीं मिलेगा। चंूकि सुरक्षा व व्यवस्था न होने के कारण आधे से ज्यादा पौधे नष्ट हो गये।

बेच दिया पेड़, रेत, पोल व तार

 

वन विभाग में पदस्थ परिक्षेत्र सहायक संतोष कुमार श्रीवास्तव और बीट खम्हरिया का बीट गार्ड भाई लाल राठौर ने चंद फायदों के लिये वन संपदा को तहस-नहस कर दिया। कीमती वृक्ष कटे हुये आसानी से देखे जा सकते हैं, नालो से ट्रेक्टरों द्वारा रेत निकाला जा रहा है, सुरक्षा के लिये आये पोल और तार को भी नहीं लगाया गया है। कुल मिलाकर इन जिम्मेदारों ने उच्चाधिकारियों को धोखे में रखकर अवैध कारोबार किया जा रहा है।

मजदूरी और पट्टे का कारोबार

 

इन जिम्मेदारों ने पोल और तार में भ्रष्टाचार करने के साथ-साथ मजदूरी भुगतान मेंं भी भारी अनियमितताएं की है, चहेतों और फर्जी लोगों के नाम मजदूरों की श्रेणी में दर्ज कर राशि का आहरण किया गया है। इतना ही नहीं जिन लोगों को वन पट्टा दिया गया है, उनसे भी राशि लेने के आरोप लगते रहे हैं। कुल मिलाकर नियम और कानून के साथ-साथ ईमानदार व कर्तव्यनिष्ट वनमण्डलाधिकारी अब्दुल कलीम अंसारी को ठेंगा दिखाते हुये वृहद रूप मेंं भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है।

इनका कहना है-

कुछ जगहों में पेडो की वजह से फेंसिंग नही किया गया, मैं अधिकारियों से चर्चा करता हूूं।

भाईलाल राठौर, वनरक्षक

बीट खम्हरिया

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हमने कार्य पूर्ण किया है, बीच में कई पोल व तार चोरी हो गई थी जिसकी शिकायत देवहरा चौंकी मेंं की गई थी और पुलिस ने बरामद भी किया था, पेड़ो से तारों की फेंसिंग नहीं की गई है, मैं भ्रमण में अवश्य जाउंगा।

संतोष कुमार श्रीवास्तव

परिक्षेत्र सहायक खम्हरिया

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