विद्यालय में नहीं पहुंच रहे शिक्षक

(सुरेश मिश्रा+91 84589 45206)
चंनौड़ी। राज्य सरकार द्वारा शिक्षा में सुधार में लाने के लिए भले ही बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हों, लेकिन कुछ ऐसे भी विद्यालयों हैं जहां शिक्षक ही आमतौर पर नदारद रहते हैं। बुढार विकाश खण्ड के संकुल बिरुहुली के अन्तर्गत शासकीय विद्यालय डोंगरिया टोला चंनौड़ी में शिक्षकों की लापरवाही का कुछ ऐसा ही नमूना मंगलवार को देखने को मिला। दिन के 1 बजे तक विद्यालय में सभी शिक्षक नादरद थे और स्कूली बच्चे बाहर खेलते नजर आए। छात्रों का कहना था कि विद्यालय में कभी-कभार ही शिक्षक रहते है। विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक  विद्यार्थी  हैं। जबकि विद्यालय में एक शिक्षक महेश सिंह व श्रीमती मनीषा पटले नियुक्त हैं। ग्रामीणों  ने बताया कि विद्यालय की शिक्षिका चिकित्सकीय अवकाश पर है। इसलिए वो नही आती। प्रधानाध्यापक महेश सिंह विद्यालय कभी-कभार ही आते हैं। परीक्षा नजदीक है, ऐसे में शिक्षको की लापरवाही व् बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है। जिससे छात्र-छात्राओं को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, छात्रों ने बताया कि हमारे यहां जो शिक्षक हैं, वह कभी कभार तो आते हैं और जब भी मन किया तो स्कूल का ताला बंद कर चले गए । जिससे हमारी पढ़ाई नहीं हो पाती है और अब क्या होगा ऐसे विद्या के मंदिर में भी शिक्षक ना रहे तो बच्चों का क्या होगा  और इनके माता-पिता बड़ी आस लगा कर अपने बालक बालिकाओं को विद्यालय भेजते हैं और शिक्षक स्कूल से नदारद रहते हैं । बच्चे ही आकर विद्यालय खोलते है, शिक्षक की आस लेकर बैठे रहते है, जब शिक्षक 1-2 बजे तक नहीं पहुंचते तो बच्चे ताला वंद कर घर चले जाते है।
इनका कहना है…
मै अभी महेश सिंह से बात करता हूँ, कोई न कोई होना चाहिए।
नरेंद्र पाठक, सीएसी
संकुल केंद्र बिरुहली

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed