संरक्षण और जागरूकता

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सेवानिवृत्त क्षेत्र संचालक मृदुल पाठक का कहना है कि बाघों के संरक्षण के साथ जन जागरूकता भी जरूरी है, जिससे की बाघों की संख्या को बढ़ाया जा सके, संरक्षण के साथ बाघों के भोजन, पानी और रहवास की व्यवस्था महत्वपूर्ण हैं, जन जागरूकता के माध्यम से प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाना चाहिए, उनका यह भी कहना है कि वन अपराधों को देश में सामाजिक अपराध नहीं माना जाता, जिसके चलते शिकार की घटनाएं सामने आती हैं, वन क्षेत्रों से शिकार बाघों का भोजन छीन लेते हैं, जिसके चलते बाघ रिहायशी इलाकों में विचरण करने लगते हैं। बाघों की संख्या बढ़ाने के लिये और उन्हें सुरक्षित रखने के लिये बाघों के विचरण वाले क्षेत्र को सुरक्षित करने के साथ ही उनके संरक्षण और भोजन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। 

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