29 को शहडोल और सीधी की जनता चुनेगी अपना सांसद

(Amit Dubey-8818814739)
शहडोल। आमचुनाव के लिए केन्द्रीय चुनाव आयोग ने रविवार को तारीखों का एैलान कर दिया, जिसके बाद प्रदेश के की सियासत में अपना अहम रोल रखने वाली आरक्षित शहडोल संसदीय सीट और सीधी सामान्य सीट के लिए 29 अप्रैल को मतदान होंगे, शहडोल संसदीय क्षेत्र में शहडोल, अनूपपुर, उमरिया और कटनी जिलों की 8 विधानसभाएं आती हैं, सीधी लोकसभा सीट में ब्यौहारी की विधानसभा शामिल है, सियासी मायनों में दोनों सीटें अपना अहम स्थान रखती है, शहडोल से कांग्रेस के स्व. दलबीर सिंह केन्द्रीय मंत्री रहे और भाजपा से दलपत सिंह परस्ते और ज्ञान सिंह का भी कब्जा रखा और सीधी से प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अर्जुन सिंह के गृह जिले वाली लोकसभा सीट होने के चलते मुकाबला हमेशा ही रोचक रहा है, पिछले आम चुनाव में सीधी सीट में भाजपा को विजयश्री हाथ लगी थी। शहडोल संसदीय सीट से 2014 में भाजपा के स्व. दलपत सिंह परस्ते ने कांग्रेस स्व. श्रीमती राजेश नंदनी सिंह को हराया था। उपचुनाव में भाजपा के ज्ञान सिंह ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. दलबीर सिंह की पुत्री हिमाद्री सिंह को कम अंतर से ही हराते हुए सीट पर कब्जा बरकरार रखा था।
कांग्रेस-भाजपा को बराबर मौका
शहडोल संसदीय सीट के मौजूदा समीकरणों को देखा जाये तो अनूपपुर जिले की पुष्पराजगढ़, कोतमा और अनूपपुर, शहडोल जिले की जैतपुर और जयसिंहनगर, उमरिया जिले के मानपुर और बांधवगढ़ के अलावा कटनी जिले की बड़वारा विधानसभा संसदीय सीट में शामिल है, 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पास 4 और भाजपा के पास संसदीय सीट में 4 विधानसभा सीट पर कब्जा है। अगर विधानसभा में वोटों के प्रतिशत को देखा जाये तो कांग्रेस भले ही 8 विधानसभा में चार विधानसभा जीत सकी थी, लेकिन 21 हजार से अधिक मतों से कांग्रेस आगे थी।
कब-कब कौन जीता
1957 में आनंद चंद्रजोशी कांग्रेस से सांसद बने, 1962 में समाजवादी के बुद्ध सिंह, 1967 में जी.कुमारी कांग्रेस से, 1971 में निर्दलीय धनशाह, 1977 में भारतीय लोकदल से दलपत सिंह परस्ते, 1980 में कांग्रेस से दलबीर सिंह, 1984 में कांग्रेस से दलबीर सिंह, 1989 में जनता दल से दलपत सिंह परस्ते, 1991 में कांग्रेस से दलबीर सिंह, 1996 में भाजपा के ज्ञान सिंह, 1998 में ज्ञान सिंह, 1999 में भाजपा से दलपत सिंह परस्ते, 2004 में भाजपा से दलपत सिंह परस्ते, 2009 में कांग्रेस से राजेश नंदनी सिंह और 2014 में भाजपा के दलपत सिंह ने जीत हासिल की थी, लेकिन आकस्मिक निधन के बाद रिक्त हुई सीट पर उपचुनाव में भाजपा ने ज्ञान सिंह को मैदान में उतारा था, जिन्होंने कांग्रेस की हिमाद्री सिंह को हराया था।

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