मानव स्वास्थ्य सहित पर्यावरण के लिये हानिकारक पॉलीथिन, कार्यवाही के साथ पीसीबी के दल ने व्यापारियों को दी समझाइस

( Shubham Tiwari- 7879308353)
शहडोल। पर्यावरण वन एवं जल वायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पालीथिन प्रबंधन नियम 2016 में शुरू किये गये, उक्त नियम पूर्व में प्रचलित प्लास्टिक अपशिष्ट (प्रबंधन एवं हथालन) नियम 2011 को सुपरसीड कर बनाये गये हैं। भारत वर्ष में पर्यावरण संबंधी नियमों के मदर अम्ब्रैला एक्त (जनक अधिनियम) अर्थात पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 5,15 तथा 16 के तहत केन्द्र शासन द्वारा प्लास्टिक प्रबंधन नियम समय-समय पर अधिसूचित किये गये हैं तथा इनको वर्तमान समाज एवं समय की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए व्यावहारिक पक्ष एवं संबंंधित न्यायालयीन निर्णयों एवं आदेशों के प्रकाश में समय-समय पर संशोधित कया जाता रहा है, जिससे कि भारत देश प्लास्टिक अपशिष्ट समस्या जैसे आधुनिक युग के दानव से मुक्त हो सके। विकास की प्रगति पर अग्रसर भारत के शहरों एवं नगरों में प्लास्टिक अपशिष्ट का सुचारू निस्तारण एक अत्यंत गंभीर समस्या है।

यह हुआ परिवर्तन

वर्तमान में प्रचलित नियमों में पॉलीथिन की न्यूनतम मोटाई को 40 माइक्रोन से बढ़ाकर 50 माइक्रोन कर दिया गया है, जिससे कि कैरी बैग्स की कीमत में वृद्धि हो एवं दुकानदारों द्वारा पॉलीथिन कैरी बैग्स को मुफ्त में वितरित करने की प्रवृत्ति में अंकुश लगे। न्यूनतम पॉलीथिन की मोटाई 40 माइक्रोन से बढ़ाकर 50 माइक्रोन होने से मोटे अनुमान के अनुसार कैरी बैग्स की निर्माण लागत में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे दुकानदार पॉलीथिन का उपयोग करने में हतोत्साहित होते हैं। वर्ष 1999 में बनाये गये चक्रीकृत प्लास्टिक निर्माण एवं उपयोग नियम के अनुसार पॉलीथिन कैरी बैग की न्यूनतम मोटाई 20 माइक्रोन थी, जो कि 2011 में नियमों में संशोधन कर 20 माइक्रोन से 40 माइक्रोन की गई, किंतु पॉलीथिन बैग के उपयोग में अपेक्षित कमी नहीं आई, इसीलिये पुन: 2016 में नियमों में संशोधन कर न्यूनतम मोटाई को 40 माइक्रोन बढ़ाकर 50 माइक्रोन किया गया। 

व्यापारियों को दी समझाइस

संभागायुक्त शोभित जैन द्वारा विगत दिनों अमरकंटक में शासकीय विभागों एवं नगरीय निकायों की बैठक में पॉलीथिन प्रदूषण के नियंत्रण पर विशेष जोर दिया गया है एवं संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही करने हेतु प्रेरित किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा शुक्रवार को नगर परिषद जयसिंहनगर को प्रेरित कर छापामार कार्यवाही सुनिश्चित की गई, जिसमें 10 दुकानों से 13.24 किग्रा पॉलीथिन जब्त की गई।

इस छापामार कार्यवाही में स्थानीय थाना के पुलिस बल भी उपस्थित रहकर सहयोग प्रदान किया। विभागीय अधिकारियों द्वारा पॉलीथिन अपशिष्ट से होने वाले हानिकारक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया गया तथा पॉलीथिन कैरी बैग्स के विकल्प के रूप में नॉन-वूवन बैग वितरित किये गये एवं ग्राहकों को पॉलीथिन कैरी बैग के स्थान पर नॉन-वूवन बैग का उपयोग करने की समझाइश दी गई एवं प्रेरित किया गया।

12 दुकानों से 13.24 किग्रा जब्त

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कनिष्ठ वैज्ञानिक जी.के.बैगा एवं कॉपिस्ट राजेश सिंह व रवि वर्मा के द्वारा सक्रियतापूर्वक भाग लिया गया। इस दौरान 12 दुकानों से लगभग 13.24 किग्रा पॉलीथिन जब्त की गई। छापामार कार्यवाही के दौरान प्रशासन की ओर से तहसीलदार वीरेन्द्र कुमार पटेल, नगर परिषद जयसिंहनगर की ओर से मुख्य नगरपालिका अधिकारी जे.एन.पाण्डे तथा पुलिस बल के रूप में सुनील कुमार (एएसआई) तथा आरक्षक मनीवर मरकाम उपस्थित रहे। उक्त जब्त पॉलीथिन का भविष्य में पुन:उपयोग न हो यह सुनिश्चित करने हेतु नगर पालिका परिषद जयसिंहनगर के विभागीय अमले द्वारा बरामद पॉलीथिन बैग्स को काट-काट कर जब्ती बनाई गई तथा लगभग 4 हजार रुपय का जुर्माना संबंधित दुकानदारों पर लगाया गया। कुछ दुकानदारों द्वारा स्वाभाविक रूप से अप्रसन्नता भी व्यक्त की गई। पर्यावरण हित में एवं जनहित में विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि यह छापाकार कार्यवाही आगामी समय में भी कई नगरीय निकायों में होना संभवत है। 

पर्यावरण पर दुष्प्रभाव

पशुधन-गाय, भैस, बकरी इत्यादि की असामयिक मौत, सीवर-नालियों का जाम होना, सीवर नालियों से बदबू एवं ओवर फ्लो की समस्या, बरसात के दिनों में सर्फेस रन ऑफ से गंदे पानी का चारो ओर आवागमन एवं दैनिक उपयोग के स्थान पर फैलना, पॉलीथिन जलाने से विषैली डायक्सिन एवं फ्यूरॉन गैसों का उत्सर्जन, पॉलीथिन अपशिष्ट यत्र-तत्र उडऩे से शहरों एवं कालोनी की सुन्दरता प्रभावित होना

यह कहते नियम-कायदे

चक्रीकृत प्लास्टि निर्माण एवं उपयोग नियम 1999 न्यूनतम मोटाई 20 माइक्रोन, प्लास्टिक अपशिष्ट (प्रबंधन एवं हथालन) नियम 2011 न्यूनतम मोटाई 40 माइक्रोन, म.प्र. जैव अनायास नियम 2012 (म.प्र. शासन द्वारा अधिसूचित सम्पूर्ण म.प्र. में पॉलीथिन पर प्रतिबंध, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 न्यूनतम मोटाई 50 माइक्रोन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधित नियम 2018।
 

अपशिष्ट प्रबंधन पर जिम्मेदार संस्थाएं

पॉलीथिन उत्पादन बनाने वाले उद्योगों पर प्रतिबंध हेतु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अधिकार क्षेत्र, क्षेत्र में पॉलीथिन कैरी बैग के उपयोग एवं बिक्री पर प्रतिबंध लगाने हेतु संबंधित नगरीय निकाय (नगरपालिका/नगर परिषद) का दायित्व, ग्राम पंचायत क्षेत्र में पॉलीथिन कैरी बैग की बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध लगाने हेतु संबंधित जनपद पंचायत/ग्राम पंचायत का दायित्व। 

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