स्वच्छता अभियान का लग रहा पलीता, विवश गंदगी के ढेर के बीच निवासरत कालरी कर्मचारी

Ajay Namdev- 7610528622

जमुना। कोल इंडिया की सहायक कंपनी एसईसीएल के जमुना कोतमा क्षेत्र में सिविल विभाग द्वारा व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है जिसे देखने और सुनने वाला कोई नहीं है जबकि उक्त कंपनी एसईसीएल को मिनीरत्न व महारत्न का दर्जा प्राप्त है लेकिन उसके ठीक विपरीत यहां के अधिकारियों के लिए यह सिर्फ चारागाह मात्र सिद्ध हो रहा है जिसका जीता जागता उदाहरण क्षेत्र के उपक्षेत्र बदरा के श्रमिक नगर कॉलोनी में देखने को मिल रहा है जहां पर कई महीनों से कॉलोनी की सफाई नहीं की गई है जबकि कालरी प्रबंधन द्वारा लाखों रुपए खर्च करके ठेकेदार को कचरा सफाई नाली सफाई का ठेका प्रतिवर्ष देती है कई महीनों से सफाई ना होने के कारण पूरी कॉलोनी गंदगी से पटी हुई है और यहां का कालरी कर्मचारी नारकीय जीवन जीने को विवश है पूरा कचरा एकत्र हो जाने के कारण वह बदबू मार रहा है और उसमें से तरह-तरह के कीड़े उत्पन्न होकर श्रमिकों के घरों में घुस रहे हैं जिसे देखने और सुनने वाला कोई नहीं है यह जमीनी हकीकत उच्चाधिकारियों को आकर देखना चाहिए।

मना रहे हैं स्वच्छता पखवाड़ा

जमुना कोतमा क्षेत्र के महाप्रबंधक एके पांडे द्वारा गत दिनों स्वच्छता पखवाड़ा के नाम पर लाखों रुपए खर्च कर जमुना बस्ती में मनाया गया इसका क्या मतलब है जबकि वहीं दूसरी ओर श्रमिक नगर कॉलोनी मैं गंदगी का अंबार लगा हुआ है स्वच्छता पखवाड़ा मनाना ही है तो महाप्रबंधक महोदय आप जरा श्रमिक नगर कॉलोनी आकर निरीक्षण कर लें जिस कॉलोनी में कालरी के अंदर काम करने वाला कालरी श्रमिक निवास कर रहा है वहां पर आप महज 5 मिनट खड़ा हो कर के देखिए तो सच्चाई खुद-ब-खुद सामने आ जाएगी लेकिन आप श्रमिक नगर कॉलोनी का आकस्मिक निरीक्षण करिए आपकी मदद को जानकारी नहीं होनी चाहिए।

इनकी है मिलीभगत

ज्ञात हो कि जहां एक और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा स्वच्छता अभियान चलाकर करोड़ों अरबों रुपए खर्च किया जा रहा है कि हमारा भारत देश स्वच्छ एवं साफ हो सके जो कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सपना था लेकिन यहां श्रमिक नगर कॉलोनी में तो अधिकारियों ने इस कार्य को भी अपनी कमाई का जरिया बना लिया बताया जाता है कि ठेकेदार के साथ साथ ओवर सियर सिविल इंजीनियर एस ओ सिविल का भारी भरकम कमीशन इस सफाई कार्य में शामिल है यह जांच का विषय है।

छलकता है जाम

ज्ञात हो कि कालरी द्वारा ठेकेदार द्वारा कराए गए कॉलोनी के सफाई के निरीक्षण हेतु कमेटी बनाई गई है जिसमें सभी यूनियन के प्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहते हैं लेकिन जिस दिन निरीक्षण करना होता है उस दिन ठेकेदार द्वारा बफायदे सुरा और सुंदरी की व्यवस्था की जाती है जिससे वे उनके फर्जी कागज पर हस्ताक्षर कर देते हैं और मजदूर गंदगी में जीवन जीने को विवश है।

कार्यवाही की मांग
श्रमिक नगर कॉलोनी के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की जनता यूनियन प्रतिनिधि व आम लोगों ने क्षेत्र के महाप्रबंधक एके पांडे विजिलेंस बिलासपुर सीएमडी बिलासपुर कोल इंडिया के चेयरमैन व कोयला मंत्री से मांग किया है कि सिविल विभाग में चल रहे व्यापक पैमाने पर अनियमितताओं पर रोक लगाई जाए साथ ही इसकी जांच कराकर दोषी जनों पर कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए जिससे की कॉलोनी की सफाई हो सके साथ ही एसईसीएल के पैसों का दुरुपयोग बच सकें और कालोनीवासी को इस नारकीय जीवन से निजात मिल सके।

इनका कहना है

हमारे द्वारा ठेकेदार को सफाई कराने के लिए कहा गया है अगर वह फिर भी सफाई नहीं कराता है तो हम उसे लिखित में नोटिस देंगे
एच एल जायसवाल ओवरसियर बदरा क्षेत्र

श्रमिक नगर कॉलोनी में सफाई क्यों नहीं हो रही है इस संबंध में मैं देखकर ही कुछ बता सकता हूं

अरविंद कुमार एस ओ सिविल
एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र

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