विधायक के प्रयास से भर रहा दुलहरा का तालाब

Shrisitaram Patel- 9977922638
अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल के साथ समाजसेवियों का योगदान
कहते है कि जिसमें कुछ करने की दृढइच्छा हो तो सब कुछ कर जाता है और उनके साथ सारी कायनात साथ आने लग जाती है। कुछ ऐसे ही कारनामे दुलहरा के भारत पटेल ने कर दिखाया, 15 वर्षो से सूखे तालाब को भरने की सोच बनाई और कई लोगों का मदद लेकर अंतत: एक बरसात में कार्य को पूर्ण कर ही दिया। साफ नीयत के साथ यदि उद्देश्य स्पष्ट हो तो कोई भी काम मुश्किल नही, अपने अस्तित्व से जूझ रहे दुलहरा तालाब व लगातार नीचे खसक रहे जलस्तर की चिंता व पहल ने एक ही बरसात में तालाब की तस्वीर व स्थानीय वाशिंदो की तकदीर में नया अध्याय जोड दिया।
अनूपपुर। ग्रामीणों की जागरूकता ने एक प्राचीन सूखे पड़े तालाब को सामूहिक प्रयास से पानी से लबालब भर दिया है। इससे अब किसानों को इसके पानी का लाभ मिलने लगा है। ज्ञात हो कि दुलहा तालाब गांव के लगभग 25 एकड़ में फैला प्राचीन तालाब गत पंद्रह सालों से सूखा पड़ा हुआ था। इस कारण इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा था। साथ ही आसपास के क्षेत्र का जल स्तर भी कम हो गया था। हालत यह थी कि तालाब की खाली भूमि पर बच्चे क्रिकेट खेला करते थे। ग्रामीणों ने आपस में बैठकर निर्णय लिया और सूखे तालाब में पानी संग्रहित कर लिया। वर्तमान में दुलहा तालाब में पानी लगातार जाता जा रहा है। सभी ने सराहा कि ये एक अच्छी पहल है। इसमें गांव के हर व्यक्ति को श्रमदान करना चाहिए, कुछ प्रेरणादायक लोगों ने तालाब में पानी भर दिया।
ऐसे किया पुनर्निमाण
दुलहरा ग्राम से लगभग 15 किलोमीटर खोलइया ग्राम के बडवारा नाला से लखनपुर जलाशय तक पानी पहुंचता है। जिसके बाद जलाशय से चंदास नदी डायवर्सन के माध्यम से दुलहा तालाब तक पहुंचता है। 15 वर्षो से यह डायवर्सन पूर्णत: कचरो व मिट्टी से पट चुका था, लेकिन सुंदरपुर ग्राम में रहने वाले मिलनशार किसान भारत पटेल ने यह ठान लिया कि चंदास डायवर्सन का पुनर्निमाण करना है और उनके प्रयास ने कर ही दिखाया। भारत पटेल ने बताया कि इसमें सबसे बडा योगदान हमारे अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल का योगदान है जो हमने सोचा और उन्होने तत्काल हम लोंगों की मदद कर दिये, उन्होने बताया कि विधायक ने तीन लाख रूपए इस पूरे प्रक्रिया के लिये दिये, जिसके बाद यह संभव हो सका कि 15 वर्षो से जो हमे नही मिल पा रहा था वह आज हमे 1 वर्ष में ही मिल गया और सूखा पडा तालाब भर गया।
मेहनत लाई रंग
