बिजली की आंख मिचौली से लोग परेशान ,सरकार की हो रही फजीहत

( कमलेश मिश्रा+91 96446 20219)
बिजुरी । गर्मी हो या बरसात लेकिन बिजली विभाग अपने रवैए को बदलने के लिए तैयार नहीं है। हाल ही में डाली गई घटिया विद्युत केबल के चलते आए दिन फाल्ट सामने आ रहे है बिजली कर्मी बारिश के बावजूद फाल्ट सुधारने में लगे रहते है। घटिया सामग्री का भुगतान बिजली कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है। 24 घंटे में 15-से 20 बार बिजली जाना मामूली बात हो गई है। गत दिनांे विधायक की समीक्षा बैठक में फटकार के बाद भी बिजली कंपनी के रवैए में किसी तरह का सुधार नजर नहीं आ रहा है। जब शिकायत की जाती तो शीघ्र व्यवस्थाएं में सुधार की बात कही जाती है। व्यवस्थाएं चरमराती जा रही है, चाहे बिजली का मामला हो या फिर स्वास्थ्य सुविधाओं का बिजरी क्षेत्र अपंगता का शिकार है। जिसके कारण जनता में सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा हैं। यदि बिजली विभाग का रवैया इसी तरह रहा तो आमजन आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

बादलों की गरज से बिजली हो जाती है गुल: बिजली कंपनी की यह स्थिति है कि बिजली कंपनी रात दिन फाल्ट सुधारने में लगे हुए है। इसके बावजूद बिजली की आंख मिचौली समाप्त होने का नाम नहीं ले रही हैं। बिजली दिग्गी सरकार की यादें ताजा कर रही है। बादलों की गरज या जरा सी बूंदें गिरते ही बिजली गोल होना आम बात हो गई है। बार-बार बिजली जाने आने से लोगो के उपकरण भी खराब हो रहे हैं। नपा की जलावर्धन योजना के तहत टंकियों से पानी सप्लाई जिस समय होता है उस समय खासकर बिजली गोल हो जाती है जिससे पानी भरने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

बिल अधिक राशि के आ रहे है और बिजली बार-बार जाने के बारे में संजीव पांडेय,विवेक पांडेय,लवकुश मिश्रा,पत्रकार विनोद द्विवेदी सहित अन्य लोगो का कहना है कि बिजली विभाग कटौती शुरू कर दें, ताकि यह तो पता रहेगा कि इस समय लाइट नहीं रहेगी ताकि हम दूसरा काम निपटा सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बिजली की आंख मिचौली से लोग परेशान ,सरकार की हो रही फजीहत

( कमलेश मिश्रा+91 96446 20219)
बिजुरी । गर्मी हो या बरसात लेकिन बिजली विभाग अपने रवैए को बदलने के लिए तैयार नहीं है। हाल ही में डाली गई घटिया विद्युत केबल के चलते आए दिन फाल्ट सामने आ रहे है बिजली कर्मी बारिश के बावजूद फाल्ट सुधारने में लगे रहते है। घटिया सामग्री का भुगतान बिजली कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है। 24 घंटे में 15-से 20 बार बिजली जाना मामूली बात हो गई है। गत दिनांे विधायक की समीक्षा बैठक में फटकार के बाद भी बिजली कंपनी के रवैए में किसी तरह का सुधार नजर नहीं आ रहा है। जब शिकायत की जाती तो शीघ्र व्यवस्थाएं में सुधार की बात कही जाती है। व्यवस्थाएं चरमराती जा रही है, चाहे बिजली का मामला हो या फिर स्वास्थ्य सुविधाओं का बिजरी क्षेत्र अपंगता का शिकार है। जिसके कारण जनता में सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा हैं। यदि बिजली विभाग का रवैया इसी तरह रहा तो आमजन आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

बादलों की गरज से बिजली हो जाती है गुल: बिजली कंपनी की यह स्थिति है कि बिजली कंपनी रात दिन फाल्ट सुधारने में लगे हुए है। इसके बावजूद बिजली की आंख मिचौली समाप्त होने का नाम नहीं ले रही हैं। बिजली दिग्गी सरकार की यादें ताजा कर रही है। बादलों की गरज या जरा सी बूंदें गिरते ही बिजली गोल होना आम बात हो गई है। बार-बार बिजली जाने आने से लोगो के उपकरण भी खराब हो रहे हैं। नपा की जलावर्धन योजना के तहत टंकियों से पानी सप्लाई जिस समय होता है उस समय खासकर बिजली गोल हो जाती है जिससे पानी भरने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

बिल अधिक राशि के आ रहे है और बिजली बार-बार जाने के बारे में संजीव पांडेय,विवेक पांडेय,लवकुश मिश्रा,पत्रकार विनोद द्विवेदी सहित अन्य लोगो का कहना है कि बिजली विभाग कटौती शुरू कर दें, ताकि यह तो पता रहेगा कि इस समय लाइट नहीं रहेगी ताकि हम दूसरा काम निपटा सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed