मुर्गी पालन शेड निर्माण में हुआ करोड़ो का भ्रष्टाचार

  • मुर्गी पालन शेड निर्माण में हुआ करोड़ो का भ्रष्टाचार
  • मामला प्रधानमंत्री खनिज निधि का
  • लगभग 300 करोड़ के हुए भ्रष्टाचार पर लगातार

राजेश सिंह

इन्ट्रोः- जिले में खनिज निधि के पैसे की बंदरबांट जो हुई है उसका हिसाब किताब जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। जिले के अधिकारी जांच कार्यवाही का भरोसा देकर अपना पल्लाझाड़ रहे है तो वहीं भ्रष्टाचार की अकंठ में डूबे ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी सरकार के खजाने को खाली करके मौज-मस्ती कर रहे है। मुर्गी पालन के नाम पर आदिवासियों की दषा और दिषा भले ही न बदली हो, पूर्व जिला पंचायत सीईओ केव्हीएस चैधरी तथा उनके घर परिवार के लोगों की इस योजना के माध्यम से दषा और दिषा जरूर बदली। बताया जाता है कि मुर्गी पालन की इस योजना में चूजे पहुॅचाने से लेकर अन्य सामग्री की सप्लाई सीईओ साहब की खास चहेती कम्पनी को काम दिया गया था। इस पूरे मामले की सूक्ष्म जांच कराई जाये तो कई चैकाने वाले तथ्य खुलकर सामने आ सकते है।
अनूपपुर। प्रधानमंत्री खनिज प्रतिष्ठान निधि से जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के कई ग्राम पंचायतों में विकास के लिए कई करोड़ रूपये सन् 2016-17 में स्वीकृत किये गये। इस राषि का धरातल पर उपयोग किया जाना कम ही दिखाई पड़ रहा है। ग्राम पंचायतों का भ्रमण के उपरंात जो स्थिति सामने आयीं वह कागजी हकीकतों से कोषो दूर दिखाई दी। अधिकारियों में स्वीकृत राषि की जो बंदरबांट की है उसकी यदि सूक्ष्म जांच कराई जाये तो कई चैकाने वाले तथ्य खुलकर सामने आ सकते है तो वहीं इस भ्रष्टाचार के अकंठ में डूबे कई अधिकारी-कर्मचारी सलाखों के पीछे नजर आयेगें। जो भ्रष्टाचार किया गया है वह कोई मामूली भ्रष्टाचार नहीं है कहीं हितग्राहियों के नाम पर तो कहीं विकास के नाम पर पैसा का आहरण कर लिया गया,लेकिन काम आज भी पूरा नहीं हो सका।
मुर्गी शेड निर्माण हेतु दी गई राषि
जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ की ग्राम पंचायत तरंग पयारी में लेयर मुर्गी शेड निर्माण हेतु सैकड़ो हितग्राहियों को 1 लाख 92 हजार रूपये के हिसाब से पैसा प्रधानमंत्री खनिज प्रतिष्ठान निधि से जारी किया गया,लेकिन अधिकांष हितग्राहियों के यहां आज तक न तो शेड का निर्माण हुआ और न ही मुर्गी पालन का काम हो सका, जो काम हुआ भी वह भी आधा-अधूरा और पैसे की बंदरबांट सरपंच,सचिव तथा उपयंत्री से लेकर जिले के अधिकारियों में कर ली। जिले के मौजूदा जिला पंचायत सीईओ सरोधन सिंह ने भी कई ग्राम पंचायतो का निरीक्षण किया जहां पर निर्माण कार्य आधा-अधूरा पाया।
इनके नाम पर जारी हुआ पैसा
जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायत तरंग पयारी में लेयर मुर्गी शेड निर्माण हेतु षिवकुमारी, ललिता बाई,गुडडन बाई, रामकली, सकीला, सज्जू बाई, किरण बाई, श्याम बाई, विकनी बाई, सुषमा बाई, फूलवती, बेला बाई, राजकुमारी, गुलबिया बाई, तेरसिया, सुखवरिया, सरूपिया,उषा बाई, राधा बाई, श्यामकली, समनी बाई, सुमंत्री बाई, श्याम बाई, कौषिल्या बाई, गंगी बाई, मीराबाई, धरमवती, भागा बाई, कलावती, बुद्धीबाई, कमलवती, पार्वती बाई, धनमतिया बाई, सुखनी बाई, धारा बाई, कौषिल्या बाई, प्रेमवती, सुनीता बाई, चन्द्रकल, क्रांति, गीता बाई, रूकमणि, फूलबाई,मुन्नी बाई, भानमति,ष्यामकली, वती बाई, खेमवती, सावित्री बाई,रामबाई,गोमती बाई रामकली, फूल बाई, तिहरिया बाई, सेमा बाई, सुखिया बाई, कमलवती, चम्मी बाई, कौषिल्या बाई, ठकुराईन बाई, अमरवती, जमवती, कौषिल्या बाई, रती बाई, भागरती बाई, सीमा बाई, छवलिया बाई, षांति बाई, धनाबाई, लीला बाई, रमतिया बाई, पूसा बाई, गोमती बाई, गुडिया बाई, गुलबिया बाई,ष्यामवती, बेला बाई, इन्द्रवती व ग्राम पंचायत सरई पार्वती बाई, लल्ली बाई, संुदरिया बाई, सुखवरिया बाई, षकुन्तला बाई, देववती बाई, ष्याम बाई, फुलिया बाई, कमलवती बाई, सरस्वती बाई, मुल्ली बाई,कमली बाई, सावित्री बाई, भागवती बाई, कमली बाई, सावित्र बाई, इन्द्रकली बाई, षिवकली बाई, बेलिया बाई, लल्ली बाई, नरबदिया बाई, दुर्गावती बाई, संतोषी बाई, तेरसिया बाई, रामबाई, फूल बाई, कमला, सियाबाई, पुसनी बाई,गोलवी बाई,सुनीता बाई,निधिया बाई, दुर्गाबाई, विदयावती, गुलबिया बाई, उमा देवी, कलावती, गंगादेवी, पंछीबाई, सोनवती, सुमिता बाई, गनेषिया बाई भक्ती बाई, तिलोकिया बाई एवं ग्राम पंचायत खमरौंध, इन्द्रवती, अमरवती, मोती बाई, मंगली बाई नाम पर 1 लाख 92 हजार रूपये की राषि प्रदान की गई,लेकिन हकीकत कुछ और ही है। अधिकांष हितग्राहियों को इस राषि का लाभ तक नहीं मिल पाया।
उपयंत्रियों का मायाजाल
जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के विभिन्न पंचायतो में अलग-अलग देखरेख के लिए पदस्थ उपयंत्रियों ने इस राषि का जमकर बंदरबांट किया। इसमें ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव से लेकर जनपद पंचायत के अधिकारी भी शामिल है। सन् 2016-17 और 2017-18 में जारी की गई लगभग 300 करोड़ से अधिक की राषि का दुरूपयोग पूरे जिले में किया गया है जिसका लेखा जोखा किष्त दर किष्त जनता के सामने लगातार लाया जा रहा है। देखना यह होगा इस पूरे मामले में क्या कोई ठोस कार्यवाही होती है?
इनका कहना है
हमारे द्वारा कई ग्राम पंचायतों में मुर्गी शेड निर्माण व अन्य कार्यो का निरीक्षण किया गया, जहां पर हजारों की तदात में कार्य कराये गये है कुछ ग्राम पंचायतों में कार्य नहीं हुए है और आधे-अधूरे है जिनका पैसा शासन के खाते में जमा है जिसका दुरूपयोग अभी तक किया जाना नहीं पाया गया है। जो कार्य नहीं हुए उनको हम निरस्त करेगें।
सरोधन सिंह
सीईओ, जिला पंचायत अनूपपुर

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