3000 के आसपास पहुंची संख्या दुनिया के 70 फीसदी बाघ भारत में पाये जाते हैं,

इंटर नेशनल यूनियन फॉर कंजरवेंशन ऑफ नेचर में 2010 में बाघों को विलुप्त प्रजाति करार दिया था, जिसके बाद से बाघों के संरक्षण के लिये केन्द्र और राज्य सरकार ने विभिन्न कार्यक्रमों को तहत बाघों की संख्या बढ़ाने और संरक्षण की ओर काम करना शुरू किया था, जिसका परिणाम 2018 में सामने आया। जारी किये गये आंकड़ों में वर्ष 2018 में 2967 बाघ पूरे देश भर में पाये गये, जबकि 2014 में 2226, 2010 में 1706 और 2006 में 1411 बाघ थे। बाघों की गणना हर चार वर्षों में की जाती है, यह आंकड़े वल्र्ड वाईल्ड लाइफ फंड एण्ड ग्लोबल टाइगर फर्म के मुताबिक हैं। 

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