भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का हुआ शहडोल आगमन

लोकसभा उम्मीदवारों की नब्ज टटोल कर लौट गये सहस्त्रबुद्धे

शहडोल। विधानसभा चुनावों में प्रदेश की सत्ता हाथ से जाने के बाद के इन माहों में संभवत: पहली बार भाजपा संगठन के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी का शहडोल आगमन हुआ, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मध्यप्रदेश के प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे करीब 7 घंटे संभागीय मुख्यालय में रहने और भाजपा कार्यकर्ताओं, मीडिया कर्मियों से मुलाकात कर वापस लौट गये, हालाकि मीडिया कर्मियों से परिचर्चा के दौरान श्री सहस्त्रबुद्धे ने अपने दौरे को सामान्य बताया , लेकिन भाजपा कार्यालय में शहडोल लोकसभा के उम्मीदवारों से की गई गुप्तवार्ता चर्चाओं में रही।
सबको दिया मिलने का मौका
स्थानीय पैलेस में पत्रकारों से परिचर्चा के बाद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सहस्त्रबुद्धे भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने शहडोल लोकसभा सीट से दावेदारी कर रहे, नेताओं को कुछ-कुछ मिनटों के लिए समय भी दिया, इस दौरान अनूपपुर जिले से सबसे अधिक दावेदार सामने आये, जिसमें कुछ हारे हुए योद्धा और कुछ ऐसे नेता भी थे, जिन्होंने विधानसभा चुनावों में पार्टी के खिलाफ खुलकर बगावत की थी, बहरहाल मिलने वालो में अनूपपुर से रामदास पुरी, रामलाल रौतेल, सुदामा सिंह, हीरा सिंह श्याम, नरेन्द्र मरावी ने संभवत: अपनी दावेदारी ठोकी तो दिलीप जायसवाल, ब्रजेश गौतम जैसे नेताओं ने अपने पसंद वाले उम्मीदवार की वकालत की। शहडोल से जयसिंह मरावी (विधायक जयसिंहनगर), वर्तमान सांसद ज्ञान सिंह अपने पुत्र शिव कुमार को लेकर यहां पहुंचे, उनके अलावा मानपुर विधायक सुश्री मीना सिंह भी यहां पहुंची। लगभग इन सभी लोगों को श्री सहस्त्रबुद्धे ने अकेले में मिलने और पक्ष रखने के लिए समय दिया।
यह भी ठोक रहे दावेदारी
बीते विधानसभा चुनाव में पुष्पराजगढ़ से भाजपा प्रत्याशी नरेन्द्र मरावी के खिलाफ खुद मैदान में उतरने और इसके बाद पार्टी द्वारा निस्काषित सुदामा सिंह भी संभवत: यहां टिकट के लिए श्री सहस्त्रबुद्धे से मिलने पहुंचे, इनके अलावा अनूपपुर से पूर्व जिलाध्यक्ष रामदास पुरी जिन्होंने विधानसभा प्रत्याशी रामलाल रौतेल के खिलाफ खुलकर बिगुल फूंका था, वे भी टिकट के दावेदारों में नजर आये, मजे की बात तो यह रही कि विधानसभा चुनावों में अनूपपुर से भाजपा प्रत्याशी रामलाल रौतेल के खिलाफ लामबंदी करने वाले भाजपा नेता अनिल गुप्ता श्री सहस्त्रबुद्धे के साथ पत्रकारवार्ता के दौरान मंच पर बैठे नजर आये। उक्त स्थितियों को देखकर इस बात का भाष तो हो गया कि अब भाजपा में शायद अनुशासन का डंडा सरकार जाने के बाद शिथिल पड़ गया है और पार्टी खुद को मजबूत करने के लिए विभीषणों को भी गले लगा रही है।


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