बरबसपुर में ग्राम स्वाराज व विकास योजना की आड में भ्रष्टाचार

0

Ajay Namdev-7610528622
मामला ग्राम पंचायत बरबसपुर में बने पुलिया का

अनूपपुर। जिले भर में पंचायत के कार्यों में हो रहें अनियमितता और भ्रष्टाचार के कारण आये दिन अनूपपुर जिला सुर्खियों में बना रहता है। जैतहरी जनपद के अतंगर्त ग्राम पंचायत बरबसपुर में महात्मा गांधी ग्राम स्वाराज व विकास योजना के तहत पंचायत स्तर में हो रहे निर्माण कार्यों में हुये कार्य पर अनुपयोगिता सामने आ रही है। जिसमें बिन बहाव वाले स्थानों पर भी पुलिया का निर्माण कराकर लाखों रूपये की बंदरबांट कर ली गई। जैतहरी जनपद का ग्राम पंचायत बरबसपुर अनूपपुर मुख्यालय से सटा हुआ है उक्त ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार विकास योजना के तहत आरसीसी पुलिया निर्माण कार्य ग्राम पंचायत के वार्ड क्रमांक 18 में भोलगढ से सोनटोला मार्ग में निर्मित की गई पुलिया का है, जिस जगह पर पुलिया का निर्माण हुआ है उस जगह के अगल-बगल समतल खेत मौजूद है।
समतल भूमि में बनाया पुल
जिस जगह पर उक्त पुलिया बनाई गई है वहां पर बारिश दिनों में पानी का भराव देखने को नहीं मिलता ह,ै ऐसे में गलत जगह पर पुलिया कार्य कराया गया है। वह मार्ग एक छोर से दूसरे छोर तक समतल है। लेकिन पुलिया की उंचाई अधिक कर पानी का बहाव दिखाने का प्रयास किया गया है। वहीं पुलिया के रास्ते में बहाव की जगह पर पलाश का पेड भी मौजूद है। लगभग 5 लाख रूपये की लागत से निर्मित हुई यह पुलिया निश्चित ही गुणवत्ता विहीन व अनुपयोगी साबित हो रही है।
योजना के आड़ में अधिकारी भर रहे अपनी जेब
ग्राम पंचायत बरबसपुर की वार्ड क्रमांक 18 में भोलगढ़ मार्ग पर बने पुलिया निर्माण स्थल में कहीं पर भी पानी का बहाव अभी व बारिष के दिनों में देखने को नहीं मिला है। ग्रामीणों की मानें तो जिस जगह पर पुलिया का निर्माण किया गया है जगह उचित नहीं है। बावजूद इसके विभाग के द्वारा उक्त जगह पर निर्माण कार्य करा दिया गया है। उक्त निर्माण स्थल को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्माण स्थल पर बनाई गई पुलिया अनुपयोगी है। इतना ही नहीं समतल मार्ग को उंचा बनाकर पुलिया की उपयोगिता दिखाने का प्रयास किया गया है। यह कहना गलत नहीं होगा कि योजना की आड़ में अधिकारी व इंजीनियर अपनी जेबे भर रहे हैं।
कैसे होगा ग्राम स्वराज का सपना पूरा
शासन स्तर पर यह प्रयास किया जाता है कि ग्रामीण अंचलों में विकास का फायदा अंतिम छोर में बसे ग्रामीण जन को पहुंच सकेए साथ ही मार्ग को उपयुक्त बनाने के साथ ही आवागमन सुलभ किया जा सके। जिसके लिये इस तरह के निर्माण कार्य किये जाते हैं। चंद अधिकारी ठेकेदार के साथ मिलकर पंचायत को ही चूना लगाने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे में किस तरह से ग्राम स्वाराज का सपना पूरा हो पाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.