श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन ,14 को होगी कलशयात्रा

श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन 14 को होगी कलश यात्र,,

(नियामुद्दीन अली @ 9993839500)
–कोतमा–नगर के प्रतिश्ठित शिवहरे परिवार द्वारा आयोजित संगीत मयी श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन पुराना हॉस्पिटल प्रांगण में दिनांक 14 /9/2019 से 21/9/2019 तक रखी गयी है।आयोजन कर्ता वार्ड नं 3 के पार्षद व मशहूर भजन गायक संदीप शिवहरे व पूरे परिवार द्वारा आयोजित कथा समस्त पितृ व माता स्व, श्रीमती लक्ष्मी शिवहरे के मोक्षार्थ हेतु रखी गयी है।जो कथावाचक परम् श्रद्धेय आचार्य श्री कृष्ण रेणु जी के मुखार बिंदु से श्रवण कराई जाएगी।कार्यक्रम की शुरुवात प्रथम दिवस दिनांक 14 सितंबर दिन शनिवार को कलशयात्रा से होगी।कलशयात्रा की शुरुवात आदिशक्ति पंचायती मन्दिर देवीजी प्रांगण से दोपहर 2 बजे शुरू होगी। कलश यात्रा उपरांत व्यास गद्दी से शनिवार को ही श्रीमद भागवत महात्म्य एवम अवतार वर्णन होगा।

द्वितीय दिवस रविवार 15/9/2019 को कपिलादेश,सती चरित्र,ध्रुव चरित्र,तृतीय दिवस सोमवार 16/9/2019 को जड़ भारत चरित्र,भक्त प्रहलाद चरित्र,नरसिंह अवतार,चतुर्थ दिवस,17/9/2019 मंगलवार को वामन अवतार रामजन्म,कृष्ण जन्म,पंचम दिवस 18/9 2019 बुधवार को कृष्ण बाललीला व गोवर्धन पूजा षष्ठम दिवस 19/9/2019 को कँशवध रुक्मणि कृष्ण विवाह,20/9/2019 को सुदामा चरित्र शुकदेव विदाई,21/9/2019 को तुलसीवर्षा सहस्र धारा एवम पूर्णाहुति,एवम पर्स वितरण भंडारे का आयोजन रखा गया है
–सभी कामनाओं की पूर्ति के लिए हैं भागवत पुराण–
आचार्य श्री कृष्ण रेणु जी ने कहा है कि भगवान व्यास जी।17 पुराणों की रचना के बाद भी प्रसन्न नहीं थे।नारद जी से पूछने पर उन्होंने व्यास जी को बताया कि मनुष्य की सभी कामनाओं की पूर्ति के लिए पुराण हैं। लेकिन आत्म तृप्ति श्रीहरि की महिमा श्रीमद्बागवत ही कर सकती है। श्रीमद्भागवत की रचना के बाद शुकदेव जी पहली बार श्रीमद्भागवत कथा सुनाने व राजा परिक्षित को इसे पहली बार सुनने का सौभाग्य मिला। शुकागमन व राजा परिक्षित की कथा के माध्यम से बताया कि स्वर्ण यानि धन से लोभ और मोह, आसक्ति बढ़ती है। इसलिए धन का लोभ न करें। कहा कि बुआ कुंती को जब इस बात का ज्ञान हुआ कि श्रीकृष्ण ही श्रीहरि हैं तो उन्होंने उनसे दुनिया भर के दुख मांगे। श्रीकृष्ण के पूछने पर बुआ कुंती ने कहा कि जब दुख होता है तभी हरि का सुमिरन याद आता है। वहीं तुलसिदास के दोहे हरिनाम बिना सब जीव दुखारी… के माध्यम से श्रीहरि नाम की कृपा की व्याख्या की।

श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ आयोजन कर्ता शिवहरे परिवार से लक्ष्मी नारायण शिवहरे,प्रताप शिवहरे,विश्वनाथ शिवहरे,दुर्गा प्रसाद शिवहरे,प्रकाश शिवहरे,मनीष शिवहरे,सुमित शिवहरे,दीपक शिवहरे,आशीष शिवहरे निखिल शिवहरे अमित शिवहरे,अंकित शिवहरे व आयोजन कर्ता संदीप शिवहरे द्वारा बड़े भक्ति भाव से इस भागवत कथा का आयोजन किया गया है व नगर के सभी श्रद्धालु बन्धुओ माताओ बहनो से इस कार्यक्रम में सपरिवार पहुंचकर धर्मलाभ लेने,पूण्य के भागीदार बनने एवम कार्यक्रम को सफल बनाने की करबद्ध प्रार्थना की गई है।

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