भू-जल स्तर का लगातार नीचे खसकना, पेडो के साथ तालाबों की संख्या लगातार कम होने के कारण अनूपपुर ही नही बल्कि प्रदेश व देश के हर हिस्से में पानी की समस्या विकराल होती जा रही है। मुख्यालय 3 किलोमीटर दूर दुलहरा ग्राम में स्थित दुलहा तालाब जो कभी आस-पास के लोगों की जीवन को खुसहाल बनाता था, वह कई वर्षो से सूख गया था, आमजन तो किसी तरह खुद के लिए पानी की व्यवस्था कर लेते थे, लेकिन पशु व पक्षी जो दशकों से इस तालाब पर ही निर्भर थे, उनके सामने तालाब सूखने के बाद प्यास बुझाना एक बडी समस्या बनकर उभरी। आज से लगभग तीन महीने पहले स्थानीय विधायक बिसाहूलाल ङ्क्षसह से जब कुषक भारत पटेल ने तालाब की जीर्णोद्वार की बाते रखी तो जीर्णोद्वार की तत्काल स्वीकृति दी, लेकिन संसाधन सीमित होने के कारण मानसून से पहले तालाब का जीर्णोद्वार करना सरल नही था। बहरहाल किसानों की इस पहल को जब विधायक ने हाथो-हाथ लिया तो आगे बढे इन दो हाथो के साथ तालाब के जीर्णोद्वार के लिए कई ग्राम के दर्जनों किसानों के हाथ आगे उठ आये।
महीनों की मेहनत
आज से लगभग तीन महीने पहले तालाब के कायाकल्प के लिए किसान भारत पटेल के द्वारा खुद की ट्रैक्टर व मशीन और स्थानीय मोटर मालिकों के वाहन व मजदूरो की मदद से कार्य कराया गया। बडवार नाला व लखनपुर से चंदास नदी डायवर्सन से दुलहरा तालाब तक की स्थिति देखकर ही किये गये कार्य की गति एवं झोकी गई ताकत आंकी जा सकती है। स्थानीय किसान व काग्रेस पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता भारत पटेल बताया कि हमारे सहयोगी के रूप में मुकेश पटेल, सूरज पटेल, पुरूषोत्तम पटेल, मोहित पटेल, तेरसू पटेल, धन्नू पटेल, मुन्ना पटेल, अनिल पटेल, राजाराम पटेल, मनीष पटेल, राजकुमार पटेल, सीताराम साहू  सहित अन्य ने इस कार्य के लिए भरपूर मेहनत किया है।
ऐसे किया पहल
स्थानीय किसान व कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता भारत पटेल ने सोचा कि क्यो न इस बडी तालाब को भरने की कोई उपाये सोचा जाये, उन्होने सबसे पहले विधायक अनूपपुर बिसाहूलाल से बात की, जहां वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष अग्रवाल व वरिष्ठ कांग्रेस नेता भगवती शुक्ला ने भारत की सराहना करते हुए प्रेरित किया और भारत के इस सोच पर सदैव मदद करने को कहा, जिसके बाद कई बार कार्यस्थल पर पहुंच कर देखे भी। उन्होने कहा कि विकास में किसी प्रकार की कमी नही आयेगी अगर हर व्यक्ति अपने गांव व पंचायत के लिये इस तरह की सोच रखता है तो हम निश्चित ही मदद करने को तैयार है।
बढेगा भू-जलस्तर, मिलेगी प्रेरणा
महीनों की मेहनत के बाद तालाब का लगभग 50 प्रतिशत हिस्से में पानी के भराव का रकवा दोगुना हो गया है। वर्षा के दौरान यदि पानी भरने के लिए सही रास्तों का चयन कर तालाब में लाकर छोड दिया गया तो दुलहरा ही नही बल्कि आस-पास के 60-70 प्रतिशत हिस्से का भू-जलस्तर ऊपर उठ आयेगा। यह बात भी खास है कि संभाग के अन्य कस्बो व ग्रामो में सैकडों की संख्या में तालाब कायाकल्प के लिए तरस रहे है। उनकी संख्या भू-माफियाओं के फेर में घटती जा रही है। अनूपपुर में हुए इस ऐतिहासिक कायाकल्प से अन्य जिलो के जनप्रतिनधि, समाजसेवी व प्रशासनिक अधिकारी पे्ररणा ले सकते है।

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