3 साल से कृषि कार्य को तरसता बुढ़वा का कौशल

पानी के आभाव में बंजर हो रही कई एकड़ कृषि भूमि

(शंभू यादव-9826550631)
शहडोल। बिजली विभाग की योजनाएं ब्यौहारी के बुढ़वा गांव के किसानों के लिए अब बेमानी साबित हो रही है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते दर्जनभर किसानों की बस्ती और खेत सिंचाई के अभाव में सूख के बंजर होते जा रहे हैं। यहा खंभे खड़ा करना तो दूर खंभे खेत पर ही छोड़ जिम्मेदार भूल गए हैं।
पीडि़त किसान परिवार काट रहा चक्कर
ब्यौहारी के बुढ़वा गांव का किसान परिवार सरकारी नियम क़ानून के झंझट में विगत 3 साल से कृषि कार्य से वंचित हो रहा है। बुढ़वा के दरी नंबर 2 के कौशल प्रसाद द्विवेदी का परिवार आज भी खेती किसानी कर अपने परिवार का जीवन यापन कर रहा है, लेकिन सरकारी दांवपेच के चक्कर मे बिखरता जा रहा है। लिहाजा विभागों के चौखट पर आये दिन चक्कर लगा रहा हैं। हैरान करने वाली बात तो यह कि अधिकारी किसानों से दस्तावेज का ज्ञान बांट रहे हैं। किसान द्वारा मजबूरन रोड से लेकर खेत तक बल्ली के सहारे तार खीचकर बिजली आपूर्ति चालू की गई है, जो कभी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकती है।
बंजर हो रही कृषि भूमि
संभागीय मुख्यालय के अंतिम छोर ब्यौहारी के बुढ़वा गांव के लिए खंभे दिए गए हैं, बुढ़वा गांव के किसान कौशल प्रसाद द्विवेदी की दरी नंबर 2 में कृषि योग्य भूमि है, कौशल ने बताया कि सिंचाई का साधन नहीं था किसी कदर कर्ज लेकर बोर कराया गया है, लेकिन पर्याप्त बिजली के न होने से बोर भी बंद पड़ा रहता है, वहीं बारिश के सहारे खेती करते हैं। खेत में ट्यूवेल के लिए बोर करा लिया है। तीन साल से खम्भे खेत मे पड़े हुए हैं। इस ओर विभाग के त्रिपाठी जी सहित जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
समस्या पर हावी सरकारी तंत्र
किसान तार खींचने के लिए विभागीय अधिकारियों से बीते 3 सालों से लगातार गुजारिश करता रहा, लेकिन अधिकारियों द्वारा किसानों को नए सिरे से आवेदन करने की बात कह लंबे समय से टाला जा रहा है, इसी तरह बुढ़वा के दर्जनों किसानों की कई एकड़ की जमीन सिंचाई के अभाव में बंजर हो रही है, ये कहानी अकेले इस गांव की नहीं। बल्कि ब्यौहारी से लगे बनसुकली,खड्डा, मऊ,सरशी, झिरिया, करकी, टिहकी, मीठी सहित बुढ़वा जैसे कई गांव हैं, किसानों का कहना है कि कहीं खंभे खड़े है तो तार नहीं लगा, कहीं खंभे खेत पर नीचे डले हैं, मजे की बात तो यह पूरी सरकार गांव-गांव बिजली पहुंचाने के दावे इन्हीं खंभो के भरोसे कर रही है।
ट्यूवेल का कनेक्शन करने परेशान किसान
बुढ़वा के दरी नंबर 2 में किसानों के खेतों तक ठूठे खंभे खड़े हैं, किसानों ने विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी किसानों को ट्यवेल का कनेक्शन करें। जिससे किसानों की सिंचाई की समस्या दूर हो सके। इसके अलावा बस्ती में रोशनी पहुंचे। आसपास की गरीबों की झोपड़ी में वल्ब की रोशन नसीब नहीं हो रही है।
इनका कहना है…
मेरे पास अभी तक कौशल प्रसाद द्विवेदी नाम के व्यक्ति के कोई भी आवेदन नही आये हैं। आवेदन मिले होते तो समस्या का समाधान जरूर होता।
बसंत गुप्ता
जेई, विधुत विभाग
बाणसागर, शहडोल

