सहकारी समितियों में कार्यरत विक्रेताओं ने 6 सूत्री मांगो को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

अजय नामदेव-7610528622

मांग पूरी नही होने पर 4 दिसम्बर को करेगे आंदोलन
अनूपपुर। सहकारी समितियों में कार्यरत विक्रेताओं के विभिन्न समस्याओं की मांगो को लेकर म.प्र. सहकारित समिति कर्मचारी महासंघ जिला इकाई अनूपपुर ने 26 नवम्बर को संयुक्त कलेक्ट्रेट पहुंच कर 6 सूत्री मांगो को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर विजय कुमार डेहरिया को ज्ञापन सौंपा गया। जहां ज्ञापन के माध्यम से जिलाध्यक्ष रजनीश कुमार तिवारी ने बताया की सहकारी समितियों में कार्यरत विक्रेता जो शासकीय उचित मूल्य दुकानो में कार्यरत है आज भारी समस्याओं से गुजर रहे है। जिसमें विक्रेता शासन की महत्वपूर्ण योजना सार्वजनिक वितरण प्रणाली जो सीधे गरीब उपभोक्ताओं से जुड़ा हुआ कार्य है। उसके विक्रेता पूरी ईमानदारी निष्ठा से कर रहा है, किन्तु आज दिनांक तक शासन द्वारा उचित वेतन नही दिया गया, जिससे आज कर्मचारियों का भूखो मरने की स्थिति निर्मित हो रही है। अत: इस मंहगाई के सूचकांत को देखते हुए विक्रेता का वेतन कम से कम २५ हजार रूपए मासिक वेतन दिए जाने, शासकीय दुकान संचालन में आ रहे खर्चे जिसमें तुलावटि का खर्च विक्रेताओं के उपर अतिरिक्त भार है। विक्रेता अपने वेतन से तुलावटि को परिश्रमिक देता है। पीओएस मशीन में लगने वाला पेपर रोल उसके संचालन में नेट रिचार्ज का भी खर्च विक्रेता अपने वेतन से करता है। अत: उपरोक्त खर्च शासन व संस्था द्वारा प्रदाय किए जाए, उचित मूल्य दुकानो में जो खाद्यान्न वितरण हेतु प्राप्त होता है वह हितग्राहियों को वितरण के दौरान लगभग तीन से चार प्रतिशत तक घटती आ रही है जो विक्रेता के ऊपर गबन खयानत के रूप में डाल दिया जाता है। जो पूर्ण रूप से कर्मचारियों का मानसिक शोषण है। जो पूर्ण रूप से कर्मचारियो का मानसिक शोषण है, अत: तत्काल इस संबंध में उचित प्रयास करते हुए घटती को शासन द्वारा खाद्यान्न प्रदाय कराया जाए, वर्तमान में समितियों में कार्यरत कर्मचारी जो सेवा नियम 2013 के बाद संस्था द्वारा अपने कार्य संचालन हेतु नियुक्त किया गया है उन्हे शासन स्तर पर निकाला जा रहा है उन्हे तत्काल समितियों में वापस पदस्थ किए जाए, आयुक्त महोदय सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाए म.प्र. भोपाल द्वारा कैडर व्यवस्था के तहत संस्था के समस्त कर्मचारियों को योग्यता एवं वरिष्ठता के आधार पर कैडर व्यवस्था में शामिल किया जाए, शासन द्वारा विक्रेता का बीमा कराया जाए जिससे विक्रेता का जीवन सुरक्षित हो। वहीं उक्त मांगो की निराकरण नही किए जाने की स्थिति पर 4 दिसम्बर को आंदोलन किए जाने की बात कही गई।