सीएम से मिलने पहुंचे अतिथि शिक्षकों को पुलिस ने खदेडा

महिला अतिथि शिक्षकों 40 किमी दूर कोतमा थाने में छोडा
पुलिस ने बस में भर कर ले गये सैकडों अतिथि शिक्षकों को
अनूपपुर। जिला मुख्यालय में मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान से मिलने सूदूर क्षेत्र से पहुंचे अतिथि शिक्षकों को पुलिस ने पहले खदेड कर सीतापुर स्थित वन चौकी के अंदर बंद कर दिया था, उसके बाद उन्हे वहां से बाहर निकाल दिया गया, जब मुख्यमंत्री से मिलने सर्किट हाउस जाने लगे तो पुलिस ने बस में भरकर 40 किलोमीटर दूर कोतमा थाने में पहुंचा दिया। जबकि शांति पूर्वक ज्ञापन देने व अपनी समस्या को रूबरू करवाने सडक के किनारे खडे हुए थे।
महिला अतिथि को भी ले गये
अतिथि शिक्षक संघ के सदस्य ज्ञापन देने मुख्यालय पहुंचे थे, जहां पुलिस के द्वारा  उन्हे रास्ते में रोक लिया गया और न तो उन्हे कार्यक्रम स्थल पहुंचा और न ही शांति पूर्वक मिलने दिया, जबकि कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाकर व्यवस्थित कार्यक्रम किया जा सकता था, लेकिन महिला अतिथि शिक्षकों को भी डग्गे में भरकर 40 किलोमीटर दूर कोतमा थाने में पहुंचा दिया, गौरतलब हो कि सभी के घर कई किलोमीटर दूर है और मुख्यालय से आने-जाने का कोई साधन भी नही है, ऐसे में भला वह कैसे सुरक्षित घर पहुंचेगी यह भी एक प्रश्न चिन्ह है।
जनप्रतिनिधियों ने नही दिया साथ
मुख्यमंत्री से शांति पूर्वक मिलने का आग्रह करने के बाद अतिथि शिक्षक मुख्यालय पहुंचे थे, जहां एसडीएम के समक्ष बात रखकर सैकडों अतिथि शिक्षकों में से केवल 3 तीन अतिथि शिक्षक ही मिलने के लिए जाने वाले थे, लेकिन किसी ने भी एक नही सुनी और मुख्यमंत्री के आने से पहले ही उन्हे खदेड दिया गया। खाद्य मंत्री बिसाहूलाल ङ्क्षसह से भी अतिथि शिक्षकों ने चर्चा की गई साथ ही पुलिस अधीक्षक एमएल सोलंकी से की बात करने पर भी किसी ने भी एक नही सुनी और महिला व पुरूष अतिथि शिक्षकों को 40 किलोमीटर दूर पहुंचा दिया।
…आखिर किसके इशारे पर खदेडा
अतिथि शिक्षक के द्वारा बीते दिनों भी शांति पूर्वक ज्ञापन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री के आगमन की बात सुनकर मुख्यालय पहुंचकर अपनी बाते उनके समक्ष रखने वाले थे, जहां किसी भी प्रकार की अव्यवस्था व शांति भंग नही की गई, न तो उन्हे वहां से कार्यक्रम स्थल जाने के लिए बोला गया और नही छोडा गया, बल्कि 40 किलोमीटर दूर बस में भरकर छोड दिया गया। यह सब किसके इशारे पर हुआ यह तो नही पता, लेकिन पुलिस और भाजपा नेताओं ने मिलकन मुख्यमंत्री से मिलने से अतिथि शिक्षकों को रोक दिया।

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