मन की हुई मनरेगा, मजदूरों के नाम दौड़ रहे जेसीबी मामला जैतहरी जनपद के ग्राम पंचायत बरगवां का

Ajay Namdev- 7610528622


ग्राम बरगवां में खेल मैदान निर्माण के लिए पंचायत पदाधिकारियों ने पूर्व से बनी पंचायत की नर्सरी में जेसीबी चलवा दी, मनरेगा के तहत जहां मजदूरों को काम मिलना चाहिए, वहां चोरी छुपे जेसीबी से काम किया जा रहा था, जब मीडियाकर्मी पहुंचे तो जेसीबी हटवा दी गई, मामला प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचा तो खेल मैदान को विलोपित कर उन्हें मेला मैदान में काम लगाना बताकर गुमराह कर दिया गया। 

बरगवां। पंचायत अंतर्गत सरपंच और रोजगार कर्मी की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही हैं, पूर्व में इसी बरगवां पंचायत की महिला सरपंच व तात्कालीन सचिव के खिलाफ शौचालय में 35 लाख से अधिक का भ्रष्टाचार साबित हो चुका था, गुरूवार की सुबह ग्राम पंचायत बरगवां में सरपंच के घर के समीप ही बीती पंचवर्षीय में लगी नर्सरी और उससे सटे भू-खण्ड में खेल मैदान निर्माण के लिए काम शुरू किया गया, लेकिन मनरेगा के तहत चालू किये जाने वाले इस कार्य में मजदूरों की जगह जब जेसीबी ने काम करना शुरू किया तो यह खबर गांव में फैल गई। इस संबंध में जब पंचायत की सरपंच और महिला पंचायतकर्मी से जानकारी चाही गई तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, मामला जनपद और जिला पंचायत सीईओ तक पहुंचा, तो प्रतिक्रिया में पंचायत से उक्त कार्य सरपंच के घर के समीप का न होकर बरगवां मेला मैदान का होना बताया गया। गौरतलब है कि बरगवां पंचायत में इससे पूर्व भी भ्रष्टाचार के कई मामले प्रमाणित हो चुके हैं, पूर्व में बरगवां की महिला सरपंच भाजपा विधायक रामलाल रौतेल की करीबी मानी जाती रही और उन्हें संरक्षण मिलता रहा। जिस कारण पूर्व के दर्जनों आरोप प्रमाणित होने के बाद भी फाईलें कार्यालयों में कार्यवाही के लिए धूल खाती रही। यह हुआ गुरूवार को ग्राम पंचायत अंतर्गत बापू चौक के समीप वार्ड नंबर 12 में खेल मैदान निर्माण के लिए जेसीबी से काम करवाना शुरू किया गया, कुछ घंटो तक काम होने के बाद यह खबर मीडिया तक पहुंची, मौके पर जब मीडियाकर्मी पहुंचे तो कार्य करा रहे लोगों ने वहां से मशीन हटावा दी और काम बंद कर भाग खड़े हुए, किये जा रहे कार्य में सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि जिस स्थान पर पूर्व में मनरेगा अंतर्गत लगभग 20 लाख रूपये खर्च कर नर्सरी की चार योजनाएं संचालित की गई थी, उसी स्थान पर खेल मैदान बनाने की आवश्यकता क्या आन पड़ी, यही नहीं जब मनरेगा के अंतर्गत जेसीबी या अन्य मशीन से कार्य कराना प्रतिबंधित है तो यहां जेसीबी क्यों लगाई गई। पहले काम, फिर चोरी छुपे मस्टर बरगवां पंचायत में यह पहला मौका नहीं जब इस तरह की अनियमितता सामने आई हो, यहां अधिकांश कार्याे में पहले पंचायत काम करवाती है, फिर मन पसंद के लोगों के नाम पर मस्टर जारी होता है और उसमें फर्जी हाजरी भरी जाती है, यदि चोरी पकड़ी जाती है तो काम व्यक्तिगत बता दिया जाता है, छोटी सी पंचायत में इतने साहूकार नहीं की खुद के खर्चे से खेल मैदान बनवा दें, बहरहाल इस संबंध में पंचायत कर्मी से बात की गई तो उसने कहा कि हम कोई काम नहीं करवा रहे, वहीं सीईओ जनपद को जो जानकारी दी गई, उसमें उक्त कार्य वार्ड नंबर 12 नहीं बल्कि मेला मैदान में करवाने की बात कही गई, यदि कार्य पंचायत ने नहीं करवाया तो पंचायत की लाखों की नर्सरी में जेसीबी चलाने वाले लोग कौन थे, जिन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और पंचायतकर्मी उनसे फोन पर बात करते रहे। 

भ्रष्टाचार अब भी है जारी
इधर खबर यह भी है कि पंचायत अंतर्गत सोडा फैक्ट्री गेट के सामने कंपनी के पार्किंग स्थल पर बीते माहों में पंच परमेश्वर से निजी भूमि पर फर्सीकरण कराया गया, उक्त कार्य भी दोयम दर्जे का था, जिसमें पंचायत से भुगतान हुई राशि से महज 20 प्रतिशत ही खर्च किया गया, इस मामले की शिकायत जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर को बीते दिनों की गई थी, जिसके जांच के आदेश भी दिये गये, लेकिन इसकी खबर लगते ही पंचायत पदाधिकारियों ने पुन: निर्माण स्थल पर कार्य लगा दिया, नियमत: पंच परमेश्वर से फर्सीकरण नहीं किया जाना चाहिए, यही नहीं निजी भूमि पर अन्यत्र का नक्शा-खसरा लगाकर कार्य करना भी धोखाधड़ी के अंतर्गत आता है, लेकिन शिवराज के राज में भाजपा विधायक के संरक्षण में सब चलता रहा और वह आज भी जारी है। 

जुगाड़ से रूका ली लाखों के भ्रष्टाचार की फाईल 
पंचायत की महिला सरपंच के ऊपर स्वच्छता अभियान के तहत लगभग 50 लाख से अधिक का घोटाला जांच में प्रमाणित पाया गया था, उसे पद से पृथक भी किया गया था, लेकिन माननीय उच्च न्यायालय से तात्कालीन स्टे मिलने के कारण उसे दोबारा पद दिया गया, दूसरी तरफ जनपद और जिला पंचायत में बैठे भाजपा प्रेमी तात्कालीन अधिकारियों ने भ्रष्टाचार की गंगा में डुबकी लगाई और माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिया गया समय व्यतीत होने के बाद भी वहां सकारात्मक जवाब प्रस्तुत नहीं किये गये।

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