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3 साल से कृषि कार्य को तरसता बुढ़वा का कौशल

पानी के आभाव में बंजर हो रही कई एकड़ कृषि भूमि

(शंभू यादव-9826550631)
शहडोल। बिजली विभाग की योजनाएं ब्यौहारी के बुढ़वा गांव के किसानों के लिए अब बेमानी साबित हो रही है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते दर्जनभर किसानों की बस्ती और खेत सिंचाई के अभाव में सूख के बंजर होते जा रहे हैं। यहा खंभे खड़ा करना तो दूर खंभे खेत पर ही छोड़ जिम्मेदार भूल गए हैं।
पीडि़त किसान परिवार काट रहा चक्कर
ब्यौहारी के बुढ़वा गांव का किसान परिवार सरकारी नियम क़ानून के झंझट में विगत 3 साल से कृषि कार्य से वंचित हो रहा है। बुढ़वा के दरी नंबर 2 के कौशल प्रसाद द्विवेदी का परिवार आज भी खेती किसानी कर अपने परिवार का जीवन यापन कर रहा है, लेकिन सरकारी दांवपेच के चक्कर मे बिखरता जा रहा है। लिहाजा विभागों के चौखट पर आये दिन चक्कर लगा रहा हैं। हैरान करने वाली बात तो यह कि अधिकारी किसानों से दस्तावेज का ज्ञान बांट रहे हैं। किसान द्वारा मजबूरन रोड से लेकर खेत तक बल्ली के सहारे तार खीचकर बिजली आपूर्ति चालू की गई है, जो कभी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकती है।
बंजर हो रही कृषि भूमि
संभागीय मुख्यालय के अंतिम छोर ब्यौहारी के बुढ़वा गांव के लिए खंभे दिए गए हैं, बुढ़वा गांव के किसान कौशल प्रसाद द्विवेदी की दरी नंबर 2 में कृषि योग्य भूमि है, कौशल ने बताया कि सिंचाई का साधन नहीं था किसी कदर कर्ज लेकर बोर कराया गया है, लेकिन पर्याप्त बिजली के न होने से बोर भी बंद पड़ा रहता है, वहीं बारिश के सहारे खेती करते हैं। खेत में ट्यूवेल के लिए बोर करा लिया है। तीन साल से खम्भे खेत मे पड़े हुए हैं। इस ओर विभाग के त्रिपाठी जी सहित जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
समस्या पर हावी सरकारी तंत्र
किसान तार खींचने के लिए विभागीय अधिकारियों से बीते 3 सालों से लगातार गुजारिश करता रहा, लेकिन अधिकारियों द्वारा किसानों को नए सिरे से आवेदन करने की बात कह लंबे समय से टाला जा रहा है, इसी तरह बुढ़वा के दर्जनों किसानों की कई एकड़ की जमीन सिंचाई के अभाव में बंजर हो रही है, ये कहानी अकेले इस गांव की नहीं। बल्कि ब्यौहारी से लगे बनसुकली,खड्डा, मऊ,सरशी, झिरिया, करकी, टिहकी, मीठी सहित बुढ़वा जैसे कई गांव हैं, किसानों का कहना है कि कहीं खंभे खड़े है तो तार नहीं लगा, कहीं खंभे खेत पर नीचे डले हैं, मजे की बात तो यह पूरी सरकार गांव-गांव बिजली पहुंचाने के दावे इन्हीं खंभो के भरोसे कर रही है।
ट्यूवेल का कनेक्शन करने परेशान किसान
बुढ़वा के दरी नंबर 2 में किसानों के खेतों तक ठूठे खंभे खड़े हैं, किसानों ने विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी किसानों को ट्यवेल का कनेक्शन करें। जिससे किसानों की सिंचाई की समस्या दूर हो सके। इसके अलावा बस्ती में रोशनी पहुंचे। आसपास की गरीबों की झोपड़ी में वल्ब की रोशन नसीब नहीं हो रही है।
इनका कहना है…
मेरे पास अभी तक कौशल प्रसाद द्विवेदी नाम के व्यक्ति के कोई भी आवेदन नही आये हैं। आवेदन मिले होते तो समस्या का समाधान जरूर होता।
बसंत गुप्ता
जेई, विधुत विभाग
बाणसागर, शहडोल

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