1 वर्ष में जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरणों में 100: प्रतिशत निराकरण

(Amit Dubey-8818814739)
शहडोल। मीडिया सेल प्रभारी नवीन कुमार वर्मा ए.डी.पी.ओ. ने बताया कि वर्ष 2018 में चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज चिन्हित प्रकरणों में अनन्य रूप से जिला अभियोजन के नियमित केडर के अभियोजन अधिकारियों द्वारा पैरवी की गई जिनमें 100 प्रतिशत सजायाबी का लक्ष्य प्राप्त किया गया है। विचाराधीन चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरणों में से न्यायालय द्वारा 13 प्रकरणों का निराकरण किया गया।

सुनाये कड़े फैसले
जिनमें से 01 प्रकरण थाना कोतवाली का अपराध क्र. 255/17 धारा 376,302 भादवि एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5/6 के अधीन सत्र न्यायालय द्वारा सत्र प्रकरण क्र.112/17 में आरोपी विनोद उर्फ राहुल चौहथा को चार वर्षीय बालिका के साथ बलात्कार एवं हत्या के प्रकरण में मृत्यु दंड से दंडित किया गया है। सत्र प्रकरण 221/2016 में थाना गोहपारू के अपराध क्र. 163/16 जिसमें प्रेमदास पनिका द्वारा दो महिलाओं को कमरे में बंद कर कुल्हाड़ी से उनकी गर्दन काट कर हत्या कारित करने के लिए, सत्र प्रकरण क्र. 257/2017 थाना कोतवाली के अपराध क्र. 645/17 धारा 376 (2 आई) एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5/6 में 04 वर्षीय अबोध बालिका के साथ बलात्कार करने के लिए तथा सत्र प्रकरण क्र. 224/2014 थाना बुढ़ार के अपराध क्र. 459/14 धारा 302 में फरियादी के बाबा को डंडे से मारकर मृत्यु कारित करने के लिए आरोपी रामसहाय सिंह गोड़ में कुल 03 प्रकरणों में आरोपी को प्राकृतिक रूप से मृत्यु होने तक के आजीवन कारावास से दंडित किया गया है, 07 अन्य प्रकरणों में आरोपीगणों को आजीवन कारावास से एवं 02 प्रकरण मे आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास के दंड से दंडित किया गया।
मॉनिटरिंग से मिली सफलता
चिन्हित जघन्य एवं सनसनी खेज प्रकरणों के न्यायालय में विचारण के संबंध में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा नियमित रूप से समीक्षा मीटिगों के माध्यम से निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त होता है। विचारण के दौरान साक्षियों की सुरक्षा एवं उनकी उपस्थिति के संबंध में पुलिस विभाग द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारियों का विशेष योगदान रहा। उक्त निर्णित प्रकरणों में से जिला मुख्यालय में विचाराधीन 09 प्रकरणों में जिला अभियोजन अधिकारी/प्रभारी उपसंचालक अभियोजन विश्वजीत पटेल एवं शेष 04 प्रकरणों में तहसील मुख्यालय बुढ़ार में कार्यरत अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजकुमार रावत द्वारा पैरवी की गई।

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