शहर में अवैध रेत के सरगना बने दुबेजी

चौराहे में लगे कैमरों को हुई रतौंधी

(अमित दुबे+8818814739)
शहडोल। रेत के कारोबार पर प्रशासन ने अभी विराम लगाया हुआ है, न ही किसी भण्डारण और खदान से ईटीपी जारी हो रही है और न ही अभी मानसून खत्म हुआ है कि रेत नदियों से निकाली जा सके। इसके बावजूद शहर में निजी और सरकारी संस्थानों के निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगी, बल्कि इन दिनों इन सभी कार्याे में और तेजी आई हुई है। वहीं संभागीय मुख्यालय में रेत का अवैध कारोबार अपने चरम पर है, जिसके पीछे और कोई नहीं बल्कि दुबेजी है, सूत्र बताते हैं कि कथित रेत माफिया किसी वर्दीधारी के भाई है, मजे की बात तो यह है कि उक्त रेत माफिया द्वारा रात के अंधेरे में नहीं बल्कि दिन के उजाले में शहर में रेत सप्लाई कर रहे हैं, शहर के 172 कैमरों को दुबेजी की डग्गी क्रमांक एमपी 18, 4822 दिखने से पहले रतौंधी हो जाती है और वह दुबेजी की गाड़ी को पुलिस विभाग के कर्मण्ठ अधिकारियों को नहीं दिख पाती।
रात में विभाग करता है जांच
जिम्मेदारों की जिम्मेदारी इसी से समझी जा सकती है कि वह शाम होते ही चौकस हो जाते हैं, चौराहों पर दो पहिया वाहनों को पकड़कर अपनी कार्याे की इतिश्री कर लेते हैं। दुबे जी का वाहन जहां बुधवार को रेत लेकर लगभग चौराहों से निकला, वैसे ही गुरूवार को भी दिन में जिला मुख्यालय में बेधड़क रेत की सप्लाई की, जिससे साफ समझा जा सकता है कि कर्मठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने जानबूझकर उक्त रेत कारोबारी को खुली छूट दी हुई है। हालाकि पुलिस की कार्यप्रणाली पर कोई प्रश्न चिन्ह नहीं लगा सकता, क्योंकि समय-समय पर उक्त विभाग कार्यवाही करते हैं, सूत्र बताते हैं कि 5000 महीने का नुकसान के डर से रेत डग्गियां शायद नहीं दिख पाती।
खैरियत की डपली
पुलिस अधीक्षक द्वारा सख्त निर्देश दिये गये थे कि शहर में किसी भी प्रकार के अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा, साथ ही उसके चलते शहर की चौकसी बढ़ा दी गई, जिसमें शहर में इन दिनों 6 चीता पेट्रोलिंग में लगे हुए है, जिसमें 12 सिपाही तैनात है, 100 डॉयल के दो वाहन शहर की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है, साथ ही लगभग 172 कैमरे शहर के चप्पे-चप्पे पर नजर लगाये बैठे है, इसके साथ ही लगभग चौराहे पर यातायात सहित पुलिस का जवान तैनात मिल सकता है, लेकिन दुबेजी का वाहन जादूई अंदाज में इतने सख्त पहरे के बाद भी शहर में रेत की सप्लाई कर रहा है, यह समझपाना हर आम इंसान के लिए अब आम हो गया कि खुलेआम अधीक्षक के आंखो में धूलझोंखकर मातहत सब खैरियत की डपली बजा रहे हैं।

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