सरपंच पुत्रों पर अंकुश लगाने ग्रामीणों ने उठाई माँग

विकास कार्यों में हुई अनियमितता की हो जाँच
ग्राम पंचायत कल्हारी का मामला
ब्योहारी। जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कल्हारी में पिछले 10 वर्षो के दरमियान कराये गये विकास कार्यों के गुणवत्ता और सरपंच-सचिव के द्वारा की गई आर्थिक अनियमितता की निष्पक्ष जाँच कराने की माँग ग्रामीणों ने की है। जनपद मुख्यालय से महज दो कि.मी. की दूरी पर बसे ग्राम पंचायत सूखा कल्हारी के रसूखदार सरपंच और उनके पुत्रों के द्वारा आसपास की नदियों से अवैध रेत उत्खनन कर ट्रैक्टरों से परिवहन करने का काम निरंतर किया जा रहा है। पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम विकास की राशि में सचिव के साथ मिलीभगत कर उसे खुर्दबुर्द करने के आरोप ग्राम पंचायत सूखा निबासी अनिल समदरिया ने सरपंच रावेंद्र सिंह पर लगाए है। अनिल ने लिखित शिकायत कर कलेक्टर शहडोल से ग्राम पंचायत अंतर्गत सूखा और कल्हारी गांवों मे कराये गये विकासकार्यो में हुई आर्थिक अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जाँच कराने की माँग की है।
सगे संबंधियों को दिलाया लाभ
ग्राम पंचायत कल्हारी में वर्ष 2010 में कृष्णा सिंह पति रावेन्द्र सिंह निवासी सूखा सरपंच बनी इसके बाद वर्ष 2015 में उनके पति रावेन्द्र सिंह सरपंच बनें जिनका कार्यकाल अभी चल रहा है। सरपंच ग्राम सूखा के प्रभावशाली परिवार से ताल्लुक रखते है। जिसके कारण गांव के लोग विरोध नहीं कर पाते। सूखा निवासी अनिल समदरिया ने शिकायत में कहा है कि ग्राम पंचायत अंतर्गत सरकार की हितग्राही मूलक योजनाओं में पात्रता की अनदेखी करते हुए मनमानी तरीक़े से अपने सगे सम्बंधियों को लाभ देने के साथ ही गांव की सरकारी भूमि पर अपने रिस्तेदार सुरेन्द्र सिंह को कब्जा करा पक्का निर्माण करा दिया है। ग्रामीणों के अनुसार गांव के विकास और गरीबों के उत्थान के लिऐ खर्च होने बाली राशि को अपने हित में खर्च किया जाता है जैसे भूमि सिल्पी, कपिल धारा, पीएम आवास, शौचालय निर्माण आदि का लाभ अपने नजदीकी सम्बंधियों को दिया जाता है अगर किसी के द्वारा मनमानी का विरोध या शिकायत करने पर उक्त सरपंच पुत्रों के द्वारा अभद्रता कर जान से मारने की धमकी दी जाती है। अनिल समदरिया ने शिकायत की जाँच करने और गरीब ग्रामीणों के जानमाल की रक्षा कर उचित न्याय दिलाने की मांग की है।

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