यहां खुली छूट है रेत माफियाओं को, नेतागिरी की आड़ में बदनाम हो रहा जिला प्रशासन

अनुपपुर/शहडोल-अनूपपुर जिला इन दिनों रेत के अवैध कारोबार में सुर्खियां बटोर रहा है वही सेंटर पॉइंट बना भालूमाडा थाना क्षेत्र इन दिनों चंद कार्यवाही को अंजाम दे कर खाना पूर्ति में लगे हुये है।कहने को तो रेत माफियाओं को ना ही किसी पुलिस प्रशासन का डर है और न ही किसी कानून का जिले में लगे कर्फ्यू पर भी माफियाओं ने ताल ठोक दी है और दिन रात रेत से भरी गाड़ियां सड़कों पर दौड़ रही हैं थाना क्षेत्र के अंदर केवई और सोन नदियों की सीने आए दिन छलनी हो रहे हैं रेत माफियाओं का जबरदस्त रैकेट इन दिनों अनूपपुर प्रशासन को चुनौती दे रहा है रेत कारोबार में मलाई जानते सफेदपोश नेता अपनी राजनीति बस इसी आड़ में कर रहे हैं छोटी मोटी कार्यवाही पर नेताओं के आए दिन फोन ने प्रशासन की कार्यवाही पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है जिसके चलते जिला प्रशासन अनूपपुर बदनाम होता जा रहा है।

रेत पर राजनीति

इन दिनों भालूमाड़ा थाना क्षेत्र के केवई नदी ,पसान रेत खदान, शिव लहरा घाट, ग्राम पौड़ी सोन नदी, बदरा गोडारू नदी, सहित नगर के आसपास नदी नालों से बड़े पैमाने पर अवैध रेत का खनन जोरों से चल रहा है।जबकि जानकारी के मुताबिक अनूपपुर जिले में कहीं भी रेत की वैध खदानें नहीं है साथ ही साथ पूरे प्रदेश में लाक डाउन होने के कारण अनूपपुर कलेक्टर द्वारा शाम 7:00 बजे से लेकर सुबह 7:00 बजे तक कर्फ्यू का आदेश दिया गया है इसके बावजूद भी पूरे क्षेत्र में शाम होते ही चारों तरफ ट्रैक्टरों की आवाजाही चालू हो जाती है और यह लाक डाउन से ही लागू था 22 मार्च से उसी दिन से पूरे क्षेत्र के रेत माफिया रात रात नदी नालों में अवैध रूप से रेत का खनन परिवहन भंडारण लगातार करते आ रहे हैं जिसकी शिकायत शासन प्रशासन तक की गई लेकिन नतीजा सिफर रहा।

बड़ी कार्रवाई पर बड़ा प्रेशर
वहीं शिकायत की गंभीरता को देखते हुए भालूमाडा पुलिस ने 30 मई दिनभर कर्फ्यू था रात के समय सोन नदी पौड़ी घाट से गुरारू नदी से रेत लेकर जा रहे दो ट्रैक्टर को पकड़ कर कार्रवाई की । लेकिन रेत माफियाओं को जरा भी भय नहीं रहा और 31 मई को ही रात 7:00 बजे पुलिस को खबर मिली कि सोन नदी पौड़ी घाट से अवैध उत्खनन हो रहा है जहां पुलिस ने पहुंचकर रेत से लदे ट्रैक्टर वाहन को पौड़ी ग्राम के खरका टोला आगनबाडी स्कूल के पास से जप्त किया।यहां पर जैसे ही पुलिस ने ट्रैक्टर को पकड़ा वैसे ही नेताओं के फोन घन घनाने लगे।इन सफेदपोश नेताओं में क्या सत्ता क्या विपक्ष लेकिन भालूमाडॉ थाना प्रभारी ने किसी की बात नहीं सुनी और उन्होंने अपने फर्ज को निभाते हुए अवैध रेत ट्रैक्टर को थाने लाकर कार्यवाही किए।
थाना प्रभारी ने बताया कि शाम लगभग 7:00 बजे उन्हें खबर मिली थी कि ग्राम पौड़ी सोन नदी घाट से अवैध रूप से रेत का खनन किया जा रहा है जानकारी पर भालूमाडॉ से पुलिस टीम रवाना की गई तब तक ट्रैक्टर चालक रेत को लेकर नदी से बाहर नीले कलर का स्वराज ट्रैक्टर जिसमें नंबर अंकित नहीं है ट्रैक्टर मालिक उमेश केवट पिता श्वेत राम केवट उम्र 38 वर्ष निवासी पौड़ी है जिसका इस्तगासा क्रमांक 3/ 20 धारा 18 (1)18 (5) मध्य प्रदेश उत्खनन भंडारण परिवहन अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई कर खनिज अधिकारी ने न्यायालय मे पेश किया गया ट्रैक्टर में लगभग 3 घन सेंटीमीटर बालू जिसकी कीमत ₹2500 है ।उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी आरएन आर्मो, एस आई आर एन तिवारी ,आरक्षक अभिषेक चौहान ,विवेक त्रिपाठी ,सूर्यभान सिंह, करमजीत सिंह, अजीत सिंह ,एवं सनी गुप्ता शामिल रहे
थाना क्षेत्र में अवैध रेत खनन का बहुत बड़ा रैकेट काम कर रहा है जहां के नेता अवैध रेत कारोबारी सब एक हैं सूत्रों की माने तो जो ट्रैक्टर वाहन इनके साथ मिलकर काम नहीं करता उनके वाहन को वन विभाग माइनिंग विभाग के तहत पकड़वा दिया जाता है और जब ट्रैक्टर पकड़ जाता है तब यही तथाकथित नेता जाकर अधिकारियों के पास समझौता कराते हैं।

वन विभाग भी दागदार
अगर अवैध रेत खनन की सुचना वन विभाग को मिलती है तो वन विभाग के कोतमा रेंजर कार्यवाही करने कि बजाय अवैध कारोबारियों का समर्थन करते हुए यह बात बोलते हैं कि फलां व्यक्ति को कलेक्टर का आदेश है तो हम कार्रवाई कैसे करें आपको शिकायत करना है तो आप पुलिस को कीजिए हम कुछ नहीं कर सकते और तत्काल ही इस बात की जानकारी संबंधित रेत माफिया को विभाग के अधिकारी देते हैं आप को बता दें कि रेंजर साहब पूर्व में भी अपनी कारगुजारी की वाहवाही ट्रैपिंग के माध्यम से लूट चुके हैं उसके बावजूद भी दागी रेंजर रोको आसपास की कमान जिम्मेदारों ने सौंप दी है ताकि पूरा महकमा भी इस अवैध रेत के कारोबार मे फिसल रहा है।

कलेक्टर के नाम का ग्रीन सिगनल लिए घूमते नेताजी

क्षेत्र के सबसे बड़े अवैध रेत कारोबारी सभी जगह जा कर यह बताते हैं कि मुझे कलेक्टर ने 6 महीने के लिए अतिरिक्त रेत खदान का परमिशन दिया है और आज भी इनके वाहन खुलेआम रेत का अवैध खनन परिवहन भंडारण कर रहे हैं।
नगर के पसान रेत खदान में जिसका ठेका समाप्त हो चुका है लेकिन पुराने ठेकेदार द्वारा लगातार रेत का खनन परिवहन किया जा रहा है जहां अन्य ट्रैक्टर मालिकों वाहन चालकों में रेत खनन को लेकर मारपीट वाद विवाद भी हो चुका है जिसकी शिकायत भी थाने में दर्ज कराई गई है यदि नगर में अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो कभी भी कोई भी बड़ी घटना दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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