विश्वनाथ के आगे बेवश प्रशासन, शासकीय भवन को तोडकर ले गया खिडकी-दरवाजा

मंत्री सहित जिला प्रशासन को शिकायत के बाद भी नहीं रूका अतिक्रमण  टेंट व्यवसायी ने जेसीबी लगाकर गिरा दिया गया आंगनबाडी माफियाओं और अतिक्रमणकारियों पर पूरे प्रदेश भर में कार्यवाही की जा रही है, लेकिन यहां शासकीय भवन को तोडकर विश्वनाथ ने कब्जा कर लिया, इतना ही नही भवन में लगी सामग्रियों को अपने कार्य में उपयोग भी कर लिया, शिकायते पंचायत से लेकर संभाग सहित खाद्य मंत्री से भी की कई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अतिक्रमणकारी पर एफआईआर तक दर्ज नही करवा पाये।
अनूपपुर। जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत बरगवां में निर्मित आंगनबाडी केन्द्र में टेंट कारोबारी के द्वारा कब्जा कर लिया गया था, लोगों ने इसकी शिकायत मंत्री सहित जिला प्रशासन के सभी दरवाजों पर अतिक्रमण की शिकायत के बाद भी अनवरत अतिक्रमण जारी है, ज्ञात हो कि कुछ महीने पहले टेंट व्यवसाई वार्ड क्रमांक 8 पर निर्मित आंगनवाड़ी भवन को तोड़कर उसमें लगे खिड़की दरवाजे को रात के अंधेरे में निकलवा कर अपने निजी कार्य में प्रयोग कर लिया गया, जिसकी शिकायत पंचायत के द्वारा व आम लोगों के द्वारा भी पटवारी सहित अनूपपुर तहसीलदार को शिकायत के साथ सूचना भी दी गई, इसके बावजूद भी आज दिनांक तक आंगनबाड़ी को तोडऩे वाले और फिर अतिक्रमण कर दीवाल उठाने वाले विश्वनाथ कहार नामक व्यक्ति के ऊपर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई।
मंत्री के आदेश की हुई अवहेलना
जिले के मंत्री एवं विकास पुरुष के नाम से जानने वाले बिसाहूलाल सिंह पिछले माह कोरोना योद्धाओं के सम्मान के लिए आए हुए थे। तब यहां पर कई ग्रामीणों द्वारा पुराने आंगनबाड़ी को तोड़कर अतिक्रमण की बात की शिकायत की गई थी जिस पर तत्काल मंत्री जी के द्वारा तहसीलदार अनूपपुर को आदेश देते हुए जांच की बात कहीं गई थी, लेकिन जैसे ही मंत्री जी का दौरा भोपाल का हुआ तहसीलदार ने सुध लेना ही बंद कर दिया। इसके साथ ही सीएम हेल्प लाईन में भी इसकी शिकायत की गई है, लेकिन अभी तक नतीजा सिफर ही रहा है।
शिकायत पर कार्यवाही बेअसर
शासकीय भूमि पर बने आंगनबाड़ी के क्षेत्र पर वार्ड क्रमांक 8 में रहने वाले टेंट व्यवसाई ने पूर्ण कब्जा कर लिया है वहीं इस मामले पर क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा कमिश्नर ऑफिस, कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एसडीएम, सीईओ जनपद जैतहरी आदि जगह लिखित में शिकायत देने के बावजूद भी विश्वनाथ कहार और कुछ कब्जाधारियों पर किसी प्रकार की कोई भी कार्यवाही नहीं की गई।
अतिक्रमणकर्ता पर मेहरबान प्रशासन
खाद्य मंत्री के संज्ञान में जब मामले को लाया गया तो उन्होनें विधिवत कार्यवाही करते हुए अतिक्रमणमुक्त कराने के निर्देश तहसीलदार को दिये थे, लेकिन मंत्री की बातों को दरकिनार करते हुए अतिक्रमणकारी को ऐसे ही छोड दिया गया है। नियमानुसार ग्राम पंचायतों में जितनी भी परिसंपत्तियों रहती हैं उनका प्रतिवर्ष चिन्हित कर अलग से फंड जारी किया जाता है और विशेष मदों से रखरखाव के लिए अलग से भुगतान किया जाता है। फिर भी लाखों रुपया की बिल्डिंग क्यों जर्जर हो गई और इसे बिना कलेक्टर के अनुमति के बिना जेसीबी लगाकर पूरी तरह रातो-रात क्यों गिरा दिया गया, यह समझ के परे है।
शासकीय भूमि पर कब्जा 
बरगवां पंचायत के वार्ड क्रमांक 8 पर टेंट व्यवसाई पर गुंडा गिरी पर उतारू होकर रात के अंधेरे में शासकीय भवन को जेसीबी लगाकर गिरा दिया और उसमें लगे खिड़की दरवाजे व लोहे को पार करते हुए अवैध अतिक्रमण कर आंगनबाड़ी के जमीन को अपने हाथ में ले लिया है। इस तरह से कार्य करने वालों को शिकायत के बावजूद भी क्यों छोड़ा जा रहा है, लेकिन इस क्षेत्र में रह रहे पटवारी, सरपंच मिलकर साथ दे रहे हैं तभी तो खुलेआम शासकीय भवन को गिरा कर अपने कब्जे में कर लिया गया है और कोई इस ओर उचित कार्यवाही नहीं कर सके। इनका कहना है
मैं इसे तत्काल दिखवाता हूं, अगर शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है तो एफआईआर भी दर्ज कराई जायेगी।
भागीरथी लहरे, तहसीलदार 
तहसील अनूपपुर

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