शहडोल: जिले में डीएम ने लागू किये दो कानून


(Amit Dubey-8818814739)
शहडोल। प्रदेश की सत्ता भले ही बदल गई हो, लेकिन जिले में चल रहे भ्रष्ट कारनामों का सिलसिला थमा नहीं है, मुख्यमंत्री की ”जीरो टॉलरेंसÓÓ रद्दी की टोकरी में है, अधिकारियों को इसकी कोई परवाह नहीं, करीब 20 दिन पहले कांग्रेस नेता व जिंप अध्यक्ष द्वारा ओव्हर लोड जा रहे धान के वाहनों के संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कार्यवाही की मांग की गई थी, लेकिन यह मामला अभी जांच में है, यह दिगर बात है कि गुरूवार को मिली जानकारी के बाद रात में ही एसडीएम व तहसीलदार ने मिलकर रेत से लदे ओव्हर लोड वाहनों को रोककर कार्यवाही कर दी। यह बात समझ से परे है कि जब निर्धारित क्षमता से अधिक सामग्री लोड होने पर वह ओव्हर लोड की श्रेणी में आता है, इस आधार पर रेत के 23 वाहनों को रोककर कार्यवाही की जाती है तो धान से लदे वाहनों पर कार्यवाही के समय आंखे क्यों मूंद ली जाती हैं।
ऑन रिकार्ड है ओव्हर लोड की जानकारी
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित 43 सेवा सहकारी समितियों से धान खरीदी जा रही है, जिसे वाहनों में लोड कर गोदामों तक पहुंचाया जा रहा है, खुद नागरिक आपूर्ति निगम के भोपाल कार्यालय से वाहन ओव्हर लोड न करने के दिशा निर्देश आ चुके हैं, परिवहन विभाग व यातायात विभाग के कायदे भी वाहनों की क्षमता और ओव्हर लोड की बातें साफ करते हैं, रोजाना समितियों से लोड हो रहे वाहनों का क्रमांक, वाहन का नाम और उसमें लोड की गई धान की बोरियों की संख्या तथा कुल वजन वहां के रजिस्टरों सहित नॉन के ऑन लाईन पोर्टल में भी दर्ज होता है। नॉन के ऑन लाईन पोर्टल में दर्ज यह आंकड़े खुद ओव्हर लोड चल रहे वाहनों की कहानी बयां करते हैं, लेकिन कार्यवाही शून्य ही है।
960430 क्विंटल धान रखी बाहर
नागरिक आपूर्ति निगम के ऑन लाईन आंकड़े बताते हैं कि शुक्रवार सुबह 10 बजे तक जिले के कुल 7355 किसानों से अभी तक धान खरीदी गई है, अभी तक कुल 375792.25 धान खरीदी गई है, जिसमें 96430.19 क्ंिवटल धान अभी तक धान खरीदी केन्द्रों के बाहर पड़ी हुई हैं, जबकि नियम यह हैं कि धान खरीदी के 24 घंटे के भीतर उसे संबंधित गोदामों तक पहुंचा देना चाहिए।


पूरी ऊर्जा सिर्फ जुगाड़ बनाने में
नागरिक आपूर्ति निगम के श्री तिवारी और खान की जोड़ी की पूरी ऊर्जा इन दिनों धान खरीदी व उसे परिवहन के दौरान अधिक से अधिक अपना जुगाड़ बनाने में लग रही है, जिले के जिन 43 केन्द्रों से धान खरीदी जा रही है, उसमें यदि नजर डाली जाये तो महज समितियों से गोदाम तक का परिवहन भाड़ा बढ़ाने के फेर में दोनों अधिकारियों ने सुनील कुकरेती को खुली छूट दी हुई है, तीनों मिलकर शासन के धन को निपटाने में लगे हुए हैं, नॉन के ऑन लाईन आंकड़े बताते हैं कि सिंहपुर स्थित समिति से खरीदी गई धान शहडोल की जगह बुढ़ार गोदाम भेज दी जा रही है, वहीं ब्यौहारी क्षेत्र की समितियों से धान परिवहन कर शहडोल लाकर रखी जा रही है, इसी तरह गोहपारू और जयसिंहनगर की कुछ समितियों से क्रय की गई धान उसी क्षेत्र के गोदामों की जगह शहडोल लाकर रखी जा रही है। जिस स्थान से धान खरीदी जा रही है, इसके समीप ही मौजूद गोदाम में धान सिर्फ इसलिए नहीं रखी जा रही है, ताकि परिवहन की लीड बढ़ाई जा सके, जिससे ठेकेदार का भाड़ा बढ़े और उस अनुपात में जुगाड़ भी बढ़ जाये।


इधर बढ़ा दिया 10 प्रतिशत भाड़ा
खबर है कि नॉन के कथित दोनों अधिकारियों ने मिलकर ढोई जा रही धान का भाड़ा 10 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव कलेक्टर के माध्यम से भोपाल भेजकर उस पर स्वीकृति करा ली है, जिससे पूर्व में ठेकेदार से तय की गई भाड़े की राशि अब उसे 10 प्रतिशत बढ़कर उपहार स्वरूप मिलेगी, अचरज की बात है कि जब ठेकेदार ने उतनी राशि में कार्य करना शुरू कर दिया तो उसे बढ़ाने की क्या आवश्यकता आन पड़ी।

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