बुढ़ार रोड स्थित शांतिधाम  श्मशान घाट बना   नशा खोरी का नया अड्डा

 

चारो और फैली  है गंदगी और  नशाखोरी के अवशेष ,

शिरीष नंदन श्रीवास्तव 9407070665

 

अव्यवस्था देख भाजपा जिला अध्यक्ष ने व्यक्त की नाराजगी

 

शहडोल । नगर के मध्य स्थित बुढ़ार रोड स्थित शांतिधाम नगर  का  प्रमुख श्मशान घाट हैं  जहाँ आये दिन लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने आते हैं।   लेकिन देखरेख के अभाव में इसका हाल बदहाल है  इन दिनों  यह स्थान नशाखोरी का का अड्डा बन गया    है। चारो और नशा करने की सीरिंज शराब की बोतले बिखरी हुई है।  खास कर लोगो के बैठने के स्थान पर सीरिंज और इन्जेक्शजन के रैपर पड़े हुए है।  इस स्थान  पर फैली गन्दगी और नशाखोरी की सामग्री को जब भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त अध्यक्ष कमल प्रताप सिंह ने जब देखा तो उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और  इस बात को लेकर स्वयं संज्ञान में लेकर  पुलिस अधीक्षक का ध्यानाकर्षण दिलाने का  आश्वाशन भी दिया। उन्होंने कहा की यह स्थान पवित्र स्थान है यहाँ इस प्रकार की नशाखोरी करना बेहद गलत और  अक्षम्य  है   शांति धाम होने के कारण इस स्थान  जल्द ही में कोई नहीं आता है।  साफ सफाई और देख रेख केअभाव में  इस जगह में  में भीषण गन्दगी व्याप्त है और चारो कूड़ा करकट पूजन सामग्री के अवशेष ज ली हुई लकड़ियां कांच के टुकड़े फैले हुए है ।  इस कारण यहां आने वाले लोगों को  बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं नगर पालिका ने  बुढ़ार रोड स्थित मुक्तिधाम की दशा सुधारने के लिए लाखों रुपए खर्च किए हैं। लेकिन  साफ सफाई के आभाव  में उसके बाद भी स्थिति ज्यों कि त्यों बनी हुई है। मालूम हो कि बुढ़ार रोड स्थित   मुक्तिधाम शहर के बीचों-बीच स्थित है। लेकिन उसके बाद भी नगर पालिका द्वारा इसके रख-रखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थिति यह है कि श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए बने चबूतरे जर्जर हो चुके हैं। जिसकी मरम्मत कई साल से नहीं कराई गई है। वहीं श्मशान घाट परिसर में पानी की बेहतर सुविधा उपलब्ध नहीं है।  स्थिति यह है कि परिसर के अंदर रखी सीमेंट की कुर्सी टूटने की कगार पर पहुँच  चुकी है।
लाखो में हुआ था सौंदर्यीकरण

बुढ़ार रोड स्थित शान्तिधाम  शहर के बीचों-बीच स्थित है। लेकिन उसके बाद भी नगर पालिका द्वारा इसके रख-रखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आज  स्थिति यह है कि श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के  आये हुए लोगो को भीषण गन्दगी का सामना करना पड़ता है इस जगह को देख कर लगता है कि यहाँ कई महीनो से साफसफाई नहीं हुई है  लोगो के बैठने के लिए बने चबूतरे जर्जर हो चुके हैं। जिसकी मरम्मत कई साल से नहीं कराई गई है। वहीं श्मशान घाट परिसर में पानी की बेहतर सुविधा उपलब्ध नहीं है।  स्थिति यह है कि लोग यहाँ शांति के साथ अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करना चाहते है लेकिन जो सुकून पहले यहाँ आने पर मिलता था वह अब नहीं मिलता है । परिसर के अंदर रखी सीमेंट की कुर्सी टूटने की कगार पर पहुँच  चुकी है। चारो ओर कूड़ा करकट  और नशेखजोरी के अवशेष फैले  हुआ है अंदर एक साथ चार जगह अंतिम संस्कार करने कि व्यवस्था है लेकिन चारो ही स्थान  अव्यवस्थित और गन्दगी से भरी हुई है ।
नशाखोरी के कारण  किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा    हो सकता है अक्षत सोनी  हत्याकांड और  धनपुरी   में है  हाल ही में हुआ हत्याकांड इसका ताज़ा उदहारण है

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