2 दिन, 46 बसें और डेढ़ लाख का जुर्माना

परिवहन कायदों के विपरीत चल रही बसों पर कार्यवाही

शहडोल। सीधी में हुए बस हादसे के बाद पूरे प्रदेश सहित जिले में भी बसों के संचालन में बढ़ती जा रही लापरवाहियों पर प्रशासन ने लगाम कसी, गुरूवार को कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह ने खुद कमान सम्हाली और परिवहन, नगर पालिका व पुलिस सहित अन्य अमले को लेकर दोपहर करीब 12 बजे राजीव गांधी बस अड्डे पहुंच गये, दर्जनों बसों की जांच की गई और जिन बसों को नियमों के विपरीत पाया गया, उन पर कार्यवाही भी की गई, प्रशासनिक कार्यवाही से पूरे बस स्टैण्ड में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और सिफारिशों का दौर भी चलता रहा।
दो दिन और आधा सैकड़ा कार्यवाहियां
गुरूवार से पहले बुधवार को भी परिवहन अधिकारी आशुतोष सिंह भदौरिया और उडऩदस्ता प्रभारी रमेश सिंह द्वारा लगातार बसों की जांचे की गई, बुधवार को 16 बसों पर कार्यवाही की गई, जिसमें पक्षीराज ट्रेवल्स की एक बस को निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर जब्त भी किया गया, यही नहीं छत्तीसगढ़ की दो बसों के साथ गुप्ता ट्रेवल्स व जय श्रीराम ट्रेवल्स की बसों पर भी कार्यवाही की गई। इन बसों से करीब 48 हजार के आस-पास जुर्माना वसूला गया।
फिटनेस रद्द और 1 लाख से अधिक वसूली
गुरूवार को कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश वैश्य के निर्देशन में परिवहन अधिकारी आशुतोष सिंह भदौरिया, नगर पालिका शहडोल के सीएमओ अमित तिवारी व दर्जनों की संख्या में नपा व पुलिस तथा अन्य विभाग के कर्मचारी नये बस स्टैण्ड पहुंचे, यहां 20 बसों की जांच के दौरान उनमें गड़बडिय़ां पाई गई तथा 6 बसों पर ब्यौहारी में जांच के दौरान कार्यवाही की गई, इनमें से 3 बसों का फिटनेस रद्द करने के भी निर्देश जारी किये गये, कुल 1 लाख 8 हजार के आस-पास का जुर्माना वसूला गया।
मापदण्डो का पालन न करना पड़ा महंगा
कलेक्टर ने बस नं. एमपी-18 पी 0755, एमपी-10 टी 0401, एमपी-18 पी 0130, सीजी-10 जी- 2266, एमपी-18 पी 0556, एमपी-18 पी 2007, एमपी -18 पी 6401, एमपी-18 पी 2234, एमपी-18 पी 0270, एमपी-180-0318, एमपी-18 पी 1048 आदि बसो का स्वयं निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, निर्धारित मापदण्डो का पालन न करने तथा बसो की जर्जर अवस्था पाये जाने पर 08 बसो का परिवहन लाईसेंस निरस्त करने निर्देश जिला परिवहन अधिकारी को दिए।
(बॉक्स बनाकर लगाये)
मुखिया ने दी समझाईश
कलेक्टर जांच के दौरान निर्देश दिए कि ड्राइवर एवं कन्डेक्टर अपने डियूटी के दौरान नशा आदि न करे साथ ही बस संचालक ड्राइवर एवं कन्डेक्टर का पुलिस वैरीफिकेशन कराना भी सुनिश्चित करें, जिससे यह सुनिश्चित किया जाए कि ड्राइवर एवं कंडेक्टर आपराधिक प्रवृत्ति का न हो। कलेक्टर ने कहा कि गाडी को खड़ी रखने के लिए बाणगंगा मैदान में स्थान नियत किया गया है। अत: सभी बस संचालक यह सुनिश्चित करे कि बस स्टेण्ड में अनावश्यक रूप से बसो को न खड़ी रखे और नियत स्थान पर ही बसो को खड़ी रखना सुनिश्चित करे।

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