प्रधानमंत्री चीफ सेक्ट्ररी के आदेश बाद विश्वविद्यालय पहुची विशेष जांच टीम

Ajay Namdev- 7610528622

नियुक्तियों , भवन निर्माण और टेन्डरों की हो सकती है जांच

अनूपपुर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में परिसर भवन निर्माण तथा नियुक्तियों ेकी जांच के निर्देश प्रधानमंत्री कर्यालय द्वारा दिए गए है। जिसके बाद से लगातार तीन दिवसीय विश्वविद्यालय में शहडोल कमिश्नर तथा उनकी टीम का भ्रमण लगातार जारी है। सूत्रों ने बताया कि कमिश्नर की टीम द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति तथा अन्य स्टाफ से घंटों पूछताछ की जा रही है। जिससे पूरे विश्वविद्यालय में खलबली मची हुई है। ज्ञात सूचना के अनुसार जांच टीम नें विश्वविद्यालय के कुलपति से भी घंटों पूछताछ की है। जिसमें विश्वविद्यालय के भवन निर्माण , विश्वविद्यालय में 2015 से 2018 के बीच जारी विज्ञापनों से हुई अवैध नियुक्तियां और छात्रों के ऐडमिशन संबंधित गड़बडयि़ों की जांच की जा रही है। लालपुर स्थित विश्वविद्यालय में स्थापना और भवन निर्माण के बाद से ही विश्वविद्यालय में बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही थी। विद्यालय में बनने वाले भवन, छात्रावास, क्लास रूम, तालाब निर्माण, औषधि वाटिका के साथ विश्वविद्यालय में टेक्रीकल तथा नान टेक्रीकल नियुक्तियों में भी घोटाले की आशंका जताई जा रही थी। जिसके बाद से कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा शिकायत की गई। जिसके बाद प्रधानमंत्री द्वारा जांच के निर्देश मध्य प्रदेश मुख्य सचिव को दिया गए, जहां से विशेष जांच टीम बनाकर विश्वविद्यालय में जांच के लिए भेजी गई।
पीएम ऑफिस से आए जांच के आदेश
सूत्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय में हुई गड़बडयि़ों की जांच के आदेश प्रधानमंत्री द्वारा पत्र लिखकर दिया गया है पत्र में क्या है यह तो जांच टीम ही बता सकती हैं। लेकिन 3 दिनों से चली जांच के बाद विश्वविद्यालय में कानाफूसी तथा जांच टीम की चर्चाएं जोरों पर है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में तीन दिवस से लगातार बाहरी टीम आकर जांच कर रही है, छात्रों ने कहा की यह तो नहीं पता कि जांच की टीम कहां की है, पर शहडोल कमिश्नर जांच भी जांच टीम कें साथ विश्वविद्यालय आये थें।
तीन दिवस से चल रही आवाजाही
मिली जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय में तीन दिवस से कमिश्नर तथा उनकी टीम की आवाजाही किसी जांच को लेकर चल रही है। सूत्रों के अनुसार पता चला है कि कमिश्नर की जांच टीम ने कुलपति तथा अन्य स्टाफ से घंटों पूछताछ की है, तथा भवन निर्माण नियुक्तियों तथा टेंडर को लेकर जांच टीम द्वारा अपनी जांच जारी रखी गई है लगातार तीन दिवस से टीम विश्वविद्यालय आ रही है जिससे विश्वविद्यालय में खलबली मची हुई है। विश्वविद्यालय में जांच टीम का आवागमन जब से लगा हुआ है तब से विश्वविद्यालय के कुछ प्रोफेसर तथा स्टाफ में कानाफुसी तथा जांच के डर माहौल बना हुआ है। विशेष सूत्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में अनुचित रूप से हुए पदस्थापना पर बैठे शिक्षा तथा प्रोफेसर पर कार्यवाही तथा जांच की अशंका से दहशत का माहौल है।
हो सकती है गड़बडयि़ों की जांच
विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर अब तक भवन निर्माण, नियुक्तियां, ऐडमिशन, तालाब निर्माण, औषधि वाटिका जैसे अन्य कार्यों में गड़बड़ी की जांच विशेष जांच टीम द्वारा की जा सकती है। जिसमें विश्वविद्यालय के कुलपति की कार्य विस्तार के आदेश भी शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में बने छात्रावास, बसों के टैन्डर, दुकान टेंडर, कैंटीन टेंडर ,मेगा मैस टेंडर, सामान खरीदी-बिक्री तथा तथा अन्य टेंडर की जांच की जा सकती है जिसमें बड़े घोटाले उजागर हो सकते हैं।

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